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कक्षा 9 राजनीति विज्ञान अध्याय 5 विधायिका बहुविकल्पीय प्रश्न क्विज – 30 हल किए गए प्रश्न और उत्तर

विधायिका भारतीय लोकतंत्र के तीन स्तंभों में से एक है और कक्षा 9 राजनीति विज्ञान अध्याय 5 का एक महत्वपूर्ण विषय है। संसद कैसे काम करती है—इसकी संरचना से लेकर इसकी शक्तियों तक—यह समझना CBSE बोर्ड परीक्षाओं और प्रतिस्पर्धी प्रवेश परीक्षाओं के लिए आवश्यक है। यह व्यापक बहुविकल्पीय प्रश्न क्विज 30 हल किए गए प्रश्नों के साथ पूरे अध्याय को कवर करता है, जिसमें लोकसभा, राज्यसभा, विधायी प्रक्रियाएं और विधायकों की भूमिका शामिल है। चाहे आप परीक्षा से पहले संशोधन कर रहे हों या तेजी से अभ्यास के लिए तैयारी कर रहे हों, ये प्रश्न NCERT 2024-25 पाठ्यक्रम के साथ बिल्कुल सही हैं। भारत के सबसे विश्वसनीय 24x7 AI शिक्षक CBSETUTOR.ai का उपयोग करें, तत्काल संदेह समाधान और राजनीति विज्ञान के लिए व्यक्तिगत सीखने के पथ प्राप्त करने के लिए।

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विधायिका क्या है? परिभाषा और भारतीय लोकतंत्र में भूमिका

विधायिका सरकार की वह शाखा है जो कानून बनाने के लिए जिम्मेदार है। भारत में यह संसद से मिलकर बनी है, जिसके दो सदन हैं: लोक सभा (जनता का सदन) और राज्य सभा (राज्यों की परिषद्)। NCERT कक्षा 9 राजनीति विज्ञान अध्याय 5 के अनुसार, विधायिका जनता का प्रतिनिधित्व करती है, कानून बनाती है, सरकार के वित्त पर नियंत्रण रखती है, और कार्यपालिका को जवाबदेह बनाती है। यह भारत में लोकतंत्र का सबसे सीधे तौर पर प्रतिनिधित्व वाला अंग है।

भारतीय संसद की संरचना: लोक सभा और राज्य सभा समझाई गई

भारतीय संसद के दो सदन हैं। लोक सभा में 543 निर्वाचित सदस्य हैं और 2 मनोनीत सदस्य हैं, जबकि राज्य सभा में 245 सदस्य हैं (233 निर्वाचित, 12 मनोनीत)। लोक सभा के सदस्यों को जनता द्वारा 5 साल की अवधि के लिए सीधे चुना जाता है। राज्य सभा के सदस्यों को राज्य विधानसभाओं द्वारा चुना जाता है। NCERT की पाठ्यपुस्तक इस बात पर जोर देती है कि यह द्विसदनीय संरचना सीधे प्रतिनिधित्व और कानून बनाने में राज्यों की भागीदारी दोनों को सुनिश्चित करती है।

कक्षा 9 NCERT अध्याय 5 में विधायकों की योग्यताएं और शक्तियां

संसद का सदस्य बनने के लिए व्यक्ति भारतीय नागरिक होना चाहिए, कम से कम 25 साल की उम्र (लोक सभा के लिए) या 30 साल की उम्र (राज्य सभा के लिए) होनी चाहिए, और मतदाता के रूप में पंजीकृत होना चाहिए। विधायकों के पास विधेयक प्रस्तुत करने, सरकारी नीतियों पर चर्चा करने, सवाल पूछने, विधेयकों पर वोट देने और मुख्य संवैधानिक पदाधिकारियों को चुनने की शक्ति है। अध्याय 5 विस्तार से बताता है कि ये शक्तियां विधायकों को अपने निर्वाचन क्षेत्र और राष्ट्र के प्रति जवाबदेह कैसे बनाती हैं।

विधेयक कानून कैसे बनते हैं: भारत में विधायी प्रक्रिया

NCERT अध्याय 5 विधेयक की तीन पाठ्य को समझाता है: प्रथम पाठ् (प्रस्तुतीकरण), द्वितीय पाठ् (चर्चा और संशोधन), और तृतीय पाठ् (अंतिम वोट)। विधेयक किसी भी सदन में प्रस्तावित किए जा सकते हैं सिवाय धन विधेयकों के, जो लोक सभा में शुरू होने चाहिए। किसी भी विधेयक को कानून बनने के लिए राष्ट्रपति की मंजूरी आवश्यक है। इस प्रक्रिया को समझना CBSE परीक्षाओं के लिए महत्वपूर्ण है और यह दर्शाता है कि संसद कैसे व्यवस्थित तरीके से कार्य करती है।

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संसद की शक्तियों और कार्यों पर CBSE परीक्षाओं के लिए मुख्य प्रश्न

CBSE आमतौर पर संसद के विधायी, वित्तीय और कार्यपालिका नियंत्रण कार्यों के बारे में प्रश्न पूछता है। मुख्य विषयों में शामिल हैं: संघ सूची के विषयों पर कानून बनाना, बजट पारित करना, राष्ट्रपति पर महाभियोग लगाना और अविश्वास प्रस्ताव के माध्यम से मंत्रियों को हटाना। अध्याय 5 के MCQs लोकसभा और राज्यसभा की शक्तियों में अंतर, अध्यक्ष की भूमिका और बहस तथा मतदान के लिए गणपूर्ति की आवश्यकताओं पर ध्यान केंद्रित करते हैं।

संवैधानिक संशोधन और विधायिका की भूमिका

विधायिका के पास भारतीय संविधान के अनुच्छेद 368 के तहत संविधान में संशोधन करने की शक्ति है, जैसा कि NCERT अध्याय 5 में समझाया गया है। संवैधानिक संशोधनों के लिए दोनों सदनों में विशेष बहुमत की आवश्यकता होती है और इसे किसी भी सदस्य द्वारा शुरू किया जा सकता है। यह शक्ति विधायिका को संवैधानिक विकास के लिए महत्वपूर्ण बनाती है। CBSE परीक्षाएं अक्सर प्रश्न पूछती हैं कि कितने संशोधन पारित किए गए हैं और कौन से निकाय संशोधनों का प्रस्ताव दे सकते हैं।

विधायिका पर सामान्य CBSE परीक्षा प्रश्न: महारत हासिल करने के लिए विषय

इसकी अपेक्षा करें: लोकसभा सदस्यों का कार्यकाल (5 वर्ष), सांसदों की योग्यता, बिल और अधिनियम के बीच अंतर, धन विधेयक, राष्ट्रपति की विधायी भूमिका और महाभियोग की प्रक्रियाएं। अध्याय 5 प्रश्नकाल भी शामिल करता है, जहां मंत्री सदस्यों के सवालों के जवाब देते हैं। ये MCQs समझ का परीक्षण करते हैं कि संसद प्रतिनिधित्व, जवाबदेही और लोकतंत्र में कानून बनाने को कैसे संतुलित करता है।

अभ्यास सुझाव: विधायिका MCQs पर पूरे अंक कैसे प्राप्त करें

समझ पर ध्यान दें, केवल याद करने पर नहीं। CBSETUTOR.ai के AI-संचालित अभ्यास मोड का उपयोग करके समान प्रश्नों को बार-बार प्रयास करें जब तक अवधारणाएं स्पष्ट न हो जाएं। विशिष्ट संख्याओं (543 लोकसभा सदस्य, 5 वर्षीय कार्यकाल), NCERT में उल्लिखित संवैधानिक अनुच्छेद और कानून बनाने की प्रक्रियात्मक चरणों पर ध्यान दें। पिछले CBSE प्रश्नपत्रों की समीक्षा करें ताकि अध्याय 5 में आवर्ती पैटर्न और उच्च-भार वाले विषयों की पहचान की जा सके।

Frequently asked questions

लोकसभा की अधिकतम शक्ति संविधान के अनुसार क्या है?+
लोकसभा की अधिकतम शक्ति 545 सदस्यों की है: 543 का चुनाव जनता द्वारा किया जाता है और 2 राष्ट्रपति द्वारा मनोनीत होते हैं जो एंग्लो-इंडियन समुदायों का प्रतिनिधित्व करते हैं। यह संरचना भारतीय संविधान के अनुच्छेद 81 और NCERT कक्षा 9 राजनीति विज्ञान के अध्याय 5 में दी गई है।
क्या CBSETUTOR.ai हिंदी माध्यम में राजनीति विज्ञान में मेरी मदद कर सकता है?+
हाँ, CBSETUTOR.ai हिंदी माध्यम के छात्रों को पूरे अध्याय 5 की सामग्री, MCQ और हिंदी में व्याख्याएं प्रदान करता है। हमारा AI ट्यूटर आपकी पसंदीदा भाषा में 24x7 संदेह समाधान प्रदान करता है, जिससे CBSE राजनीति विज्ञान सुलभ और समझने में आसान हो जाता है।
मनी बिल और साधारण बिल में क्या अंतर है?+
मनी बिल कराधान, सरकारी व्यय और उधार से संबंधित होते हैं। इन्हें केवल लोकसभा में प्रस्तुत किया जा सकता है और राज्यसभा की पारित करने के लिए अनुमोदन की आवश्यकता नहीं है। साधारण बिल किसी भी सदन में प्रस्तुत किए जा सकते हैं और दोनों की अनुमोदन की आवश्यकता होती है। अध्याय 5 NCERT इस अंतर को स्पष्ट रूप से समझाता है।
क्या CBSETUTOR.ai का MCQ अभ्यास छात्रों के लिए निःशुल्क है?+
CBSETUTOR.ai एक निःशुल्क ट्रायल अवधि प्रदान करता है ताकि छात्र मंच का पता लगा सकें, नमूना MCQ का प्रयास कर सकें और व्यक्तिगत AI ट्यूटरिंग का अनुभव ले सकें। ट्रायल के बाद, विभिन्न बजट और CBSE परिवारों की सीखने की जरूरतों के अनुरूप लचकदार सदस्यता योजनाएं उपलब्ध हैं।
लोकसभा के सदस्य कितने समय के लिए सेवा करते हैं?+
लोकसभा के सदस्य 5 वर्षों के कार्यकाल के लिए सेवा करते हैं, जिसके बाद आम चुनाव आयोजित किए जाते हैं। राष्ट्रपति आवश्यकता पड़ने पर लोकसभा को पहले भंग कर सकते हैं। राज्यसभा के सदस्य 6 वर्षों के कार्यकाल के लिए सेवा करते हैं, हर 2 वर्ष में एक-तिहाई सेवानिवृत्त होते हैं, जैसा कि NCERT अध्याय 5 में समझाया गया है।
NCERT अध्याय 5 के अनुसार एक MP के पास कौन-कौन सी योग्यताएं होनी चाहिए?+
एक MP को भारतीय नागरिक होना चाहिए, कम से कम 25 वर्ष (लोकसभा) या 30 वर्ष (राज्यसभा) का होना चाहिए, मतदाता के रूप में पंजीकृत होना चाहिए, और संविधान या किसी भी कानून के तहत अयोग्य नहीं होना चाहिए। अध्याय 5 विधायकों के लिए पात्रता मानदंड पर पूर्ण विवरण प्रदान करता है।
CBSETUTOR.ai अध्याय 5 राजनीति विज्ञान के लिए सीखने को कैसे व्यक्तिगत बनाता है?+
CBSETUTOR.ai आपके उत्तरों का विश्लेषण करने, कमजोर क्षेत्रों की पहचान करने और कस्टम संशोधन नोट्स तैयार करने के लिए AI का उपयोग करता है। यह आपके प्रदर्शन के आधार पर प्रश्न की कठिनाई को अनुकूलित करता है, तत्काल प्रतिक्रिया प्रदान करता है और प्रगति को ट्रैक करता है—CBSE परीक्षाओं के लिए कुशल तैयारी सुनिश्चित करता है।
क्या राज्यसभा लोकसभा द्वारा पारित मनी बिल को अस्वीकार कर सकती है?+
नहीं, राज्यसभा मनी बिल को अस्वीकार नहीं कर सकती। वह केवल संशोधन की सिफारिश कर सकती है, जिसे लोकसभा स्वीकार कर सकती है या नहीं भी कर सकती है। मनी बिल के लिए लोकसभा का निर्णय अंतिम है। यह अंतर CBSE अध्याय 5 परीक्षाओं के लिए महत्वपूर्ण है और वित्तीय मामलों में संसदीय प्रभुता का परीक्षण करता है।

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