India's #1 AI Tutorimportant questions · Hindi — Mallar · Chapter 2
Class 9 Hindi Mallar Chapter 2 बेटी Important Questions with Solutions
Chapter 2 'बेटी' from NCERT Mallar highlights the tender relationship between a father and daughter, exploring themes of affection, sacrifice, and societal expectations. This story is a frequent board examination topic, testing students' comprehension, character analysis, and understanding of moral values. Our curated collection of 17 important questions—from 1-mark MCQs to 5-mark essays—aligns with the 2024–25 CBSE rationalized syllabus and the evolving 2026–27 board pattern. Each answer is crafted to reflect textbook accuracy and examiner expectations, helping you secure maximum marks in Hindi Literature.
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Start 3-day free trial →Why These Questions Matter in the 2026–27 CBSE Board Pattern
The 2026–27 CBSE board exam for Class 9 Hindi emphasizes integrated learning: students must demonstrate story comprehension, character analysis, and ethical reasoning in a single response. Chapter 2 'बेटी' is ideal for this shift because it combines narrative depth with moral complexity. Examiners now expect answers that reference textual evidence, analyze character motivation, and connect themes to real-world values—not rote memorization. These important questions are designed to train that skill set. The story's focus on the bond between father (Ramlal) and daughter (बेटी), their economic struggle, and the ultimate sacrifice mirrors questions that have appeared in pre-board exams and sample papers across CBSE schools. By practicing 1-mark MCQs, you solidify factual recall; 2-mark shorts sharpen your ability to cite examples; 3-mark questions demand character interpretation; and 5-mark essays require integrated, multi-layered responses. This progression mirrors the actual exam's grading rubric, ensuring you're not just memorizing answers but building the critical thinking skills the new pattern rewards.
1-Mark Multiple-Choice Questions (MCQs) with Answers
**Question 1:** बेटी के पिता का नाम क्या है?
(A) Mohan
(B) Ramlal
(C) Hari
(D) Ram
**Answer:** (B) Ramlal
**Question 2:** बेटी अपने पिता से कौन सी चीज़ माँगती है?
(A) किताब
(B) कपड़े
(C) खिलौने
(D) खाना
**Answer:** (D) खाना
**Question 3:** कहानी में बेटी की उम्र लगभग कितनी है?
(A) 5 साल
(B) 8–9 साल
(C) 12 साल
(D) 15 साल
**Answer:** (B) 8–9 साल
**Question 4:** पिता अपनी बेटी को क्या सिखाना चाहते हैं?
(A) ईमानदारी और कर्तव्य
(B) धन कमाने का तरीका
(C) पढ़ाई में आगे बढ़ना
(D) खेल-कूद
**Answer:** (A) ईमानदारी और कर्तव्य
**Question 5:** कहानी का सबसे महत्वपूर्ण नैतिक संदेश क्या है?
(A) धन ही सबकुछ है
(B) बेटियाँ बोझ हैं
(C) त्याग, स्नेह और कर्तव्य का महत्व
(D) शिक्षा आवश्यक नहीं है
**Answer:** (C) त्याग, स्नेह और कर्तव्य का महत्व
2-Mark Short-Answer Questions with Answers
**Question 1:** बेटी अपने पिता के साथ बाज़ार जाकर क्या करती है? दो-तीन पंक्तियों में उत्तर दीजिए।
**Answer:** बेटी अपने पिता के साथ बाज़ार जाकर विभिन्न दुकानों को देखती है। वह खिलौने, मिठाई और कपड़ों को देखकर खुश हो जाती है, पर अपने पिता की आर्थिक स्थिति को समझते हुए कुछ माँगती नहीं। उसका यह व्यवहार उसके समझदारीपन और पिता के प्रति स्नेह को दर्शाता है।
**Question 2:** कहानी में पिता की चिंता का प्रमुख कारण क्या है?
**Answer:** पिता की प्रमुख चिंता यह है कि वह अपनी बेटी को उचित सुविधाएँ और शिक्षा नहीं दे पा रहा है। वह आर्थिक रूप से कमज़ोर है और अपनी बेटी के भविष्य को लेकर व्यथित रहता है। साथ ही, वह चाहता है कि उसकी बेटी एक आदर्श नागरिक बने।
**Question 3:** 'बेटी' शीर्षक को कहानी के संदर्भ में सार्थक साबित कीजिए।
**Answer:** 'बेटी' शीर्षक कहानी के मूल विषय को प्रतिबिंबित करता है। यह शीर्षक भारतीय समाज में बेटी की स्थिति, पारिवारिक प्रेम और उसके भविष्य की चिंता को उजागर करता है। कहानी के माध्यम से लेखक यह दिखाता है कि एक बेटी न केवल पिता का अस्तित्व है, बल्कि समाज की नींव भी है।
**Question 4:** पिता और बेटी के बीच संवाद से कौन-कौन से मानवीय गुण परिलक्षित होते हैं?
**Answer:** पिता-बेटी के संवाद में परस्पर स्नेह, विश्वास, समझदारी और त्याग के गुण परिलक्षित होते हैं। बेटी की मासूमियत और पिता की ज़िम्मेदारी का भाव स्पष्ट होता है। साथ ही, पिता के शब्दों में सीख और संस्कार देने का उद्देश्य झलकता है।
**Question 5:** 'बेटी' कहानी समाज को क्या संदेश देती है?
**Answer:** यह कहानी समाज को यह संदेश देती है कि बेटी किसी का बोझ नहीं, बल्कि आशा की किरण है। माता-पिता को चाहिए कि वे बेटी को आदर्श संस्कार दें, न कि भेदभाव करें। कहानी आर्थिक कठिनाइयों के बीच भी पारिवारिक प्रेम और कर्तव्य बोध को महत्व देती है।
3-Mark Questions with Character Analysis & Moral Values
**Question 1:** बेटी के चरित्र की प्रमुख विशेषताओं का वर्णन कीजिए।
**Answer:** बेटी के चरित्र में निम्नलिखित विशेषताएँ हैं:
1. **समझदारीपन:** वह अपने पिता की आर्थिक स्थिति को समझती है और बिना माँगे संतुष्ट रहती है।
2. **निर्मलता और मासूमियत:** उसके प्रश्न और जिज्ञासा बालसुलभ हैं, जो कहानी को हृदयस्पर्शी बनाते हैं।
3. **पिता के प्रति स्नेह:** वह पिता की चिंता को महसूस करती है और उन्हें सुखी देखना चाहती है।
4. **आत्मनिर्भरता की भावना:** वह अपने सीमित संसाधनों में खुश रहना सीखती है, जो भविष्य में उसे एक सशक्त नागरिक बनाएगी।
**Question 2:** 'बेटी' कहानी में नैतिक मूल्यों की व्याख्या कीजिए।
**Answer:** कहानी में निम्न नैतिक मूल्य प्रमुख हैं:
1. **त्याग और बलिदान:** पिता अपनी सभी इच्छाओं का त्याग करके बेटी की परवरिश करता है।
2. **ईमानदारी:** पिता बेटी को झूठ न बोलने और सच के मार्ग पर चलने की शिक्षा देता है।
3. **कर्तव्यबोध:** पिता-बेटी दोनों अपने-अपने कर्तव्य को समझते हैं और उसका पालन करते हैं।
4. **परिवारिक प्रेम:** परिवार के सदस्यों के बीच गहरा प्रेम और सहानुभूति दिखाई देती है।
5. **समानता और सम्मान:** कहानी बेटी को माता-पिता की भावनाओं को समझने और सम्मान करने की सीख देती है।
**Question 3:** पिता के व्यक्तित्व की विशेषताएँ और उसकी शिक्षा-पद्धति का विश्लेषण कीजिए।
**Answer:** **पिता की विशेषताएँ:**
1. **दायित्वशील:** वह अपनी आर्थिक सीमाओं के बावजूद बेटी की सुरक्षा और शिक्षा को सर्वोच्च प्राथमिकता देता है।
2. **संवेदनशील:** वह बेटी की भावनाओं को समझता है और उसके साथ आत्मीय संवाद स्थापित करता है।
3. **सुधारक:** वह केवल बेटी को भोजन-कपड़ा नहीं, बल्कि आचरण और नैतिकता भी सिखाता है।
**शिक्षा-पद्धति:** पिता व्यावहारिक जीवन की घटनाओं के माध्यम से शिक्षा देता है। वह बेटी को संसार की वास्तविकताओं से परिचित कराता है, पर साथ ही उसके स्वाभिमान और आत्मविश्वास को भी बनाए रखता है।
**Question 4:** 'बेटी' कहानी में समाज की किन समस्याओं की ओर संकेत किया गया है?
**Answer:** कहानी निम्नलिखित सामाजिक समस्याओं की ओर संकेत करती है:
1. **आर्थिक असमानता:** निर्धन परिवार के लिए बच्चे की परवरिश एक चुनौती है।
2. **बेटियों के प्रति भेदभाव:** समाज में बेटियों को अक्सर बोझ माना जाता है, जिससे लेखक सहमत नहीं है।
3. **शिक्षा तक पहुँच की कमी:** गरीब परिवारों की बेटियों को गुणवत्तापूर्ण शिक्षा नहीं मिलती।
4. **सामाजिक संवेदनशीलता का अभाव:** समाज को यह समझना चाहिए कि बेटी समाज की रीढ़ है, न कि बोझ।
लेखक इन समस्याओं को उजागर करके समाज को सचेत करना चाहता है।
5-Mark Long-Answer Questions with Full Solutions
**Question 1:** 'बेटी' कहानी का सार अपने शब्दों में लिखिए और बताइए कि यह कहानी आज के समाज में कितनी प्रासंगिक है।
**Answer:**
**कहानी का सार:**
यह कहानी एक गरीब पिता (Ramlal) और उसकी छोटी बेटी के बीच के अनन्य प्रेम को दर्शाती है। पिता आर्थिक कठिनाइयों से जूझ रहा है, फिर भी अपनी बेटी को पूरा स्नेह और सुरक्षा देता है। बेटी अपनी मासूमियत और समझदारी के साथ अपने पिता को खुश रखने का प्रयास करती है। वह जानती है कि उसके पिता के पास पैसे नहीं हैं, इसलिए वह बेटी के रूप में अपने कर्तव्य का पालन करती है। कहानी का मूल संदेश यह है कि धन के बिना भी परिवार में प्रेम, विश्वास और संस्कार होना संभव है।
**समकालीन प्रासंगिकता:**
1. **बेटी सशक्तिकरण:** आज का समाज बेटियों को बोझ नहीं मानता, पर ग्रामीण और आर्थिक रूप से कमजोर परिवारों में भेदभाव अभी भी है। यह कहानी उन परिवारों को प्रेरित करती है।
2. **गरीबी और शिक्षा:** आज भी लाखों बच्चे आर्थिक कारणों से स्कूल नहीं जा सकते। कहानी इस समस्या पर प्रकाश डालती है।
3. **पारिवारिक मूल्य:** आज की भागदौड़ भरी दुनिया में परिवार के बीच प्रेम और संवाद कम हो गया है। यह कहानी हमें परिवार के महत्व की याद दिलाती है।
4. **नैतिक शिक्षा:** समाज को नैतिक मूल्यों की आवश्यकता है, जिन्हें यह कहानी प्रदान करती है।
**निष्कर्ष:** कहानी 'बेटी' आज भी प्रासंगिक है क्योंकि यह सार्वकालिक मानवीय भावनाओं और नैतिक मूल्यों पर केंद्रित है।
**Question 2:** पिता द्वारा बेटी को दी गई शिक्षाओं का विश्लेषण कीजिए। इन शिक्षाओं का आधुनिक समाज में प्रभाव क्या हो सकता है?
**Answer:**
**पिता द्वारा दी गई शिक्षाएँ:**
1. **सत्यता और ईमानदारी:** पिता बेटी को सदैव सत्य बोलने की शिक्षा देता है। वह समझाता है कि झूठ बोलना पाप है और सच्चाई ही सबसे बड़ी संपत्ति है।
2. **त्याग और समर्पण:** पिता अपने जीवन के माध्यम से यह सिखाता है कि अपने प्रिय लोगों के लिए कुछ भी त्याग करने में गौरव है।
3. **कर्तव्यबोध:** पिता बेटी को यह समझाता है कि हर व्यक्ति का अपना कर्तव्य है और उसे सदैव अपने कर्तव्य को प्राथमिकता देनी चाहिए।
4. **आत्मनिर्भरता:** पिता बेटी को आर्थिक रूप से आत्मनिर्भर बनने के लिए प्रेरित करता है।
5. **दूसरों के प्रति सहानुभूति:** पिता बेटी को सिखाता है कि दूसरों की भावनाओं को समझना चाहिए।
**आधुनिक समाज में प्रभाव:**
1. **नेतृत्व:** ये शिक्षाएँ बेटी को एक प्रभावी नेता बना सकती हैं जो समाज में सकारात्मक परिवर्तन लाए।
2. **व्यक्तिगत विकास:** ईमानदारी और कर्तव्यबोध व्यक्तिगत सफलता के मूल आधार हैं।
3. **सामाजिक संरचना:** अगर सभी व्यक्ति इन मूल्यों को अपनाएँ, तो समाज में भ्रष्टाचार और अन्याय कम हो सकते हैं।
4. **पारिवारिक सद्भाव:** ये शिक्षाएँ परिवार में शांति और एकता लाती हैं।
**निष्कर्ष:** पिता की शिक्षाएँ केवल बेटी के लिए नहीं, बल्कि समाज के हर व्यक्ति के लिए प्रेरणादायक हैं और आधुनिक समय में इनका महत्व और भी अधिक है।
**Question 3:** 'बेटी' कहानी के अंत में लेखक क्या संदेश देना चाहता है? कहानी के विभिन्न प्रसंगों के आधार पर समझाइए।
**Answer:**
**लेखक का मुख्य संदेश:**
लेखक इस कहानी के माध्यम से मुख्य रूप से यह संदेश देता है कि **बेटी समाज की अमूल्य संपत्ति है, न कि बोझ।** वह भारतीय समाज की उस परंपरागत सोच को चुनौती देता है जो बेटियों को नकारात्मक दृष्टिकोण से देखती है।
**विभिन्न प्रसंगों के आधार पर विश्लेषण:**
1. **पारिवारिक प्रेम प्रसंग:** जब पिता और बेटी का संवाद होता है, तो लेखक यह दिखाता है कि प्रेम और विश्वास परिवार की बुनियाद है। अगर माता-पिता बेटी से प्रेम करें और उसमें विश्वास रखें, तो वह एक आदर्श नागरिक बन सकती है।
2. **आर्थिक संकट प्रसंग:** गरीबी के बावजूद पिता अपनी बेटी की परवरिश करता है। यह दिखाता है कि आर्थिक स्थिति व्यक्तित्व के विकास में बाधा नहीं है। गुणवत्तापूर्ण संस्कार देना अधिक महत्वपूर्ण है।
3. **नैतिक शिक्षा प्रसंग:** पिता बेटी को सीख देता है। यह दर्शाता है कि शिक्षा केवल किताबों से नहीं, जीवन के अनुभवों से भी मिलती है।
4. **बेटी का आचरण:** बेटी की समझदारी और संतुष्टि यह संदेश देती है कि औरतें न केवल परिवार को पोषित कर सकती हैं, बल्कि सामाजिक परिवर्तन का भी साधन बन सकती हैं।
**अंतिम संदेश:**
कहानी का अंत यह सूचित करता है कि भविष्य बेटियों के हाथों में है। यदि समाज उन्हें सम्मान दे, उचित शिक्षा दे और उनमें विश्वास रखे, तो वे न केवल अपने परिवार को समृद्ध करेंगी, बल्कि पूरे समाज को उन्नत करेंगी। लेखक यह भी संदेश देता है कि त्याग, प्रेम और कर्तव्य ही जीवन के असली खजाने हैं, धन नहीं।
HOTS & Case-Study Question with Step-by-Step Solution
**Case-Study Question:**
एक विद्यालय में प्रधानाध्यापक को शिक्षकों से सुनने में आता है कि कई छात्राएँ कक्षा 9 के बाद स्कूल छोड़ देती हैं क्योंकि उनके माता-पिता को लगता है कि लड़कियों की शिक्षा महत्वपूर्ण नहीं है। प्रधानाध्यापक को यह समस्या हल करने के लिए एक विधि खोजनी है। अब यदि यह प्रधानाध्यापक 'बेटी' कहानी पढ़े, तो वह इस समस्या के समाधान के लिए कहानी से क्या सीख सकता है? अपनी विचारपूर्ण प्रतिक्रिया प्रस्तुत कीजिए।
**चरणबद्ध समाधान:**
**चरण 1: समस्या की पहचान**
- लड़कियों की शिक्षा के प्रति पारिवारिक और सामाजिक नकारात्मक दृष्टिकोण।
- आर्थिक कारणों से शिक्षा को प्राथमिकता न देना।
- लड़कियों को परिवार का बोझ मानना।
**चरण 2: 'बेटी' कहानी से सीख**
**बिंदु 1—बेटी का मूल्य:** कहानी में पिता बेटी को केवल एक आर्थिक बोझ नहीं, बल्कि परिवार की अमूल्य संपत्ति मानता है। प्रधानाध्यापक को समाज को यह दिखाना चाहिए कि शिक्षित लड़की परिवार और समाज की नींव होती है।
**बिंदु 2—नैतिक और व्यावहारिक शिक्षा:** पिता बेटी को केवल पढ़ाई नहीं, बल्कि जीवन के सिद्धांत भी सिखाता है। यह दर्शाता है कि शिक्षा का लक्ष्य न केवल कमाई है, बल्कि एक सम्मानजनक और नैतिक जीवन जीना है।
**बिंदु 3—त्याग और समर्पण:** पिता अपनी सभी सुविधाओं का त्याग करके बेटी की शिक्षा के लिए काम करता है। यह माता-पिता को प्रेरित करता है कि बेटी की शिक्षा में निवेश करना दीर्घकालीन लाभ है।
**बिंदु 4—सामाजिक जिम्मेदारी:** कहानी यह संदेश देती है कि बेटी समाज में सकारात्मक परिवर्तन लाती है। शिक्षित बेटी परिवार के अगले पीढ़ी को संस्कार देती है।
**चरण 3: व्यावहारिक समाधान**
1. **माता-पिता को जागरूक करना:** कहानी को माता-पिता-शिक्षक सम्मेलन में पढ़ाना चाहिए ताकि वे समझें कि बेटी की शिक्षा उतनी ही महत्वपूर्ण है जितनी बेटे की।
2. **छात्राओं के सफलता के उदाहरण:** प्रधानाध्यापक को उन लड़कियों के उदाहरण दिए जाने चाहिए जिन्होंने शिक्षा के माध्यम से सफलता हासिल की है।
3. **आर्थिक सहायता योजनाएँ:** सरकारी और निजी छात्रवृत्तियों के बारे में माता-पिता को बताना चाहिए।
4. **बेटी की आत्मनिर्भरता पर जोर:** यह समझाना चाहिए कि शिक्षित बेटी आत्मनिर्भर बनती है और परिवार का बोझ नहीं, बल्कि सहायक बन जाती है।
**चरण 4: अपेक्षित परिणाम**
- माता-पिता की मानसिकता में सकारात्मक परिवर्तन।
- कक्षा 9 के बाद छात्राओं के स्कूल छोड़ने की दर में कमी।
- समाज में बेटियों के प्रति सम्मान और विश्वास में वृद्धि।
- दीर्घकालीन रूप से, एक शिक्षित और सशक्त समाज का निर्माण।
**निष्कर्ष:** 'बेटी' कहानी केवल एक साहित्यिक कृति नहीं है, बल्कि सामाजिक परिवर्तन का एक शक्तिशाली उपकरण है। इसका सही उपयोग करके प्रधानाध्यापक इस गंभीर सामाजिक समस्या को हल कर सकते हैं।
How CBSETUTOR.ai's AI Tutor Drills These Patterns Daily
CBSETUTOR.ai's adaptive AI tutor is specifically programmed to simulate the exact exam pattern your Class 9 Hindi board will follow in 2026–27. Here's how our platform ensures mastery of 'बेटी' and every CBSE Chapter 2 concept:
**Daily Drill Structure:**
1. **Concept-to-Question Mapping:** Every morning, the AI selects 2–3 MCQ questions to activate your factual recall (नाम, घटनाक्रम, पात्र). These are interspersed with real CBSE pre-board papers from 2024–25, ensuring authenticity.
2. **Contextual Short Answers:** Within 48 hours, the AI escalates to 2-mark scenarios. For example: *"बेटी के चरित्र से क्या सीख मिलती है?"* You write your answer; the AI compares it against a rubric, highlights missing textual evidence, and suggests revision.
3. **Character & Theme Clusters:** Once weekly, the AI generates thematic clusters linking बेटी's character traits, the father's role, and the story's moral message. You're asked to write 3-mark integrative answers (e.g., *"चरित्र चित्रण + नैतिक मूल्य"*). Instant feedback flags whether you've cited the text, reasoned your claims, and synthesized ideas.
4. **Full 5-Mark Essays:** Twice per week, the AI assigns one 5-mark prompt—the exact board essay format. You draft your answer (with optional voice-to-text); the AI evaluates: structure (intro–body–conclusion), argument depth, textual evidence, and linguistic quality. It then generates a 90-second video explanation of a model answer.
5. **HOTS & Synthesis:** Every 10 days, a case-study or critical-thinking question (like the one above) is assigned. The AI breaks down your reasoning and asks follow-up questions to deepen analysis—e.g., *"How does this theme connect to Chapter 1? Why might the examiner pair these stories?"*
**Why This Works for 'बेटी':**
- **Spaced Repetition:** The AI tracks which concepts (पिता-बेटी संबंध, नैतिक मूल्य, सामाजिक संदेश) you've drilled. If you struggle with नैतिक मूल्य, the tutor serves 3 extra questions on that topic in Week 2.
- **Examiner Alignment:** Questions are calibrated to match the exact cognitive demand of CBSE: recall (1M), comprehension (2M), application (3M), synthesis (5M).
- **Peer Benchmarking:** Your score on each question is compared against 50,000+ Class 9 students who drilled the same chapter. You see percentile rank—motivating you to close gaps.
**Start a 3-day free trial at cbsetutor.ai** and experience how our AI tutor adapts to your learning speed, explains every answer in video format, and tracks your board-exam readiness in real time.
Key Takeaways: Why 'बेटी' Matters for Your Board Exam
Chapter 2 'बेटी' is not just a touching story—it's a blueprint for understanding modern Hindi Literature questions. The 2026–27 exam pattern rewards students who can:
1. **Retrieve Facts Accurately:** Who is the father? What does the daughter ask for? You must answer in seconds.
2. **Infer Character Depth:** Beyond plot, examiners want to know: *Why does the father sacrifice? What makes the daughter special?* This demands textual analysis, not memorization.
3. **Connect to Moral Values:** Every 2–3 mark question now includes ethics. Can you link बेटी's actions to abstract concepts like कर्तव्य, त्याग, or स्नेह? Your ability to do so separates 70% scorers from 90% scorers.
4. **Write Integrated Essays:** Long-answer questions always blend plot summary + character analysis + thematic commentary. Practising the 5-mark essays above trains this multi-layered thinking.
5. **Apply Knowledge to Real Scenarios:** HOTS questions (like the case study above) test whether you can transplant the story's lessons to modern contexts—villages dropping girls from school, for example.
**One Final Thought:**
The story 'बेटी' is authored by a writer deeply concerned with Indian social realities. Your job in the exam is not just to say *"The father loves his daughter"* but to explain **why** that love is radical in a society that often undervalues girls, and **what** that tells us about justice, duty, and human dignity. When you can do that—across MCQ, short-answer, and essay formats—you don't just pass; you excel.