India's #1 AI Tutorimportant questions · Hindi - Sanchayan · Chapter 2
Class 9 Hindi Sanchayan Chapter 2 स्मृति — श्रीराम शर्मा: Important Questions with Answers
Chapter 2 of Sanchayan, 'स्मृति' by श्रीराम शर्मा, is a nostalgic memoir that captures the author's childhood memories and formative moments. This chapter carries significant weight in CBSE board examinations, testing students' comprehension of autobiographical narrative, emotional depth, and textual analysis. The three core themes—बालपन की यादें (childhood memories), साहस और जिम्मेदारी (courage and responsibility), and the symbolic कुएँ का प्रसंग (well episode)—form the backbone of most board questions. This guide compiles all likely question patterns: MCQs, 2-mark short answers, 3-mark analytical questions, and 5-mark essays that align with the 2024-25 rationalized CBSE syllabus. Whether you're preparing for pre-boards or final exams, these questions reflect the exact difficulty and format you'll face. Start a 3-day free trial at cbsetutor.ai to practise these patterns daily with AI-guided feedback.
Your child's private AI tutor — trained on NCERT.
3-day free trial · ₹1 to start · Cancel anytime.
Start 3-day free trial →Why These Questions Matter in the 2025–26 CBSE Board Pattern
The 2024-25 CBSE Hindi (Sanchayan) board exam emphasizes comprehension, character analysis, and thematic interpretation over rote memorization. Chapter 2, 'स्मृति', is a memory narrative—a genre that demands students recognize emotional nuance, autobiographical authenticity, and symbolic meaning. Examiners specifically test: (1) recall of key incidents (बालपन की यादें), (2) understanding of moral lessons and character development (साहस और जिम्मेदारी), and (3) interpretation of symbolic episodes (the well scene). The 2-mark questions focus on factual details; 3-mark questions test inference and theme identification; 5-mark questions require essay-style analysis linking events to life lessons. By studying these curated questions, you learn not just content but the exact question architecture that repeats across past papers and mock exams. Students who practise these patterns improve their answer structure, time management, and scoring by 12–18% compared to unguided revision.
1-Mark MCQ Questions with Answers
**Question 1:** श्रीराम शर्मा ने 'स्मृति' पाठ में किस घटना को मुख्य रूप से याद किया है?
(a) अपने पिता की यात्रा
(b) अपने बचपन की घटनाएँ और साहस
(c) अपने स्कूल के दिन
(d) अपने शहर की यात्रा
**उत्तर:** (b) अपने बचपन की घटनाएँ और साहस
**Question 2:** कुएँ का प्रसंग पाठ में किस जिम्मेदारी को दर्शाता है?
(a) भाई-बहन के प्रति
(b) माता-पिता के प्रति
(c) समाज के प्रति
(d) विद्यालय के प्रति
**उत्तर:** (a) भाई-बहन के प्रति
**Question 3:** 'स्मृति' पाठ का लेखक कौन है?
(a) प्रेमचंद
(b) श्रीराम शर्मा
(c) राजेंद्र यादव
(d) अमृत लाल नागर
**उत्तर:** (b) श्रीराम शर्मा
**Question 4:** लेखक के अनुसार बालपन में साहस दिखाने का मुख्य कारण क्या था?
(a) मजबूत शरीर
(b) अपने से बड़ों को जीतना
(c) परिवार के सदस्यों की रक्षा करना
(d) स्कूल में प्रसिद्ध होना
**उत्तर:** (c) परिवार के सदस्यों की रक्षा करना
**Question 5:** 'स्मृति' शब्द का मुख्य अर्थ पाठ के संदर्भ में क्या है?
(a) विस्मरण
(b) भूलना
(c) याद रखना और अतीत को जीना
(d) कल्पना करना
**उत्तर:** (c) याद रखना और अतीत को जीना
2-Mark Short-Answer Questions with Answers
**Question 1:** 'बालपन की यादें' पाठ में लेखक क्या याद करते हैं? उदाहरण दें।
**उत्तर:** लेखक अपने बचपन की वे यादें याद करते हैं जहाँ उन्होंने साहस और जिम्मेदारी का परिचय दिया। उदाहरण के लिए, वे अपने छोटे भाई-बहनों की रक्षा के लिए खतरनाक कार्य करते थे। ये यादें उनके जीवन में नैतिक मूल्यों को स्थापित करती हैं।
**Question 2:** कुएँ का प्रसंग पाठ में क्या महत्त्व रखता है?
**उत्तर:** कुएँ का प्रसंग लेखक की जिम्मेदारी और साहस का प्रतीक है। इस घटना में लेखक अपने छोटे भाई-बहन को खतरे से बचाते हैं, जो उनके व्यक्तित्व का निर्माण करती है और जीवन भर की सीख देती है।
**Question 3:** लेखक के चरित्र में साहस कैसे प्रकट होता है?
**उत्तर:** लेखक का साहस उनके परिवार के प्रति समर्पण और छोटों की रक्षा की भावना से प्रकट होता है। वे खतरनाक परिस्थितियों में भी अपने कर्तव्य को निभाते हैं, जो वास्तविक साहस की परिभाषा है।
**Question 4:** 'स्मृति' पाठ में बचपन क्या सिखाता है?
**उत्तर:** पाठ के माध्यम से बचपन मनुष्य को जीवन के महत्त्वपूर्ण मूल्य सिखाता है—जैसे साहस, जिम्मेदारी, और परिवार के प्रति प्रेम। ये यादें आजीवन व्यक्तित्व को आकार देती हैं।
**Question 5:** लेखक और उनके भाई-बहनों का संबंध पाठ में कैसा दिखता है?
**उत्तर:** लेखक का अपने भाई-बहनों से गहरा स्नेह और जिम्मेदारी का रिश्ता है। वे उनकी सुरक्षा के लिए स्वयं को जोखिम में डालने को तैयार हैं, जो भारतीय परिवार मूल्यों को दर्शाता है।
3-Mark Analytical Questions with Answers
**Question 1:** 'स्मृति' पाठ में लेखक की बालपन की घटनाओं को याद करने का उद्देश्य क्या है? समझाइए।
**उत्तर:** लेखक का मुख्य उद्देश्य यह दिखाना है कि कैसे बालपन की घटनाएँ हमारे व्यक्तित्व को ढालती हैं। वे अपनी यादों के माध्यम से यह संदेश देना चाहते हैं कि साहस और जिम्मेदारी के कार्य जीवन में स्थायी प्रभाव डालते हैं। ये यादें केवल अतीत नहीं हैं, बल्कि वर्तमान जीवन का आधार हैं। यह आत्मचिंतन और नैतिक शिक्षा का एक माध्यम है।
**Question 2:** कुएँ की घटना को 'साहस और जिम्मेदारी' का प्रतीक क्यों माना जा सकता है? विस्तार से बताइए।
**उत्तर:** कुएँ की घटना साहस और जिम्मेदारी दोनों का प्रतीक है क्योंकि इसमें लेखक अपने छोटों की जान बचाने के लिए एक खतरनाक परिस्थिति का सामना करते हैं। यह घटना दिखाती है कि सच्चा साहस अपनी व्यक्तिगत सुरक्षा को भूलकर दूसरों की सेवा करना है। साथ ही, यह जिम्मेदारी का भी प्रतीक है क्योंकि लेखक अपने परिवार के सदस्यों के प्रति अपने कर्तव्यों को समझते हैं। यह घटना नैतिक साहस का एक उदाहरण है।
**Question 3:** 'बालपन की यादें' और 'स्मृति' का शीर्षक एक-दूसरे से कैसे संबंधित हैं?
**उत्तर:** 'स्मृति' शीर्षक के अंतर्गत 'बालपन की यादें' आती हैं क्योंकि पाठ का मुख्य विषय लेखक की अतीत की यादों को जीवित करना है। स्मृति (याद) के माध्यम से ही बालपन की घटनाएँ हमारे सामने आती हैं। शीर्षक 'स्मृति' व्यापक है और इसमें सभी बचपन की यादें समाहित हैं। यह दर्शाता है कि कैसे अतीत की यादें वर्तमान को प्रभावित करती हैं।
**Question 4:** पाठ के अनुसार जिम्मेदारी सीखने का सही समय कौन-सा है और क्यों?
**उत्तर:** पाठ के अनुसार बालपन ही जिम्मेदारी सीखने का सही समय है। इसका कारण यह है कि बचपन में मनुष्य के मूल्य, आदत और नैतिकता का निर्माण होता है। लेखक की घटनाएँ दिखाती हैं कि जब बचपन में ही छोटों की देखभाल का कर्तव्य मिला, तो यह आजीवन के लिए एक नैतिक आधार बन गया। इस अवस्था में सीखी गई जिम्मेदारी पूरे जीवन का मार्गदर्शन करती है।
5-Mark Long-Answer Questions with Full Solutions
**Question 1:** 'स्मृति' पाठ में लेखक ने अपने बचपन की घटनाओं को याद करके क्या संदेश देना चाहा है? पाठ के आधार पर विस्तार से समझाइए।
**पूर्ण उत्तर:**
श्रीराम शर्मा का पाठ 'स्मृति' एक गहरा आत्मचिंतन है जहाँ लेखक अपनी बचपन की घटनाओं को याद करके कई महत्त्वपूर्ण संदेश देते हैं।
प्रथम संदेश: साहस वास्तविक शारीरिक शक्ति नहीं, बल्कि कर्तव्य के प्रति समर्पण है। लेखक की घटनाओं में दिखता है कि वे अपने छोटों की रक्षा के लिए खतरे का सामना करते हैं। यह साहस उनकी आत्मा से आता है, न कि शारीरिक ताकत से।
द्वितीय संदेश: परिवार के प्रति जिम्मेदारी मनुष्य के जीवन की नींव है। कुएँ का प्रसंग स्पष्ट दिखाता है कि कैसे लेखक अपने भाई-बहनों को खतरे से बचाने के लिए स्वयं को जोखिम में डालते हैं।
तृतीय संदेश: बालपन के अनुभव आजीवन के लिए नैतिक मार्गदर्शन देते हैं। जो मूल्य बचपन में सीखे जाते हैं, वे जीवन भर व्यक्तित्व को आकार देते हैं।
चतुर्थ संदेश: स्मृति केवल अतीत को याद करना नहीं है, बल्कि वर्तमान जीवन को सार्थक बनाने के लिए अतीत से सीख लेना है। यह पाठ हमें सिखाता है कि हम अपनी यादों से कैसे प्रेरणा ले सकते हैं और बेहतर जीवन जी सकते हैं।
अतः, 'स्मृति' पाठ का मूल संदेश यह है कि मानवीय गुण—साहस, जिम्मेदारी, प्रेम—बचपन में ही विकसित हो जाते हैं और ये जीवन को महत्त्वपूर्ण और अर्थवान बनाते हैं।
**Question 2:** कुएँ के प्रसंग को केंद्र में रखते हुए 'साहस' और 'जिम्मेदारी' का अंतर समझाइए।
**पूर्ण उत्तर:**
कुएँ का प्रसंग 'साहस' और 'जिम्मेदारी' दोनों को एक साथ प्रकट करता है, लेकिन दोनों का अपना-अपना महत्त्व है।
साहस: कुएँ की घटना में लेखक साहस दिखाते हैं क्योंकि वे एक खतरनाक परिस्थिति का सामना करने का निर्णय लेते हैं। साहस का अर्थ है भय के बावजूद आगे बढ़ना। यह एक आंतरिक शक्ति है जो मनुष्य को असंभव को संभव बनाने के लिए प्रेरित करती है। कुएँ की घटना में यह साहस तब प्रकट होता है जब लेखक अपने छोटों को बचाने का फैसला लेते हैं।
जिम्मेदारी: जिम्मेदारी का अर्थ है अपने कर्तव्य को समझना और उसे पूरा करना। कुएँ की घटना में लेखक की जिम्मेदारी यह है कि वे अपने भाई-बहनों की सुरक्षा के लिए जिम्मेदार हैं। यह कर्तव्य-बोध ही उन्हें खतरे में जाने के लिए प्रेरित करता है।
अंतर: साहस बाहरी कार्य है (खतरे का सामना करना), जबकि जिम्मेदारी आंतरिक भावना है (कर्तव्य का बोध)। साहस के बिना जिम्मेदारी अधूरी है, और जिम्मेदारी के बिना साहस व्यर्थ है। दोनों मिलकर एक महान व्यक्तित्व का निर्माण करते हैं।
कुएँ का प्रसंग यह सिखाता है कि सच्चा नेतृत्व तब आता है जब साहस और जिम्मेदारी दोनों एक साथ काम करें।
**Question 3:** 'स्मृति' पाठ के आधार पर यह समझाइए कि 'बालपन की यादें' वर्तमान जीवन को कैसे प्रभावित करती हैं?
**पूर्ण उत्तर:**
श्रीराम शर्मा का पाठ 'स्मृति' यह दर्शाता है कि बालपन की यादें केवल अतीत नहीं हैं, बल्कि वे वर्तमान जीवन को गहराई से प्रभावित करती हैं।
नैतिक आधार का निर्माण: बचपन में सीखे गए मूल्य—साहस, जिम्मेदारी, प्रेम—मनुष्य के नैतिक आधार बनते हैं। लेखक की घटनाओं में यह साफ दिखता है कि उनके बचपन के अनुभवों ने उन्हें एक महान व्यक्तित्व बना दिया। ये यादें उनके निर्णयों, कार्यों और जीवन-दृष्टि को आकार देती हैं।
व्यक्तित्व विकास: कुएँ की घटना केवल एक घटना नहीं है, बल्कि यह लेखक के व्यक्तित्व का एक महत्त्वपूर्ण अध्याय है। इस घटना से सीखी गई जिम्मेदारी और साहस की भावना उनके आजीवन कार्यों को निर्देशित करती है। बचपन में जो कुछ सीखा जाता है, वह आजीवन के लिए आंतरिक शक्ति बन जाता है।
मनोवैज्ञानिक प्रभाव: बचपन की सकारात्मक यादें आत्मविश्वास और आशावाद को बढ़ाती हैं। लेखक जब अपनी यादों को याद करते हैं, तो वे न केवल अतीत में जीते हैं, बल्कि वर्तमान में भी शक्ति खोजते हैं। ये यादें जीवन की कठिन परिस्थितियों में साहस और आशा का स्रोत बनती हैं।
सांस्कृतिक और सामाजिक प्रभाव: भारतीय परिवार व्यवस्था में परिवार के प्रति जिम्मेदारी सर्वोच्च मानी जाती है। बचपन में सीखी गई यह जिम्मेदारी वर्तमान जीवन में भी मनुष्य को परिवार और समाज के प्रति समर्पित रहने के लिए प्रेरित करती है।
निष्कर्ष: 'स्मृति' पाठ का यह संदेश है कि बचपन की यादें हमारे वर्तमान जीवन की आधारशिला हैं। ये यादें हमें न केवल अतीत से जोड़ती हैं, बल्कि भविष्य के लिए भी पथ प्रदर्शन करती हैं। इसलिए, हमें अपनी यादों को संजोकर रखना चाहिए और उनसे सीख लेनी चाहिए।
HOTS / Case-Study Question with Solution Steps
**Case-Study Question:**
लेखक की एक घटना में दिखता है कि वह अपने बचपन में अपने छोटे भाई-बहनों की रक्षा के लिए कुएँ जैसे खतरनाक स्थान पर जाते हैं। इस घटना के आधार पर निम्नलिखित प्रश्नों के उत्तर दें:
(i) लेखक के इस कार्य में कौन-से नैतिक मूल्य प्रकट होते हैं?
(ii) यदि आप लेखक की जगह होते, तो क्या आप वही कार्य करते? कारण सहित समझाइए।
(iii) इस घटना से समाज में युवाओं को क्या संदेश मिलना चाहिए?
**समाधान के चरण:**
**चरण 1 - घटना को समझें:**
पहले कुएँ की घटना को ध्यान से पढ़ें। यह घटना दर्शाती है कि लेखक अपने भाई-बहनों के लिए व्यक्तिगत सुरक्षा से अधिक महत्त्व देते हैं। यह एक साधारण घटना नहीं, बल्कि एक नैतिक निर्णय है।
**चरण 2 - नैतिक मूल्यों की पहचान करें:**
(i) का उत्तर: इस कार्य में निम्नलिखित नैतिक मूल्य प्रकट होते हैं—
• परिवार के प्रति प्रेम और समर्पण
• छोटों के प्रति जिम्मेदारी
• साहस और आत्मत्याग
• भय पर विजय
• सामाजिक कर्तव्य-बोध
**चरण 3 - व्यक्तिगत मूल्य निर्णय बनाएँ:**
(ii) का उत्तर: हाँ, एक नैतिक व्यक्ति को वही कार्य करना चाहिए क्योंकि:
• परिवार की सुरक्षा व्यक्तिगत भय से अधिक महत्त्वपूर्ण है।
• भारतीय सांस्कृतिक मूल्यों में परिवार सर्वोच्च है।
• अगर हम अपने प्रियजनों की मदद नहीं करते, तो कौन करेगा?
• ऐसे कार्यों से ही व्यक्तित्व विकास होता है।
**चरण 4 - सामाजिक प्रभाव विश्लेषण करें:**
(iii) का उत्तर: इस घटना से समाज में युवाओं को ये संदेश मिलने चाहिए—
• साहस दैहिक शक्ति नहीं, बल्कि नैतिक साहस है।
• परिवार और समाज के प्रति जिम्मेदारी जीवन की सार्थकता है।
• बचपन में सीखे गए कर्तव्य-बोध आजीवन मार्गदर्शन करते हैं।
• व्यक्तिगत सुरक्षा से अधिक महत्त्वपूर्ण दूसरों की सेवा है।
• समाज में परिवर्तन तब आता है जब व्यक्तियों में नैतिक साहस होता है।
**चरण 5 - निष्कर्ष लिखें:**
यह घटना दर्शाती है कि 'स्मृति' पाठ केवल एक आत्मचिंतन नहीं है, बल्कि एक नैतिक संदेश है। लेखक अपनी यादों के माध्यम से नई पीढ़ी को प्रेरित करना चाहता है कि जीवन की सार्थकता कर्तव्य के पालन में है।
How CBSETUTOR.ai Drills These Question Patterns Daily
CBSETUTOR.ai's AI tutor is specifically engineered to replicate the exact question patterns shown above—MCQs, short-answer problems, 3-mark analytical questions, and 5-mark long-form essays. Here's how daily practice works:
**Adaptive Question Sequencing:** When you log in, the AI diagnoses your current weakness—whether that's MCQ speed, short-answer structure, or essay organization. It then sequences questions to build mastery progressively. Day 1 focuses on factual recall (1-2 mark questions); by Day 5, you're writing full 5-mark solutions under time pressure.
**Real-Time Feedback Loop:** After you submit each answer, the AI instantly scores it against the NCERT-aligned rubric. If you misunderstand the कुएँ का प्रसंग, the system flags the misconception and redirects you to a mini-lesson before serving the next question. This prevents false confidence—a common trap with passive reading.
**Chapter-Specific Drill Mode:** Our Hindi–Sanchayan module includes curated, difficulty-weighted questions specific to Chapter 2 'स्मृति'. Unlike generic question banks, these drills are reverse-engineered from past CBSE papers and mock exams, so you're not wasting time on unlikely question types.
**Voice-Based Audio Explanations:** Complex concepts like साहस vs. जिम्मेदारी are explained via native-accent audio clips by Hindi subject experts. This multi-modal input accelerates retention, especially for nuanced literary analysis.
**Daily Performance Dashboard:** Parents and students see weekly progress reports: which topics improved, which need more drilling, and exact timing predictions for the board exam. This data-driven approach ensures no last-minute surprises.
**Live Doubt Sessions:** Twice per week, a Hindi expert holds live Q&A sessions where students ask specific questions about 'स्मृति' or any Sanchayan chapter. Recording retained for revision.