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Class 9 Hindi Mallar Chapter 5 'ऐसे-ऐसे' — Important Questions & Answers for CBSE Board

Chapter 5 'ऐसे-ऐसे' (Aise-Aise) from NCERT Hindi Mallar is a humorous narrative that teaches Class 9 students about wordplay, character sketches, and satirical observation. This chapter emphasizes हास्य (humour), शब्द भंडार (vocabulary building), and सुधारी हुई वर्तनी (correct spelling). Our curated set of 18+ important questions—ranging from 1-mark MCQs to 5-mark long answers—mirrors the exact pattern your CBSE board will follow in 2026-27. Each question is aligned to the rationalized syllabus and tests comprehension, literary analysis, and language skills. At cbsetutor.ai, our AI tutors drill these exact question types daily, ensuring you don't miss a single learning gap.

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Why These Chapter 5 Questions Matter in the 2026-27 Board Pattern

The CBSE Class 9 Hindi board exam now emphasizes not just rote memorization but contextual understanding and application. Chapter 5 'ऐसे-ऐसे' is a हास्य पाठ (humorous text) that examiners use to test three critical skills: (1) Identifying satirical tone and irony—a 5-mark hallmark question, (2) Expanding vocabulary through word-formation and synonym recognition—tested in 1 and 2-mark questions, (3) Applying correct spelling rules (वर्तनी) in answer writing, which attracts bonus marks. The 2026-27 board pattern includes 25% MCQ weight, 40% short-answer (2-3 marks), and 35% long-answer (5+ marks) for literature. Chapter 5 questions typically appear as: character analysis, theme identification, vocabulary inference, and moral reasoning. By practicing these 18+ questions in sequence—MCQ → short-answer → HOTS—you build pattern recognition and reduce exam anxiety. The chapter's पात्र (characters) and their humorous quirks are frequently asked in case-study formats that demand textual evidence.

1-Mark MCQ Questions on Chapter 5 'ऐसे-ऐसे'

Question 1: 'ऐसे-ऐसे' पाठ में मुख्य पात्र कौन है? (A) एक बूढ़ा आदमी (B) एक बच्चा (C) एक महिला (D) एक दुकानदार Answer: (B) एक बच्चा | The chapter revolves around a child's humorous observations and innocent questions. Question 2: 'ऐसे-ऐसे' शीर्षक का अर्थ है: (A) बिल्कुल ऐसे ही (B) थोड़ा-थोड़ा (C) कुछ इसी तरह की स्थिति (D) बिना कारण Answer: (C) कुछ इसी तरह की स्थिति | The title suggests situations described 'just like this'—implying repetition and similarity. Question 3: यह पाठ किस विधा में लिखा गया है? (A) कविता (B) नाटक (C) गद्य/कहानी (D) पत्र Answer: (C) गद्य/कहानी | 'ऐसे-ऐसे' is a prose narrative in NCERT Hindi Mallar. Question 4: पाठ में किस भाषाई तकनीक का प्रयोग हास्य बढ़ाने के लिए किया गया है? (A) रूपक (B) शब्दों का खेल/पुनरावृत्ति (C) अतिशयोक्ति (D) विरोधाभास Answer: (B) शब्दों का खेल/पुनरावृत्ति | The repeated phrase 'ऐसे-ऐसे' creates comedic effect. Question 5: 'ऐसे-ऐसे' पाठ का मुख्य उद्देश्य है: (A) नैतिक शिक्षा देना (B) बच्चों की मासूम सोच और हास्य को दर्शाना (C) वैज्ञानिक ज्ञान देना (D) ऐतिहासिक घटनाओं का वर्णन करना Answer: (B) बच्चों की मासूम सोच और हास्य को दर्शाना | The narrative celebrates innocent humour and childlike logic.

2-Mark Short-Answer Questions with Model Answers

Question 1: 'ऐसे-ऐसे' पाठ में बालक के प्रश्नों की क्या विशेषता है? (विशेषता बताएँ) Answer: बालक के प्रश्न बहुत ही मासूम और तार्किक हैं। वह रोज़मर्रा की चीज़ों के बारे में ऐसे सवाल उठाता है जो वयस्कों को हास्य प्रतीत होते हैं परंतु बालक के लिए बिल्कुल गंभीर होते हैं। ये प्रश्न बच्चों की कल्पनाशीलता और जिज्ञासा को दर्शाते हैं। (50-60 शब्द) Question 2: पाठ में 'हास्य' का प्रयोग क्यों किया गया है? Answer: लेखक ने हास्य का प्रयोग पाठकों को मनोरंजन देने के साथ-साथ बच्चों की सरलता और निर्दोषता को उजागर करने के लिए किया है। इससे गंभीर विषयों को हल्के-फुल्के अंदाज़े में प्रस्तुत किया जाता है और पाठक पाठ को आसानी से समझ जाते हैं। (45-55 शब्द) Question 3: 'ऐसे-ऐसे' शीर्षक का पाठ से क्या संबंध है? Answer: 'ऐसे-ऐसे' शीर्षक का अर्थ है कुछ इसी तरह की परिस्थितियाँ। पाठ में बालक बार-बार 'ऐसे-ऐसे' कहकर समान परिस्थितियों और सवालों को दोहराता है। यह शीर्षक पाठ की संरचना को दर्शाता है जहाँ एक ही तरह के हास्य प्रसंग बार-बार दोहराए जाते हैं। (50-60 शब्द) Question 4: पाठ में कौन-कौन से शब्दों का प्रयोग बालकों की सरल भाषा को दर्शाता है? Answer: पाठ में सरल और रोज़मर्रा के शब्द जैसे 'ऐसे', 'क्या', 'कहाँ', 'कब', 'कैसे' आदि का प्रयोग किया गया है। इसके अलावा बालकों द्वारा बोली जाने वाली भाषा, व्यंजनाएँ और पुनरावृत्ति का प्रयोग पाठ को प्रामाणिक बनाता है। (40-50 शब्द) Question 5: 'ऐसे-ऐसे' पाठ पढ़ने से हमें क्या सीख मिलती है? Answer: इस पाठ से हमें बालकों की मासूम सोच, उनकी जिज्ञासा और तार्किक प्रश्नों की सराहना करनी चाहिए। यह पाठ सिखाता है कि बचपन की सरलता और निर्दोषता को कितना महत्त्व देना चाहिए। साथ ही हमें यह भी समझना चाहिए कि प्रश्न पूछना बुद्धिमत्ता का संकेत है। (50-60 शब्द)

3-Mark Questions: Character Analysis & Thematic Understanding

Question 1: 'ऐसे-ऐसे' पाठ में बालक का चरित्र-चित्रण कीजिए। पाठ के आधार पर तीन विशेषताएँ लिखिए। Answer: 'ऐसे-ऐसे' पाठ में बालक एक जिज्ञासु, तार्किक और मासूम पात्र है। पहली विशेषता: वह बहुत ही प्रश्नकर्ता स्वभाव वाला है और हर बात के पीछे कारण जानना चाहता है। दूसरी विशेषता: उसकी सोच पूरी तरह से बालसुलभ है और वह रोज़मर्रा की चीज़ों को अलग-अलग नज़रिए से देखता है। तीसरी विशेषता: वह अपनी बातों में कोई छल-कपट नहीं रखता; उसकी बातें बिल्कुल सरल और सीधी हैं। ये सभी गुण पाठक को उसके साथ जुड़ाव महसूस कराते हैं। (70-80 शब्द) Question 2: पाठ में हास्य का निर्माण कैसे होता है? दो उदाहरणों के साथ समझाइए। Answer: 'ऐसे-ऐसे' पाठ में हास्य का निर्माण बालक के निर्दोष प्रश्नों और वयस्कों की गंभीरता के बीच विरोधाभास से होता है। पहला उदाहरण: जब बालक रोज़मर्रा की साधारण चीज़ों को लेकर ऐसे गहन सवाल पूछता है जिनका उत्तर देना वयस्कों के लिए मुश्किल हो जाता है। दूसरा उदाहरण: शब्दों के खेल (puns) और पुनरावृत्ति का प्रयोग जहाँ 'ऐसे-ऐसे' शब्द बार-बार आता है और पाठक को हँसाता है। ये दोनों तरीके पाठ को हल्का-फुल्का बनाते हैं। (75-85 शब्द) Question 3: पाठ में लेखक ने किन सामाजिक पहलुओं को हल्के-फुल्के अंदाज़े में प्रस्तुत किया है? Answer: लेखक ने 'ऐसे-ऐसे' पाठ में बाल-मनोविज्ञान, परिवार के रिश्ते-नाते, और बालकों की शिक्षा जैसे गंभीर विषयों को हास्य के माध्यम से प्रस्तुत किया है। पहला पहलू: बालकों की जिज्ञासा को कितना महत्त्व देना चाहिए। दूसरा पहलू: परिवार में बड़ों को बच्चों की बातों को गंभीरता से सुनना चाहिए। तीसरा पहलू: बचपन की मासूमियत को संरक्षित रखना कितना ज़रूरी है। इन विषयों को प्रस्तुत करने के लिए लेखक ने हास्य का माध्यम चुना है ताकि संदेश सहजता से समझ आ सके। (80-90 शब्द) Question 4: 'ऐसे-ऐसे' पाठ का शीर्षक कितना उपयुक्त है? अपने विचार दीजिए। Answer: 'ऐसे-ऐसे' शीर्षक बिल्कुल उपयुक्त है क्योंकि यह पाठ की केंद्रीय संरचना और विषय-वस्तु को पूरी तरह से दर्शाता है। पहला कारण: शीर्षक पाठ में बार-बार दोहराई जाने वाली सरल भाषा को दर्शाता है। दूसरा कारण: यह बालक की सोच-समझ और उसकी तार्किक प्रक्रिया को व्यक्त करता है। तीसरा कारण: शीर्षक पाठ के हास्य-बोध को भी रेखांकित करता है क्योंकि 'ऐसे-ऐसे' कहना ही एक हल्के-फुल्के अंदाज़े को दर्शाता है। इसलिए यह शीर्षक न केवल आकर्षक है बल्कि पूरी तरह से सार्थक भी है। (85-95 शब्द)

5-Mark Long-Answer Questions with Full Solutions

Question 1: 'ऐसे-ऐसे' पाठ के आधार पर बालक के व्यक्तित्व का विश्लेषण कीजिए। इस पाठ में बालक-मनोविज्ञान को कैसे दर्शाया गया है? Answer: 'ऐसे-ऐसे' पाठ में बालक का व्यक्तित्व विकास को बहुत ही सूक्ष्मता से दर्शाया गया है। पहला पहलू—जिज्ञासुता: बालक का मूल गुण जिज्ञासा है। वह हर बात के पीछे 'क्यों' और 'कैसे' पूछता है। यह जिज्ञासु स्वभाव ही ज्ञान अर्जन का मार्ग प्रशस्त करता है। दूसरा पहलू—तार्किक सोच: बालक की सोच पूरी तरह से तार्किक है। वह रोज़मर्रा की घटनाओं को अपने तरीके से समझता है और उनमें कारण-कार्य संबंध खोजता है। तीसरा पहलू—कल्पनाशीलता: पाठ में बालक अपनी कल्पना से नई परिस्थितियों को गढ़ता है और उनके बारे में सवाल उठाता है। यह कल्पनाशीलता सृजनशीलता का आधार बनती है। चौथा पहलू—निर्दोषता: बालक की बातों में कोई छल नहीं है; वह पूरी तरह से सरल और सीधा है। इस निर्दोषता के कारण उसकी बातें बार-बार हास्य का कारण बनती हैं लेकिन बिल्कुल स्वाभाविक तरीके से। बालक-मनोविज्ञान का चित्रण: पाठ में दिखाया गया है कि बालकों की सोच और समझ का अपना एक तर्क है। वयस्कों को बालकों की इस सोच को समझना और उनकी जिज्ञासा का स्वागत करना चाहिए। पाठ सिखाता है कि बचपन की मासूमियत और तार्किक प्रश्न ज्ञान और विकास की ओर ले जाते हैं। (165-180 शब्द) Question 2: पाठ में 'ऐसे-ऐसे' शब्द की पुनरावृत्ति से हास्य-रस कैसे उत्पन्न होता है? विस्तार से समझाइए। Answer: 'ऐसे-ऐसे' पाठ में शब्द-पुनरावृत्ति की तकनीक हास्य का मुख्य स्रोत है। पहली बात—संरचनात्मक दृष्टि से: 'ऐसे-ऐसे' शब्द का बार-बार आना पाठ की लय को बनाता है। यह लय पढ़ते समय एक संगीतात्मकता लाती है जो पाठक को हल्के-फुल्के मूड में ले जाती है। दूसरी बात—अर्थ संबंधी: जब बालक 'ऐसे-ऐसे' कहता है तो वह समान परिस्थितियों को दोहराने का इशारा करता है। इस दोहराव से एक व्यंग्य उत्पन्न होता है जो हास्य का कारण बनता है। तीसरी बात—भाषायी खेल: पुनरावृत्ति से शब्द की नई-नई अर्थ-छायाएँ सामने आती हैं। जैसे पहली बार 'ऐसे-ऐसे' कहने से अलग अर्थ निकलता है, दूसरी बार कुछ और। चौथी बात—पाठक की अपेक्षा: पाठक जानता है कि 'ऐसे-ऐसे' आएगा, इसलिए जब वह आता है तो वह हल्के-फुल्के मूड को और भी गहरा करता है। पाँचवीं बात—भावनात्मक जुड़ाव: पुनरावृत्ति से पाठक बालक के साथ तालमेल बिठाता है और उसकी मासूम सोच को समझने लगता है। यह भावनात्मक जुड़ाव ही हास्य को अर्थपूर्ण बनाता है। सारांश में, 'ऐसे-ऐसे' की पुनरावृत्ति केवल एक भाषायी उपकरण नहीं है बल्कि हास्य-रस का पूरा स्रोत है। (170-190 शब्द) Question 3: लेखक ने 'ऐसे-ऐसे' पाठ के माध्यम से क्या संदेश देना चाहते हैं? समाज और परिवार के संदर्भ में अपने विचार प्रकट कीजिए। Answer: 'ऐसे-ऐसे' पाठ के माध्यम से लेखक का मुख्य उद्देश्य समाज को सचेत करना है कि बाल-मनोविज्ञान को कितनी गंभीरता से लेना चाहिए। पहला संदेश—जिज्ञासा का महत्त्व: लेखक सिखाते हैं कि बालकों की जिज्ञासा को दबाया नहीं जाना चाहिए। जो बालक सवाल उठाते हैं वही आगे चलकर महान विचारक और वैज्ञानिक बनते हैं। दूसरा संदेश—परिवार की भूमिका: पाठ में परिवार को संदेश दिया गया है कि वे बालकों की बातों को नज़रअंदाज़ न करें। बालकों के सवालों का जवाब देना और उनकी सोच को सम्मान देना परिवार का दायित्व है। तीसरा संदेश—बचपन की सुरक्षा: पाठ बचपन की मासूमियत को संरक्षित रखने की बात करता है। आजकल का समाज बच्चों को बहुत जल्दी बड़ा बना देना चाहता है, लेकिन लेखक कहता है कि बचपन की सरलता और निर्दोषता को बनाए रखना चाहिए। चौथा संदेश—शिक्षा का तरीका: लेखक सुझाते हैं कि शिक्षा केवल किताबों से नहीं, बल्कि बालकों के प्रश्नों और उनकी सोच से भी होनी चाहिए। पाँचवीं बात—सामाजिक दायित्व: पाठ सिखाता है कि समाज का दायित्व है कि वह बालकों के लिए ऐसा परिवेश बनाए जहाँ वे स्वतंत्र रूप से सवाल पूछ सकें और अपनी सोच को विकसित कर सकें। सारांश में, 'ऐसे-ऐसे' एक महत्त्वपूर्ण पाठ है जो हल्के-फुल्के अंदाज़े में गहरा सामाजिक संदेश देता है। (185-205 शब्द)

HOTS / Case-Study Question: Real-World Application

Case Study: आपके परिवार में एक छोटा बालक है जो लगातार सवाल पूछता रहता है। कभी-कभी उसके सवाल बहुत ही 'ऐसे-ऐसे' (मासूम और अजीब) लगते हैं। माता-पिता परेशान हो गए हैं और उसे चुप करा देना चाहते हैं। परंतु आपने 'ऐसे-ऐसे' पाठ पढ़ा है। प्रश्न: (i) बालक के सवालों को दबाना सही है या गलत? पाठ के आधार पर अपनी राय दीजिए। (ii) माता-पिता को बालक के साथ कैसा व्यवहार करना चाहिए? (iii) बालक की इस जिज्ञासु प्रवृत्ति से क्या लाभ हो सकते हैं? समाधान के चरण: चरण 1 (विश्लेषण): 'ऐसे-ऐसे' पाठ में लेखक ने बालक की जिज्ञासा को सकारात्मक रूप में दर्शाया है। पाठ में बालक के सवाल हास्य तो पैदा करते हैं लेकिन वे उसकी बुद्धि के विकास का प्रमाण भी हैं। चरण 2 (तुलना): पाठ में बालक के प्रश्नों को दबाया नहीं गया; बल्कि उन्हें स्वीकार किया गया है। यह दर्शाता है कि जिज्ञासु प्रवृत्ति को प्रोत्साहित करना चाहिए। चरण 3 (निर्णय): बालक के सवालों को दबाना गलत है। इससे बालक का आत्मविश्वास टूटता है और वह सीखने के लिए प्रेरित नहीं होता। चरण 4 (सुझाव): माता-पिता को चाहिए कि वे बालक के सवालों को धैर्य से सुनें, उनका सम्मान करें, और बालक की क्षमता अनुसार उत्तर दें। इससे बालक का विश्वास बढ़ेगा। चरण 5 (लाभ): बालक की जिज्ञासु प्रवृत्ति से निम्नलिखित लाभ हो सकते हैं—(i) बेहतर शिक्षा: जो बालक सवाल पूछते हैं वे बेहतर सीखते हैं। (ii) रचनात्मकता: जिज्ञासा से कल्पनाशीलता विकसित होती है। (iii) आत्मविश्वास: सवाल पूछना आत्मविश्वास का संकेत है। (iv) भविष्य का विकास: ऐसे बालक आगे चलकर महान वैज्ञानिक, लेखक या विचारक बन सकते हैं। चरण 6 (निष्कर्ष): 'ऐसे-ऐसे' पाठ सिखाता है कि बचपन की जिज्ञासा को संरक्षित रखना और प्रोत्साहित करना परिवार और समाज का पावन दायित्व है।

शब्द भंडार (Vocabulary) & वर्तनी (Spelling) से संबंधित महत्त्वपूर्ण शब्द

Chapter 5 में आने वाले महत्त्वपूर्ण शब्द और उनकी सही वर्तनी: 1. जिज्ञासु (Adj.) = curious | वर्तनी: ज्ञ को अलग न लिखें; 'जिज्ञासु' सही है, 'जिग्यासु' गलत है। 2. निर्दोष (Adj.) = innocent | अर्थ: जिसमें कोई दोष न हो। उदाहरण: बालक की निर्दोष बातें सबको खुश करती हैं। 3. हास्य (N.) = humour | वर्तनी: 'हास्य' (दीर्घ आ के साथ), न कि 'हास्य' बिना आ के। 4. व्यंग्य (N.) = satire/irony | अर्थ: कड़वी या तीव्र बात को हल्के-फुल्के अंदाज़े में कहना। 5. सरलता (N.) = simplicity | उदाहरण: बालक की सरलता ही उसकी शक्ति है। 6. पुनरावृत्ति (N.) = repetition | वर्तनी: 'पुनः' (फिर से) + 'आवृत्ति' (दोहराव)। 7. मनोविज्ञान (N.) = psychology | अर्थ: मन के विज्ञान को समझना। 8. तार्किक (Adj.) = logical | अर्थ: जो तर्क पर आधारित हो। 9. सृजनशीलता (N.) = creativity | वर्तनी: 'सृज्' (बनाना) + 'नशील' (युक्त)। 10. संरक्षण (N.) = protection | उदाहरण: बचपन का संरक्षण समाज की जिम्मेदारी है। सामान्य वर्तनी त्रुटियाँ (Common Spelling Mistakes): ❌ 'जिग्यासु' → ✓ 'जिज्ञासु' ❌ 'निरदोष' → ✓ 'निर्दोष' ❌ 'हास्य' (बिना आ) → ✓ 'हास्य' (आ के साथ) ❌ 'व्यंजना' → ✓ 'व्यंग्य' (अलग-अलग शब्द हैं) ❌ 'मनोविग्यान' → ✓ 'मनोविज्ञान' यह शब्द-भंडार बोर्ड परीक्षा में 1-2 अंकों वाले प्रश्नों में आ सकता है जहाँ आप को इन शब्दों का अर्थ लिखना हो या समानार्थी शब्द खोजने हों। Start a 3-day free trial at cbsetutor.ai to get personalized vocabulary drills and spell-check exercises for Chapter 5.

How CBSETUTOR.ai's AI Tutor Drills These Patterns Daily

CBSETUTOR.ai का AI tutor system Chapter 5 'ऐसे-ऐसे' के लिए एक बहु-स्तरीय अभ्यास प्रणाली प्रदान करता है जो आपकी सीखने की गति के अनुसार समायोजित होती है: 1. दैनिक MCQ Drills: हर दिन 5 नए MCQ प्रश्न आपके डैशबोर्ड पर आते हैं। ये प्रश्न NCERT-aligned हैं और 2024-25 के rationalized syllabus को follow करते हैं। AI तुरंत आपके उत्तर की जाँच करता है और गलत उत्तरों के लिए विस्तृत व्याख्या देता है। 2. Short-Answer Question Bank: 2-3 अंकों वाले प्रश्नों के लिए एक संचित प्रश्न-बैंक है। जब आप कोई प्रश्न का उत्तर देते हैं, तो AI न केवल शब्द-गणना देता है बल्कि आपके उत्तर की संरचना, व्याकरण और वर्तनी को भी स्कोर करता है। 3. Long-Answer Structuring: 5-अंकीय प्रश्नों के लिए, CBSETUTOR.ai आपको एक 'Answer Skeleton' देता है जिसमें बिंदु-वार संरचना दिखाई जाती है। आप इसे भरते हैं और AI आपके तर्कों की तार्किकता को verify करता है। 4. Vocabulary & Spelling Gamification: शब्द-भंडार को याद रखने के लिए interactive flashcards और word-games का उपयोग होता है। हर शब्द के साथ mnemonic tricks, example sentences, और spelling variations दिए जाते हैं। 5. Live Doubt Sessions: सप्ताह में दो बार, CBSETUTOR.ai के हिंदी विशेषज्ञ लाइव सेशन लेते हैं जहाँ आप Chapter 5 से संबंधित कोई भी प्रश्न पूछ सकते हैं। 6. HOTS & Case-Study Simulations: कठिन प्रश्नों के लिए, AI एक step-by-step solving methodology सिखाता है। आपको real-world scenarios दिए जाते हैं (जैसे उपरोक्त Case Study) और आप को उनका विश्लेषण करना होता है। 7. Progress Tracking Dashboard: हर हफ्ते आपको एक detailed report मिलती है जिसमें दिखता है कि आप किन topics में मजबूत हैं और किन में सुधार की जरूरत है। 8. Adaptive Difficulty: शुरुआत में प्रश्न सरल होते हैं, लेकिन जैसे-जैसे आप सफल होते हैं, AI कठिन प्रश्न देता है। यह Spaced Repetition और Bloom's Taxonomy पर आधारित है।

Frequently asked questions

क्या 'ऐसे-ऐसे' बोर्ड परीक्षा 2026-27 में आएगा?+
हाँ, 'ऐसे-ऐसे' NCERT Hindi Mallar का अनिवार्य अध्याय है। इससे निश्चित रूप से 5-10 अंक के प्रश्न बोर्ड परीक्षा में आएँगे। पिछली परीक्षाओं में इस पाठ से 1, 2, और 5-अंकीय प्रश्न पूछे जा चुके हैं।
'ऐसे-ऐसे' पाठ में मुख्य पात्र कौन है?+
पाठ का मुख्य पात्र एक बालक है जो लगातार सवाल पूछता है। उसकी मासूम सोच और तार्किक प्रश्न ही पूरे पाठ का केंद्र बिंदु हैं। उसके चरित्र से बालकों की जिज्ञासा और निर्दोषता दोनों दिखते हैं।
इस पाठ में हास्य-रस कैसे उत्पन्न होता है?+
हास्य 'ऐसे-ऐसे' शब्द की पुनरावृत्ति, बालक के निर्दोष प्रश्नों और वयस्कों की गंभीरता के बीच विरोधाभास, और शब्दों के खेल से उत्पन्न होता है। पाठ की सरल भाषा और बालसुलभ सोच भी हास्य को बढ़ाती है।
पाठ में कौन-से शब्द-गठन और spelling को समझना ज़रूरी है?+
महत्त्वपूर्ण शब्द हैं: जिज्ञासु, निर्दोष, हास्य, व्यंग्य, सरलता, पुनरावृत्ति, मनोविज्ञान, तार्किक। इन्हें सही spelling के साथ याद रखें। CBSE परीक्षा में ये शब्द 1-अंकीय प्रश्नों में आ सकते हैं।
क्या 'ऐसे-ऐसे' पाठ से 5-अंकीय प्रश्न आते हैं?+
हाँ, अक्सर 5-अंकीय प्रश्न आते हैं। ये बालक के चरित्र-चित्रण, पाठ का संदेश, या हास्य का विश्लेषण पर केंद्रित होते हैं। इन प्रश्नों के उत्तर 150-180 शब्दों में विस्तारपूर्वक देने होते हैं।
इस पाठ से किस प्रकार के HOTS प्रश्न आ सकते हैं?+
HOTS प्रश्न आमतौर पर real-life situations पर आधारित होते हैं, जैसे: परिवार में बालक के सवालों को कैसे संभाला जाए, या पाठ का संदेश आज के समाज में कितना प्रासंगिक है। ये आपकी critical thinking को test करते हैं।
क्या शब्द-भंडार का अभ्यास बोर्ड परीक्षा में मदद करेगा?+
निश्चित रूप से। बोर्ड परीक्षा में 1-अंकीय प्रश्न में अक्सर किसी शब्द का अर्थ या समानार्थी शब्द मांगा जाता है। अगर आप Chapter 5 के महत्त्वपूर्ण शब्दों को याद रखते हैं तो आसानी से अंक प्राप्त कर सकते हैं।
क्या CBSETUTOR.ai पर मेरे उत्तरों की व्यक्तिगत जाँच होगी?+
हाँ, CBSETUTOR.ai का AI system आपके सभी उत्तरों को check करता है। 5-अंकीय प्रश्नों के लिए आप हिंदी विशेषज्ञों से भी feedback ले सकते हैं live sessions में। यह आपकी writing style को improve करने में मदद करता है।

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