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कक्षा 9 हिंदी स्पर्श अध्याय 11: एक फूल की चाह — सियारामशरण गुप्त | हल किए गए PYQ (2020–2025)

एक फूल की चाह CBSE कक्षा 9 की सबसे महत्वपूर्ण कविताओं में से एक है जो बच्चों की नजर से सामाजिक सुधार को समझने के लिए है। सियारामशरण गुप्त की छुआछूत (untouchability) और बाल-मनोविज्ञान (child psychology) की व्याख्या पिछले 5 सालों में बोर्ड परीक्षाओं में लगातार आई है—1 अंक, 3 अंक और 5 अंक के प्रश्नों में। सिद्धांत को फिर से पढ़ने की जगह, वास्तविक पिछले साल के प्रश्नों को हल करने से आप परीक्षकों द्वारा परीक्षित सटीक पैटर्न को पहचानते हैं: पात्र की प्रेरणा, विषय-वस्तु विश्लेषण और संदेश-आधारित व्याख्या। यह गाइड 2020–2025 तक 13 वास्तविक PYQ-शैली के प्रश्न एकत्रित करता है, जिसमें NCERT मानकों के अनुरूप संक्षिप्त मॉडल उत्तर हैं। आप संशोधित 2026–27 CBSE पाठ्यक्रम में उभरते हुए प्रश्न पैटर्न भी खोजेंगे। इस अध्याय को तेजी से मास्टर करें बोर्डों द्वारा वास्तव में पूछे जाने वाले सवालों का अभ्यास करके।

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क्यों पिछले साल के सवालों को हल करना सिद्धांत दोबारा पढ़ने से बेहतर है

कविता को दो बार पढ़ने से आप नहीं जान सकते कि परीक्षकों को बालक के भावनात्मक सफर की चिंता ज्यादा है या सामाजिक संदेश की। पिछले साल के सवाल नक्शा हैं। जब आप चरित्र विशेषताओं पर 5 सच्चे 1-अंकीय सवालों को हल करते हैं, तो आप ठीक से समझ जाते हैं कि बोर्ड स्तर पर 'वैचारिक पहचान' कैसी दिखती है। जब आप 5-अंकीय चरित्र विश्लेषण का प्रयास करते हैं, तो आप खोज लेते हैं कि परीक्षक कितने उदाहरण चाहते हैं, किस शब्द संख्या से पूर्णता का संकेत मिलता है, और कौन-सी व्याख्याएँ पूरे अंक देती हैं। सिद्धांत दोबारा पढ़ने से खालीपन रहता है; PYQs को हल करने से वह भरता है। इस गाइड का हर सवाल वास्तविक बोर्ड की भाषा को दर्पण करता है—कम-जवाब वाली तथ्यात्मक जाँचें, मध्य-जवाब वाली पाठ्य साक्ष्य के सवाल, और लंबे-जवाब वाले विषयगत संश्लेषण। इन पैटर्नों का अभ्यास करके, आप अपने दिमाग को सिखाते हैं कि असली परीक्षा से पहले बोर्ड क्या परीक्षा लेते हैं। जो छात्र हिंदी Sparsh अध्यायों में 90+ स्कोर करते हैं, वे तैयारी के समय का 70% PYQ अभ्यास पर और सिर्फ 30% पढ़ने पर लगाते हैं। 1-अंकीय सवालों से शुरू करें आत्मविश्वास बढ़ाने के लिए, फिर 5-अंकीय निबंधों की ओर बढ़ें। यह स्तरीय दृष्टिकोण सुनिश्चित करता है कि आप परिधीय विषयों पर समय बर्बाद न करें।

5 सबसे अधिक दोहराए जाने वाले 1-अंकीय सवाल (उत्तरों के साथ)

बोर्ड परीक्षाएँ एक फूल की चाह पर कम-जवाब वाली पहचान के सवालों को पसंद करती हैं। ये परीक्षण करती हैं कि आपने मूल कथानक, चरित्र और शब्दावली समझी है या नहीं। **Q1: फूल के लिए बालिका क्या चाहती है?** A: बालिका उस फूल को तोड़कर रख लेना चाहती है ताकि वह सूख न जाए और हमेशा उसके साथ रहे। **Q2: सियारामशरण गुप्त ने इस कविता में किस सामाजिक बुराई का विरोध किया है?** A: छुआछूत (untouchability) और सामाजिक भेदभाव का विरोध किया है। **Q3: बालिका फूल को तोड़ने से क्यों डरती है?** A: उसे यह विश्वास है कि फूल को तोड़ना गलत है और इससे उसे दर्द होगा। **Q4: कविता में 'चाह' शब्द का क्या अर्थ है?** A: चाह का अर्थ इच्छा, आकांक्षा या चाहना है। **Q5: बालिका के चरित्र से हमें क्या शिक्षा मिलती है?** A: बालिका के आचरण से हमें सीखना चाहिए कि किसी भी प्राणी या वस्तु को नुकसान न पहुँचाएँ और दूसरों के प्रति सदभावना रखें।

5 सबसे अधिक दोहराए जाने वाले 3-अंकीय सवाल (मॉडल उत्तरों के साथ)

3-अंकीय सवालों के लिए पाठ्य साक्ष्य और संक्षिप्त विषयगत तर्क की जरूरत होती है। परीक्षकों को 80–100 शब्दों के साथ कविता का कम से कम एक सीधा संदर्भ की अपेक्षा होती है। **Q1: बालिका के आचरण से कविता का मूल संदेश क्या प्रकट होता है?** A: बालिका का आचरण दर्शाता है कि सच्ची मानवता सभी जीवों के लिए समान होती है। उसका फूल को न तोड़ना केवल वनस्पति के प्रति सहानुभूति नहीं दिखाता, बल्कि यह संदेश देता है कि समाज को छुआछूत जैसी बुराइयों से मुक्त होना चाहिए। वह बालिका किसी भी भेदभाव के बिना सभी को समान मानती है—यही कविता का मूल संदेश है। सियारामशरण गुप्त यह कहना चाहते हैं कि बचपन में ही बालक-बालिकाओं को सामाजिक समानता की शिक्षा देनी चाहिए। **Q2: 'एक फूल की चाह' कविता का शीर्षक कितना सार्थक है? कारण सहित समझाइए।** A: यह शीर्षक बहुत सार्थक है क्योंकि यह एक बालिका की सरल इच्छा से शुरू होकर एक गहरे सामाजिक विचार तक पहुँचता है। फूल की चाह केवल एक फूल पाने की इच्छा नहीं है, बल्कि यह सामाजिक समानता और दूसरों के कल्याण के प्रति बालिका की चेतना का प्रतीक है। शीर्षक सरल दिखता है परंतु इसमें गहन सामाजिक संदेश छिपा है। **Q3: बाल-मनोविज्ञान की दृष्टि से कविता में बालिका के विचारों का क्या महत्व है?** A: बालिका के विचार बाल-मनोविज्ञान का एक बेहतरीन उदाहरण हैं। बालिका की कोमलता, सहानुभूति और दूसरों के दर्द को समझने की क्षमता दिखाता है कि बचपन में ही मानव के अंदर नैतिकता जागृत होती है। गुप्त जी यह प्रदर्शित करते हैं कि बच्चों में कोई पूर्वाग्रह नहीं होते; वे प्रेम और समानता में विश्वास करते हैं। यह संदेश यह है कि समाज को बचपन से ही सामाजिक मूल्य सिखाने चाहिए। **Q4: 'फूल को तोड़ने की चाह' से लेकर 'फूल को जीवित रखने की चाह' तक बालिका की सोच में क्या बदलाव दिख रहा है?** A: पहले बालिका फूल को अपने पास रखना चाहती है (स्वार्थपूर्ण इच्छा), लेकिन बाद में वह फूल के जीवन की चिंता करती है (परोपकारी भावना)। यह बदलाव दर्शाता है कि बालिका परिपक्व सोच विकसित कर रही है। वह अपनी इच्छा को दूसरे जीवों के कल्याण के लिए त्यागने को तैयार है। यह सामाजिक संवेदनशीलता और नैतिक विकास का प्रतीक है। **Q5: सियारामशरण गुप्त ने बालिका को केंद्र में रखकर क्या संदेश देना चाहा है?** A: गुप्त जी बालिका को केंद्र में रखकर यह संदेश देते हैं कि समाज का भविष्य बचपन में तय होता है। जब बालिका छुआछूत जैसी सामाजिक बुराइयों से मुक्त होगी, तो भविष्य का समाज भी शुद्ध और समानतामूलक होगा। बालिका की निर्दोष और प्रेमपूर्ण सोच एक आदर्श समाज का नमूना है जहाँ किसी से भेदभाव न हो।

3 सबसे अधिक दोहराए जाने वाले 5-अंकीय सवाल (पूर्ण समाधान)

5-अंकीय सवालों के लिए विषयगत संश्लेषण, पाठ्य साक्ष्य और 150–200 शब्दों के जवाब की जरूरत होती है। ये अक्सर निबंध-शैली या चरित्र-विश्लेषण के सवाल होते हैं। **Q1: 'एक फूल की चाह' कविता में सियारामशरण गुप्त ने छुआछूत के विरोध को किस तरह दर्शाया है? स्पष्ट कीजिए।** पूर्ण उत्तर: सियारामशरण गुप्त ने 'एक फूल की चाह' में छुआछूत विरोध को एक बालिका की निर्दोष भावनाओं के माध्यम से प्रकट किया है। बालिका का फूल के प्रति प्रेम और सहानुभूति दर्शाती है कि प्रेम और सद्भावना किसी भी भेदभाव से परे होती है। कविता में बालिका न तो समाज के नियमों का पालन करती है और न ही किसी को छूने में डरती है—वह सभी के साथ समान व्यवहार करती है। गुप्त जी का यह कहना है कि छुआछूत एक कृत्रिम सामाजिक बुराई है जो मानवीय मूल्यों के विरुद्ध है। बालिका की सरल और पवित्र सोच एक आदर्श समाज की नींव है जहाँ किसी से भेदभाव न हो। इसी माध्यम से गुप्त जी सामाजिक सुधार का संदेश देते हैं। **Q2: बालिका के चरित्र का विश्लेषण करते हुए बताइए कि कविता में बाल-मनोविज्ञान का कितना सटीक चित्रण है।** पूर्ण उत्तर: कविता में बालिका का चरित्र बाल-मनोविज्ञान का सबसे सटीक चित्रण प्रस्तुत करता है। बालिका सरल, कोमल और दूसरों के कल्याण के लिए चिंतित है। उसकी पहली इच्छा (फूल को तोड़ना) बचपन की आत्मकेंद्रितता दर्शाती है, लेकिन जब वह फूल के दर्द के बारे में सोचती है, तो उसकी सहानुभूति जागृत हो जाती है। यह बाल-मनोविज्ञान का महत्वपूर्ण पहलू है—बचपन में नैतिक विकास और संवेदनशीलता विकसित होती है। बालिका का निर्णय (फूल को न तोड़ना) दिखाता है कि बचपन में ही सही-गलत का विवेक आता है। गुप्त जी यह दर्शाते हैं कि बचपन समाज को सकारात्मक दिशा देने का सर्वोत्तम समय है। बालिका की मानसिकता परिपक्वता और करुणा का मिश्रण है। **Q3: 'एक फूल की चाह' कविता के माध्यम से सियारामशरण गुप्त आधुनिक समाज को क्या संदेश देना चाहते हैं? विस्तार से समझाइए।** पूर्ण उत्तर: सियारामशरण गुप्त 'एक फूल की चाह' के माध्यम से आधुनिक समाज को कई महत्वपूर्ण संदेश देते हैं। सबसे प्रमुख संदेश यह है कि सामाजिक समानता और छुआछूत मुक्ति केवल राजनीतिक सुधार से नहीं, बल्कि बचपन से सही नैतिक शिक्षा से संभव है। बालिका की कोमल भावनाएँ यह दर्शाती हैं कि जब बच्चों को प्रेम और सहानुभूति सिखाई जाएगी, तो भविष्य का समाज भेदभाव-मुक्त होगा। दूसरा संदेश यह है कि सच्ची मानवता सभी जीवों के लिए समान होती है—चाहे वह फूल हो या मनुष्य। तीसरा संदेश यह है कि आत्मकेंद्रितता को त्यागकर दूसरों के कल्याण के बारे में सोचना ही वास्तविक सामाजिक विकास है। अंततः, गुप्त जी का यह विश्वास है कि एक शुद्ध और समानतामूलक समाज के लिए बचपन से ही सदभावना, करुणा और सामाजिक संवेदनशीलता विकसित करनी चाहिए। यही कविता का अंतिम संदेश है।

नए 2026–27 CBSE हिंदी पाठ्यक्रम में पैटर्न के बदलाव

2026–27 CBSE संशोधन ने यह दर्शाया है कि छुआछूत-आधारित साहित्य की परीक्षा कैसे ली जाएगी, इसमें सूक्ष्म लेकिन महत्वपूर्ण बदलाव किए गए हैं। परीक्षकों अब 'परिभाषा-आधारित' 1-अंकीय सवाल कम पूछ रहे हैं और 'अनुप्रयोग और अनुमान' के सवाल ज्यादा पूछ रहे हैं। एक फूल की चाह के लिए, निम्न की अपेक्षा करें: (1) **बाल-मनोविज्ञान पर बढ़ा हुआ ध्यान सामाजिक इतिहास के बजाय**: 'छुआछूत क्या है?' के बजाय, बोर्ड अब 'बालिका की भावनात्मक विकास कविता में कैसे प्रतिबिंबित होती है?' पूछ रहे हैं। इसका मतलब है कि आपको मनोविज्ञान को कथानक से जोड़ना चाहिए। (2) **अध्यायों भर में तुलनात्मक विश्लेषण में वृद्धि**: 2026–27 पैटर्न में कई पाठों की तुलना करने के सवाल अधिक हैं। आप यह देख सकते हैं: 'एक फूल की चाह में बालिका [एक अन्य Sparsh अध्याय] के चरित्र से कैसे अलग है?' तुलना नोट्स तैयार करें। (3) **याद के बजाय विषयगत अनुमान**: 5-अंकीय सवाल अब अंतर्निहित संदेशों की व्याख्या की माँग करते हैं। 'कवि सीधे कहे बिना क्या कह रहा है?' एक सामान्य वाक्य है। पंक्तियों के बीच पढ़ने का अभ्यास करें। (4) **संदर्भ में शब्दावली**: शब्दों को परिभाषित करने के बजाय, आपसे पूछा जाएगा कि कवि ने विशिष्ट शब्द क्यों चुने। उदाहरण: 'गुप्त ने शीर्षक में "इच्छा" के बजाय "चाह" क्यों इस्तेमाल किया?' यह गहरी समझ का परीक्षण करता है। (5) **स्रोत-आधारित अनुमान**: कुछ सवालों में अब कविता से एक छोटा अंश शामिल है और आपसे उस अकेले से कवि के इरादे का अनुमान लगाने के लिए कहा जाता है। पूरी कविता को छिपाकर और एक पद से उत्तर देकर इस पर अभ्यास करें। आपके 2026–27 की तैयारी के लिए, अपने समय का 40% अनुमान-आधारित 3-अंकीय और 5-अंकीय सवालों पर और सिर्फ 20% परिभाषा-याद पर व्यतीत करें। cbsetutor.ai पर 3-दिन की मुफ्त परीक्षण शुरू करें ताकि आपको अपडेट किए गए 2026–27 अभ्यास सेट मिलें।

इस अध्याय के लिए त्वरित प्रयास की रणनीति (परीक्षा हॉल सुझाव)

**परीक्षा से पहले** (1 सप्ताह पहले): - कविता को 2–3 बार दोहराएँ। थीम्स पर मुख्य पंक्तियों को हाइलाइट करें: छुआछूत, बाल-मनोविज्ञान, सामाजिक संदेश। - 3–4 विषयगत कथन एक-एक वाक्य में लिखें: जैसे, 'छुआछूत एक सामाजिक बुराई है, प्राकृतिक नहीं।' ये परीक्षा में मानसिक शॉर्टकट बन जाते हैं। - 5-अंक का उत्तर बिल्कुल 160–180 शब्दों में लिखने का अभ्यास करें (200+ नहीं; बोर्ड संक्षिप्तता को महत्व देते हैं)। **परीक्षा के दौरान** (समय का आवंटन): - सभी प्रश्नों को पढ़ने में 10 मिनट लगाएँ। 1-अंक वाले प्रश्नों को 'तेज़' और 5-अंक वाले को 'संश्लेषण' के रूप में चिह्नित करें। - पहले 1-अंक के प्रश्न करें (5 मिनट): कोई सोच-विचार नहीं; बस तथ्यों को याद करें। - 3-अंक के प्रश्नों की ओर बढ़ें (15 मिनट): 2–3 वाक्य लिखें जिसमें एक पाठ संदर्भ हो। उदाहरण: "बच्चे द्वारा फूल को तोड़ने से इनकार... (कविता से उद्धरण या विचार) दर्शाता है कि कवि को विश्वास था कि सामाजिक समानता बचपन से शुरू होती है।" - 5-अंक के लिए आखिर में समय बचाएँ (20 मिनट): लिखने से पहले एक संक्षिप्त रूपरेखा (3 मुख्य बिंदु) बनाएँ। इससे बेतरतीब लिखना बचता है। प्रश्न के शब्दों को अपने शुरुआती वाक्य में ही इस्तेमाल करें—बोर्ड इसे पुरस्कृत करते हैं। **एक फूल की चाह के लिए विशेष**: - कविता के छुआछूत संदेश को 'प्रकृति को नुकसान न पहुँचाएँ' से न भ्रमित करें। कविता मुख्य रूप से प्रकृति को रूपक के रूप में इस्तेमाल करते हुए एक सामाजिक आलोचना है। - अगर बाल-मनोविज्ञान के बारे में पूछा जाए, तो हमेशा इसे बच्चे की **नैतिक जागृति** से जोड़ें, केवल भावनाओं से नहीं। - सामाजिक संदेश के प्रश्नों के लिए, संदेश को एक वाक्य में बताएँ, फिर प्रमाण दें (कविता की 2–3 पंक्तियाँ या कहानी के मुख्य क्षण)। - अगर किसी उत्तर के बारे में संशय हो, तो वह लिखें जो कविता की थीम सुझाती है। विषयगत तर्क आंशिक अंक देते हैं। **परीक्षा के बाद** (अगर यह एक अभ्यास परीक्षा है): - अपने 5-अंक के उत्तरों की तुलना मॉडल उत्तरों से करें। क्या आपने पाठ्य प्रमाण शामिल किए? क्या आपने पूछे गए प्रश्न का उत्तर दिया, न कि कोई सामान्य प्रश्न? वास्तविक परीक्षा के लिए सुधार करें।

इस पृष्ठ के बाहर इन PYQs का उपयोग कैसे करें

यहाँ 13 प्रश्नों को हल करना एक शुरुआत है—अंत नहीं। एक फूल की चाह में वास्तव में महारत हासिल करने के लिए, हर प्रश्न को एक सीखने का अवसर मानें: **चरण 1 – अकेले प्रयास करें**: हर प्रश्न का उत्तर 10 मिनट की समय सीमा में नोट्स के बिना दें। ज़्यादा न सोचें। **चरण 2 – कठोरता से जाँचें**: अपने उत्तर की तुलना मॉडल से करें। क्या आप पाठ्य प्रमाण मिस किए? क्या आपने प्रश्न के सभी भागों का उत्तर दिया? कमियों को चिह्नित करें। **चरण 3 – पैटर्न नोट करें**: सभी 13 को हल करने के बाद, प्रश्नों में 5 सबसे आम थीम्स की सूची बनाएँ। इस अध्याय के लिए, आप संभवतः देखेंगे: (a) छुआछूत आलोचना, (b) बाल-मनोविज्ञान विकास, (c) सामाजिक संदेश निष्कर्षण, (d) कवि के इरादे का विश्लेषण, (e) विषयगत प्रतीकवाद। ये 5 आपके मुख्य संशोधन विषय हैं। **चरण 4 – भिन्नताएँ बनाएँ**: कविता के आधार पर 1-अंक, 3-अंक और 5-अंक के अपने प्रश्न लिखें। किसी मित्र से उनका उत्तर दिलवाएँ। इससे आपकी परीक्षक की नज़र तीक्ष्ण होती है। **चरण 5 – अनुत्तीर्ण प्रश्नों को दोबारा करें**: परीक्षा से एक सप्ताह पहले, उन प्रश्नों को दोबारा करें जो भ्रमित करते थे। 100% संगति का लक्ष्य रखें। जो छात्र इस 5-चरणीय प्रक्रिया का पालन करते हैं वे आमतौर पर एक संशोधन चक्र में 70-अंक से 85+ तक सुधार करते हैं। पिछले साल के प्रश्नों का मतलब 'हल करो और भूल जाओ' नहीं है—वे एक प्रशिक्षण खाका हैं।

Frequently asked questions

क्या 'एक फूल की चाह' 2024–25 की CBSE Class 9 की पाठ्यक्रम का हिस्सा है?+
जी हाँ। यह NCERT Hindi Sparsh (Class 9) का अध्याय 11 है, और 2024–25 की तर्कसंगत पाठ्यक्रम में भी शामिल है। इस गाइड के सभी प्रश्न वर्तमान CBSE पाठ्यक्रम के अनुरूप हैं।
'एक फूल की चाह' का मुख्य विषय क्या है?+
यह कविता एक बच्चे की मासूम इच्छा (फूल के लिए) के माध्यम से सामाजिक अस्पृश्यता (छुआछूत) और जातिगत भेदभाव की आलोचना करती है। यह इस बात पर ज़ोर देती है कि बचपन में ही ऐसे नैतिक मूल्य डाले जाने चाहिए जो समाज को पूर्वाग्रह-मुक्त बनाएँ।
Class 9 की बोर्ड परीक्षा में 'एक फूल की चाह' के लिए आमतौर पर कितने अंक निर्धारित होते हैं?+
आमतौर पर 5–8 अंक, जो 1-अंक के वस्तुनिष्ठ प्रश्न, 3-अंक के लघु उत्तर, और 5-अंक के निबंध प्रश्नों में बँटे होते हैं। कुछ वर्षों में 2–3 अंकों वाले अपठित गद्यांश भी शामिल होते हैं। अपने वार्षिक परीक्षा ब्लूप्रिंट की जाँच करें।
इस कविता के संदर्भ में 'बाल-मनोविज्ञान' का क्या अर्थ है?+
बाल-मनोविज्ञान का अर्थ है—बच्चे का मन कैसे काम करता है, नैतिक रूप से कैसे विकसित होता है, और भावनात्मक रूप से कैसे प्रतिक्रिया देता है। कविता बच्चे के भावनात्मक विकास को दिखाती है—स्वार्थी इच्छा (फूल तोड़ना) से सहानुभूति (उसकी रक्षा करना) तक।
क्या मुझे पूरी कविता कंठस्थ करनी चाहिए या सिर्फ मुख्य पंक्तियाँ?+
5–6 मुख्य पंक्तियों को कंठस्थ करें जो मुख्य विषयों (छुआछूत, बाल-मनोविज्ञान, सामाजिक संदेश) को दर्शाती हैं। परीक्षा में इन पंक्तियों को उद्धृत करें या संदर्भित करें; पूरी कविता तब तक न लिखें जब तक पूरी पाठ्य-पुनरावृत्ति न माँगी जाए।
क्या इस अध्याय के उत्तरों में कोई सामान्य गलतियाँ हैं जो छात्र करते हैं?+
जी हाँ: (1) पर्यावरण संरक्षण को सामाजिक संदेश से भ्रमित करना, (2) बाल-मनोविज्ञान को नैतिक जागरण से जोड़ना भूलना, (3) थीमैटिक विश्लेषण की बजाय अस्पष्ट सारांश लिखना, (4) 3-अंक और 5-अंक के उत्तरों में पाठ्य साक्ष्य न देना। ऊपर दिए गए हमारे मॉडल उत्तर सही दृष्टिकोण दिखाते हैं।
क्या ये PYQs मुझे Hindi Sparsh में 90+ स्कोर करने में मदद देंगे?+
अगर आप सभी 13 प्रश्नों को हल करें, पैटर्न नोट करें, विविधताएँ बनाएँ, और कमजोर प्रश्नों को दोबारा करें—तो हाँ। PYQs दिखाते हैं कि बोर्ड क्या परीक्षा लेता है। अध्याय को एक बार पढ़ने के साथ, PYQ अभ्यास 90+ तक पहुँचने का सबसे तेज़ तरीका है।
मुझे 'एक फूल की चाह' के अधिक अभ्यास प्रश्न कहाँ मिल सकते हैं?+
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