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CBSE Class 9 Hindi - Sparsh Chapter 8 रैदास के पद — 20 MCQs with Answers

संत रैदास के पद Class 9 Hindi - Sparsh का एक महत्वपूर्ण अध्याय है जो भक्ति आंदोलन, निर्गुण उपासना और सामाजिक समता के गहन संदेश प्रस्तुत करता है। CBSE 2025 बोर्ड परीक्षाओं में इस अध्याय से 4-5 अंकों के प्रश्न पूछे जाते हैं, जिनमें MCQs की संख्या बढ़ती जा रही है। यह पृष्ठ 20 सावधानीपूर्वक तैयार किए गए बहुविकल्पीय प्रश्न प्रस्तुत करता है जो easy recall से लेकर HOTS और assertion-reason तक सभी स्तरों को कवर करते हैं। प्रत्येक MCQ के साथ सही उत्तर और एक-पंक्ति तर्क दिया गया है, जिससे छात्र न केवल उत्तर याद करें बल्कि अवधारणा भी समझें।

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Key takeaways

  • रैदास के पद emphasize निर्गुण भक्ति where God has no form, color, or caste preference — devotion is measured by purity of heart alone.
  • The chapter carries 4-5 marks in CBSE Class 9 Hindi - Sparsh term exams through MCQs and short-answer questions on themes and literary devices.
  • Bhakti movement challenged medieval ritualism and caste hierarchy, making spiritual access democratic for all social classes including dalits.
  • Equality (समता) is रैदास's core message: humans should be judged by conduct and devotion, not birth or profession.
  • MCQs from रैदास के पद often test identification of literary devices (अलंकार), word meanings (शब्दार्थ), and thematic understanding.
  • CBSE 2025 papers include 1-2 assertion-reason MCQs from poetry chapters requiring students to evaluate both statement and justification validity.
  • Practicing 15-20 MCQs per chapter boosts confidence and recall speed, critical when the actual paper allows just 45 seconds per MCQ.

रैदास के पद — कवि परिचय और ऐतिहासिक संदर्भ पर MCQs

संत रैदास 15वीं-16वीं शताब्दी के महान भक्तिकालीन कवि थे जिन्होंने जाति-व्यवस्था के विरुद्ध अपनी आवाज़ उठाई। वे स्वयं एक दलित बुनकर परिवार से थे, लेकिन उनकी ज्ञान-गहराई और भक्ति-भावना ने समाज के सभी वर्गों को प्रभावित किया। उनके समकालीन संत कबीर थे, और दोनों ने निर्गुण भक्ति धारा को मजबूत किया। रैदास के पद गुरु ग्रंथ साहिब में भी संकलित हैं, जो उनकी सार्वभौमिक स्वीकार्यता का प्रमाण है। CBSE Class 9 की परीक्षाओं में कवि के जीवन, उनके समय की सामाजिक परिस्थितियों और भक्ति आंदोलन की विशेषताओं पर प्रश्न पूछे जाते हैं। निम्नलिखित MCQs छात्रों को इस पृष्ठभूमि को मजबूत करने में मदद करेंगे।
  • Q1. रैदास किस काल के कवि थे? (A) आदिकाल (B) भक्तिकाल (C) रीतिकाल (D) आधुनिक काल → Answer: (B) भक्तिकाल | Reason: रैदास 15वीं-16वीं शताब्दी में भक्ति आंदोलन के प्रमुख स्तंभ थे।
  • Q2. रैदास का जन्म किस सामाजिक वर्ग में हुआ था? (A) ब्राह्मण (B) क्षत्रिय (C) दलित/चर्मकार (D) वैश्य → Answer: (C) दलित/चर्मकार | Reason: रैदास बुनकर (चमार) परिवार से थे और जाति-आधारित भेदभाव के खिलाफ थे।
  • Q3. रैदास के पद किस ग्रंथ में संकलित हैं? (A) रामचरितमानस (B) गुरु ग्रंथ साहिब (C) बीजक (D) सूरसागर → Answer: (B) गुरु ग्रंथ साहिब | Reason: सिख धर्म के पवित्र ग्रंथ में रैदास के 40 पद शामिल हैं।
  • Q4. भक्ति आंदोलन का मुख्य उद्देश्य क्या था? (A) राजनीतिक क्रांति (B) कर्मकांड और जाति-भेद का विरोध (C) संस्कृत का प्रचार (D) मंदिर निर्माण → Answer: (B) कर्मकांड और जाति-भेद का विरोध | Reason: भक्ति आंदोलन ने धार्मिक रूढ़ियों और सामाजिक असमानता को चुनौती दी।

निर्गुण भक्ति और ईश्वर की अवधारणा पर MCQs

निर्गुण भक्ति रैदास के पदों का केंद्रीय विषय है। इस उपासना पद्धति में ईश्वर को निराकार, गुणातीत और सर्वव्यापी माना जाता है — न कोई रूप, न कोई रंग, न कोई मूर्ति। यह सगुण भक्ति (जहाँ राम, कृष्ण जैसे साकार रूपों की पूजा होती है) से भिन्न है। रैदास कहते हैं कि ईश्वर मंदिर-मस्जिद तक सीमित नहीं, वह हर जीव में और हर कण में विद्यमान है। इस अवधारणा ने पुजारियों के एकाधिकार को तोड़ा और आम जनता को सीधे ईश्वर से जुड़ने का अधिकार दिया। CBSE परीक्षाओं में निर्गुण-सगुण का अंतर, निर्गुण भक्ति की विशेषताएँ और पद में प्रयुक्त प्रतीकों पर MCQs आते हैं। ये प्रश्न छात्रों की वैचारिक समझ परखते हैं।
  • Q5. निर्गुण ईश्वर का क्या अर्थ है? (A) गुणों से युक्त (B) गुणों से रहित, निराकार (C) साकार देवता (D) मूर्ति के रूप में → Answer: (B) गुणों से रहित, निराकार | Reason: निर्गुण = निर् (बिना) + गुण (विशेषता), अर्थात बिना किसी रूप-रंग-विशेषता के ईश्वर।
  • Q6. रैदास के अनुसार ईश्वर कहाँ विद्यमान है? (A) केवल मंदिर में (B) केवल मस्जिद में (C) सभी जीवों और कणों में (D) केवल स्वर्ग में → Answer: (C) सभी जीवों और कणों में | Reason: निर्गुण भक्ति में ईश्वर सर्वव्यापी है, किसी एक स्थान तक सीमित नहीं।
  • Q7. सगुण और निर्गुण भक्ति में मुख्य अंतर क्या है? (A) भाषा का अंतर (B) साकार बनाम निराकार ईश्वर (C) समय का अंतर (D) कोई अंतर नहीं → Answer: (B) साकार बनाम निराकार ईश्वर | Reason: सगुण में ईश्वर को मूर्ति या अवतार रूप में पूजा जाता है, निर्गुण में निराकार रूप में।
  • Q8. 'कर्मकांड' शब्द का अर्थ क्या है? (A) अच्छे कर्म (B) धार्मिक अनुष्ठान और रीति-रिवाज़ (C) ध्यान-साधना (D) समाज-सेवा → Answer: (B) धार्मिक अनुष्ठान और रीति-रिवाज़ | Reason: रैदास ने बाहरी कर्मकांड को आंतरिक भक्ति से कम महत्व दिया।

समता और सामाजिक संदेश पर MCQs

रैदास के पदों का सबसे शक्तिशाली पहलू उनका समता का संदेश है। मध्यकालीन भारत में जाति-व्यवस्था अत्यंत कठोर थी और दलितों को शिक्षा, धर्म और सामाजिक अधिकारों से वंचित रखा जाता था। रैदास ने अपने पदों के माध्यम से घोषित किया कि ईश्वर किसी की जाति नहीं पूछते — वे केवल भक्ति की शुद्धता देखते हैं। इस संदेश ने सामाजिक क्रांति की नींव रखी और आज भी संविधान द्वारा प्रदत्त समानता के अधिकार से मेल खाता है। CBSE परीक्षाओं में इस विषय पर value-based और application-level MCQs आते हैं जो छात्रों से अपेक्षा करते हैं कि वे रैदास के संदेश को आधुनिक संदर्भ में जोड़कर समझें। ये MCQs न केवल पाठ की समझ परखते हैं बल्कि नैतिक मूल्यों की भी जाँच करते हैं।
  • Q9. रैदास के अनुसार मनुष्य की पहचान किससे होनी चाहिए? (A) जाति (B) धन-संपत्ति (C) गुण और कर्म (D) वेश-भूषा → Answer: (C) गुण और कर्म | Reason: रैदास ने जन्म-आधारित पहचान को खारिज कर कर्म-आधारित पहचान को प्रमुखता दी।
  • Q10. रैदास की रचनाएँ किस सामाजिक समस्या के खिलाफ थीं? (A) गरीबी (B) जाति-भेदभाव और असमानता (C) अशिक्षा (D) विदेशी आक्रमण → Answer: (B) जाति-भेदभाव और असमानता | Reason: रैदास ने समाज में व्याप्त ऊँच-नीच की भावना को चुनौती दी।
  • Q11. 'पोंगापंथ' का अर्थ क्या है? (A) वैज्ञानिक दृष्टिकोण (B) अंधविश्वास और रूढ़िवादिता (C) धार्मिक सहिष्णुता (D) राजनीतिक विचारधारा → Answer: (B) अंधविश्वास और रूढ़िवादिता | Reason: रैदास ने तर्कहीन धार्मिक मान्यताओं की आलोचना की।
  • Q12. आधुनिक भारत में रैदास का समता संदेश किससे मेल खाता है? (A) मौलिक अधिकार (अनुच्छेद 14-15) (B) राज्य के नीति निदेशक तत्व (C) मौलिक कर्तव्य (D) आपातकालीन प्रावधान → Answer: (A) मौलिक अधिकार (अनुच्छेद 14-15) | Reason: संविधान के अनुच्छेद 14 (समानता का अधिकार) और 15 (भेदभाव निषेध) रैदास के विचारों को प्रतिबिंबित करते हैं।

पद की भाषा, शैली और साहित्यिक उपकरण पर MCQs

रैदास के पद सरल, सहज ब्रजभाषा और अवधी मिश्रित हिंदी में रचे गए हैं ताकि आम जनता उन्हें समझ सके। उनकी शैली संगीतात्मक है — पद गाए जाने के लिए बने हैं, न कि केवल पढ़ने के लिए। इन पदों में अनुप्रास, रूपक, उपमा जैसे अलंकारों का सहज प्रयोग है। प्रतीकात्मकता भी महत्वपूर्ण है: 'जूते सीना' भौतिक कार्य के साथ-साथ आत्मा की मरम्मत का प्रतीक बन जाता है। CBSE परीक्षाओं में भाषा शैली, अलंकार पहचान, शब्दार्थ और काव्य-सौंदर्य पर MCQs पूछे जाते हैं। छात्रों को पद की पंक्तियों को ध्यान से पढ़कर साहित्यिक तत्वों को पहचानना सीखना चाहिए। ये MCQs उसी कौशल को परखते हैं।
  • Q13. रैदास के पदों की भाषा कौन-सी है? (A) खड़ी बोली (B) ब्रजभाषा मिश्रित हिंदी (C) संस्कृत (D) उर्दू → Answer: (B) ब्रजभाषा मिश्रित हिंदी | Reason: ब्रजभाषा भक्तिकाल की लोकप्रिय काव्य-भाषा थी जो जन-सामान्य को समझ में आती थी।
  • Q14. 'अनुप्रास अलंकार' का उदाहरण कौन-सा है? (A) चरण कमल बंदौ हरिराइ (B) प्रेम-पीर की पीड़ा (C) मन मानिक मेरो (D) कोई भी नहीं → Answer: (B) प्रेम-पीर की पीड़ा | Reason: 'प' वर्ण की आवृत्ति अनुप्रास अलंकार का उदाहरण है।
  • Q15. रैदास के पद किस रूप में गाए जाते थे? (A) कहानी (B) संगीत के साथ भजन (C) नाटक (D) निबंध → Answer: (B) संगीत के साथ भजन | Reason: 'पद' गेय काव्य रूप है जो सुर-ताल में गाया जाता था।
  • Q16. 'जूते सीना' प्रतीक रूप में क्या दर्शाता है? (A) रोज़गार (B) शारीरिक श्रम के साथ आध्यात्मिक साधना (C) गरीबी (D) कुछ नहीं → Answer: (B) शारीरिक श्रम के साथ आध्यात्मिक साधना | Reason: रैदास अपने पेशे को भी ईश्वर-आराधना का माध्यम मानते थे।

पाठ्यपुस्तक के पद — प्रमुख पंक्तियों की व्याख्या पर MCQs

NCERT Sparsh पाठ्यपुस्तक में संकलित रैदास के पदों में विशिष्ट पंक्तियाँ हैं जो परीक्षा में बार-बार आती हैं। इन पंक्तियों का शाब्दिक और भावार्थ दोनों स्तर पर समझना आवश्यक है। उदाहरण के लिए, 'ऐसी लाल तुझ बिनु कउनु करै' — यहाँ 'लाल' शब्द ईश्वर के लिए प्रयुक्त है और भक्त की विनम्रता प्रकट होती है। इसी तरह, 'जाति-पाँति पूछै नहिं कोई' — यह पंक्ति समता के संदेश का सार है। परीक्षा में इन पंक्तियों के अर्थ, संदर्भ, प्रसंग और व्याख्या पर MCQs आते हैं। छात्रों को पाठ्यपुस्तक के पदों को 2-3 बार पढ़कर मुख्य पंक्तियाँ रेखांकित करनी चाहिए और उनका भावार्थ याद करना चाहिए। ये MCQs उसी तैयारी को परखते हैं।
  • Q17. 'ऐसी लाल तुझ बिनु कउनु करै' — यहाँ 'लाल' किसके लिए प्रयुक्त है? (A) पुत्र (B) मित्र (C) ईश्वर (D) गुरु → Answer: (C) ईश्वर | Reason: भक्त अपने आराध्य (ईश्वर) को 'लाल' (प्रिय) कहकर संबोधित कर रहा है।
  • Q18. 'जाति-पाँति पूछै नहिं कोई' — इस पंक्ति का भाव क्या है? (A) सब लोग जाति पूछते हैं (B) भक्ति में जाति का कोई स्थान नहीं (C) जाति-व्यवस्था सही है (D) केवल ब्राह्मण पूछ सकते हैं → Answer: (B) भक्ति में जाति का कोई स्थान नहीं | Reason: रैदास कहते हैं कि ईश्वर के दरबार में सभी समान हैं, जाति नहीं पूछी जाती।
  • Q19. 'हरिजी तुम मेरे पितु, मैं तुम्हरो दासु' — यहाँ कवि का भाव क्या है? (A) अहंकार (B) स्वामी-सेवक संबंध (C) पिता-पुत्र संबंध (D) दोनों B और C → Answer: (D) दोनों B और C | Reason: कवि ईश्वर को पिता मानकर पुत्र-भाव रखता है और साथ ही दास (सेवक) भाव भी प्रकट करता है।
  • Q20. 'भगति हेतु आए जग माहीं' — 'भगति हेतु' का अर्थ क्या है? (A) भक्ति के लिए (B) धन के लिए (C) यश के लिए (D) राज्य के लिए → Answer: (A) भक्ति के लिए | Reason: 'हेतु' = कारण, प्रयोजन; अर्थात कवि संसार में केवल ईश्वर की भक्ति के लिए आया है।

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CBSE Class 9 के छात्रों के लिए रैदास के पद जैसे भक्तिकालीन अध्यायों में अक्सर समस्या यह होती है कि शब्दार्थ, भावार्थ और प्रसंग-व्याख्या को रटना पड़ता है, लेकिन समझ नहीं बनती। जब रात 10 बजे कोई पंक्ति समझ नहीं आए और कोई पूछने को न मिले तो पढ़ाई अटक जाती है। यहीं CBSETUTOR.ai आपका निजी AI शिक्षक बन जाता है। आप अपने फ़ोन से किसी भी पद की पंक्ति की फ़ोटो खींचकर अपलोड करें और तुरंत हिंदी में शब्दार्थ, भावार्थ, अलंकार और प्रसंग-सहित व्याख्या प्राप्त करें। यह सुविधा केवल ₹999 प्रति माह में Class 6 से 12 तक सभी विषयों (गणित, विज्ञान, सामाजिक विज्ञान, हिंदी, अंग्रेज़ी) के लिए उपलब्ध है — कोई छिपी फीस नहीं, असीमित प्रश्न पूछ सकते हैं। तीन दिन का निःशुल्क ट्रायल भी मिलता है ताकि आप खुद परख सकें कि AI ट्यूटर किस तरह step-by-step समझाता है। खासकर हिंदी साहित्य में जहाँ contextual और interpretative समझ जरूरी है, वहाँ CBSETUTOR.ai रटने की जगह समझने की आदत डालता है। यह डिजिटल इंडिया के युग में हर CBSE छात्र के लिए किफायती और सुलभ समाधान है।
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CBSE बोर्ड परीक्षा में MCQ Attempt करने की रणनीति

CBSE 2025 की परीक्षाओं में MCQs का weightage बढ़ गया है। हिंदी Sparsh के प्रत्येक अध्याय से 1-2 MCQs (1 mark each) आते हैं, कुल मिलाकर 10-15 MCQs होते हैं। इन्हें attempt करने की सही रणनीति से आप न केवल समय बचाते हैं बल्कि accuracy भी बढ़ाते हैं। सबसे पहले, पूरा question ध्यान से पढ़ें — कभी-कभी 'सही नहीं' या 'सबसे उपयुक्त' जैसे शब्द होते हैं जो उत्तर बदल देते हैं। दूसरा, elimination technique अपनाएँ: जो विकल्प बिल्कुल गलत लगें, उन्हें पहले हटाएँ; फिर बचे 2 विकल्पों में से सोच-समझकर चुनें। तीसरा, assertion-reason MCQs में दोनों statements को अलग-अलग परखें, फिर देखें कि reason सही व्याख्या है या नहीं। चौथा, time management महत्वपूर्ण है: प्रति MCQ अधिकतम 45-60 सेकंड दें; अगर कोई बहुत कठिन लगे तो skip करें और अंत में revisit करें। पाँचवां, negative marking नहीं है तो हर MCQ attempt करें — blank छोड़ने से कोई फायदा नहीं। छठा, OMR sheet में marking सावधानी से करें, darkening पूरी हो। अंत में, यदि समय बचे तो एक बार सभी MCQs को दोबारा check करें। ये तकनीकें रोज़ाना 10-15 MCQs practice करने से आती हैं।
  • Question को पूरा पढ़ें — 'नहीं', 'सबसे', 'केवल' जैसे keywords पर ध्यान दें जो answer को बदल सकते हैं।
  • Elimination method: गलत विकल्पों को काटकर बचे हुए में से चुनें, accuracy बढ़ती है।
  • Assertion-Reason MCQs: A और R को अलग-अलग सत्यापित करें, फिर देखें कि R, A की सही व्याख्या है या नहीं।
  • Time per MCQ: 45-60 सेकंड से ज्यादा न दें; कठिन प्रश्न बाद में attempt करें।
  • Negative marking नहीं है: हर MCQ attempt करें, educated guess भी ठीक है।
  • OMR darkening: हल्के निशान से गलत हो सकता है, पूरी तरह भरें और फिर verify करें।

Frequently asked questions

CBSE Class 9 Hindi - Sparsh परीक्षा में रैदास के पद से कितने अंक के प्रश्न आते हैं?+
आमतौर पर इस अध्याय से 4-5 अंक के प्रश्न आते हैं: 1-2 MCQs (1 mark each), 1 short answer (2 marks), और संभवतः 1 long answer (3-4 marks) poetry section में। 2025 में MCQs का weightage बढ़ा है, इसलिए अध्याय से 2 MCQs संभव हैं।
निर्गुण और सगुण भक्ति में अंतर समझाने के लिए क्या trick है?+
निर्गुण = निराकार (कोई रूप नहीं, जैसे कबीर, रैदास); सगुण = साकार (राम, कृष्ण जैसे अवतार, जैसे तुलसीदास, सूरदास)। याद रखें: निर्गुण में 'ना' sound है, मतलब 'नहीं' — कोई रूप नहीं।
परीक्षा में रैदास के पदों की पंक्तियों का भावार्थ पूछा जाए तो क्या लिखें?+
पहले शाब्दिक अर्थ (literal meaning) दें — कठिन शब्दों का अर्थ स्पष्ट करें। फिर भावार्थ (essence) में कवि का मुख्य संदेश, भक्ति-भाव, समता या निर्गुण विचार लिखें। 3-4 पंक्तियाँ पर्याप्त हैं, 50-60 शब्द।
Assertion-Reason MCQs में 'both true but R is not correct explanation of A' कब चुनें?+
जब Assertion (A) और Reason (R) दोनों अलग-अलग सत्य हों, लेकिन R में दी गई बात A का कारण या व्याख्या न हो — बल्कि एक independent fact हो। उदाहरण: A='रैदास महान कवि थे', R='वे 15वीं सदी में जन्मे।' दोनों सत्य हैं लेकिन R, A की व्याख्या नहीं है।
रैदास के पदों में प्रयुक्त ब्रजभाषा शब्द याद कैसे करूँ?+
Flashcards बनाएँ: एक तरफ ब्रजभाषा शब्द (जैसे 'कउनु', 'लाल', 'हेतु'), दूसरी तरफ हिंदी अर्थ। रोज़ 10 शब्द पढ़ें। NCERT की glossary में दिए गए शब्दार्थ को पहले revision में ही नोट कर लें।
क्या Class 9 Hindi - Sparsh के MCQs में NCERT के बाहर से भी प्रश्न आते हैं?+
नहीं। CBSE के latest guidelines (2024-25) के अनुसार सभी MCQs strictly NCERT textbook से ही आते हैं। बाहरी reference की जरूरत नहीं; NCERT को अच्छी तरह पढ़ें और practice MCQs solve करें।
मैं रैदास के पद रट लेता हूँ पर MCQs में गलत हो जाता है, क्यों?+
रटना काफी नहीं — समझ ज़रूरी है। MCQs application और reasoning test करते हैं। पंक्ति के भावार्थ, context और message को समझें। Practice के दौरान हर गलत MCQ का reason पढ़ें और नोट करें, ताकि वही गलती दोबारा न हो।
CBSETUTOR.ai का AI tutor रैदास के पद जैसे साहित्यिक अध्यायों में कैसे मदद करता है?+
आप किसी पंक्ति, शब्द या प्रश्न की फोटो upload करें; AI तुरंत हिंदी में शब्दार्थ, भावार्थ, अलंकार, और संदर्भ देता है। Interpretation और value-based questions में भी मदद मिलती है। यह 24×7 उपलब्ध है और सिर्फ ₹999/month में unlimited doubts clear होते हैं।
क्या भक्तिकाल के सभी कवियों का message एक जैसा था?+
मूल भाव समान था — भक्ति, सामाजिक सुधार, कर्मकांड विरोध — लेकिन approach अलग थी। रैदास-कबीर निर्गुण, तुलसीदास-सूरदास सगुण थे। MCQs में यह अंतर पूछा जा सकता है, इसलिए सभी कवियों की विशेषताएँ तुलनात्मक रूप से याद रखें।
परीक्षा से एक रात पहले रैदास के पद की तैयारी कैसे करूँ?+
NCERT पाठ को एक बार पूरा पढ़ें, खासकर पदों की मुख्य पंक्तियाँ। Key terms (निर्गुण, समता, भक्ति) और उनके अर्थ revise करें। 10-15 MCQs solve करें जो इस page पर दिए गए हैं। Word meanings और भावार्थ को bullet points में नोट कर लें। पूरी रात जागने से बचें — 6-7 घंटे की नींद ज़रूरी है ताकि exam में fresh mind रहे।

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