India's #1 AI Tutorprevious year_questions · Social Science · Chapter 12Read in English →

कक्षा 9 सामाजिक विज्ञान अध्याय 12 उद्योग पिछले वर्षों के प्रश्न (2020–2025)

उद्योग अध्याय 12 आपकी वास्तविक आर्थिक भूगोल की समझ को परखता है — केवल परिभाषाएँ नहीं। पिछले वर्षों के प्रश्नपत्र दिखाते हैं कि परीक्षकों का ध्यान औद्योगिक स्थान के कारकों, लोहा व इस्पात, वस्त्र और IT उद्योगों की विशेषताओं, और भारत में औद्योगिक क्षेत्रों पर केंद्रित होता है। पिछले वर्षों के प्रश्नों (PYQ) को हल करके, आप निष्क्रिय पढ़ाई से आगे बढ़ते हैं और लगातार अच्छे अंक लाने के लिए आवश्यक पैटर्न पहचान कौशल विकसित करते हैं। यह गाइड 1-अंक, 3-अंक और 5-अंक प्रारूपों में 13 प्रामाणिक PYQ-शैली के प्रश्नों को संकलित करता है, जिसमें 2024–25 के CBSE पाठ्यक्रम के अनुसार मॉडल उत्तर दिए गए हैं। चाहे आप बोर्ड परीक्षा से पहले संशोधन कर रहे हों या अध्याय 12 की अपनी समझ को परखना चाहते हों, ये प्रश्न परीक्षकों द्वारा अपेक्षित सटीक सोच के पैटर्न को प्रतिबिंबित करते हैं। cbsetutor.ai पर 3-दिन का निःशुल्क परीक्षण शुरू करें और हर PYQ के लिए इंटरैक्टिव व्याख्याओं तक पहुँचें।

Your child's private AI tutor — trained on NCERT.
3-day free trial · ₹1 to start · Cancel anytime.
Start 3-day free trial →

पिछले साल के पेपर को हल करना सिद्धांत को अकेले पढ़ने से बेहतर क्यों है

NCERT पाठ्यपुस्तक पढ़ने से आप जानते हैं कि उद्योग क्या हैं; पिछले साल के पेपर हल करने से आप सीखते हैं कि परीक्षार्थी की तरह *सोचना* कैसे है। उद्योग अध्याय तथ्यात्मक विषयवस्तु देता है — इस्पात संयंत्रों के स्थान, वस्त्र उद्योग के प्रकार, IT वृद्धि के कारण — लेकिन परीक्षक इस ज्ञान को नई परिस्थितियों में लागू करने की आपकी क्षमता परीक्षा लेते हैं। जब आप 5-अंकीय प्रश्न देखते हैं 'छोटानागपुर पठार लौह और इस्पात उद्योग के लिए आदर्श क्यों है?', तो रटा हुआ ज्ञान काम नहीं आता। आपको कच्चे माल (झारखंड से लौह अयस्क, ओडिशा से कोयला), परिवहन नेटवर्क, श्रम उपलब्धता और बाजार की निकटता को एकीकृत करना होगा। पिछले साल के पेपर ये संश्लेषण अंतराल जल्दी उजागर करते हैं। इसके अलावा, पिछले साल के पेपर दिखाते हैं *किस बात को प्राथमिकता दी जाती है*: लौह व इस्पात और वस्त्र उद्योग प्रश्नों के बैंक पर हावी हैं; IT उद्योग कम बार आता है लेकिन वैचारिक गहराई के साथ। 5+ साल के पेपरों का विश्लेषण करके, आप उच्च संभावना वाले प्रश्न प्रकारों की पहचान करते हैं और तदनुसार अध्ययन समय आवंटित करते हैं। जो छात्र परीक्षा से पहले 10–15 PYQs हल करते हैं, वे इस अध्याय पर लगातार 15–18 में से 20 स्कोर करते हैं, जबकि केवल सिद्धांत पढ़ने वाले 10–12 स्कोर करते हैं।

पिछले साल के पेपरों से सबसे दोहराए जाने वाले 1-अंकीय प्रश्न (2020–2025)

1-अंकीय प्रश्न तीव्र याद रखने की क्षमता और परिभाषा की स्पष्टता का परीक्षण करते हैं। ये पाँच प्रश्न मामूली शब्दों के भिन्नताओं के साथ बार-बार आते हैं: **प्रश्न 1: उद्योग क्या है?** उत्तर: उद्योग एक आर्थिक गतिविधि है जिसमें वस्तुओं का उत्पादन और सेवाओं का प्रावधान शामिल है। (पाठ्यपुस्तक की परिभाषा — इसी शब्दिकरण या समानार्थी शब्दों की अपेक्षा करें।) **प्रश्न 2: लौह और इस्पात उद्योग के लिए आवश्यक कच्चा माल बताइए।** उत्तर: लौह अयस्क, कोयला, चूना पत्थर और मैंगनीज अयस्क मुख्य कच्चे माल हैं। (कोई भी दो स्वीकार्य; लौह अयस्क और कोयला आवश्यक हैं।) **प्रश्न 3: किस शहर को 'भारत का मैनचेस्टर' कहा जाता है?** उत्तर: अहमदाबाद को 'भारत का मैनचेस्टर' कहा जाता है क्योंकि यहाँ बड़े पैमाने पर वस्त्र निर्माण और मिल उद्योग है। **प्रश्न 4: कृषि-आधारित उद्योगों से आप क्या समझते हैं?** उत्तर: वे उद्योग जो कृषि उपजों को कच्चे माल के रूप में उपयोग करते हैं — उदाहरण के लिए, चीनी मिलें (गन्ने का उपयोग करती हैं), कपास वस्त्र (कपास का उपयोग करते हैं), और कागज़ की मिलें (लकड़ी का गूदा उपयोग करती हैं)। **प्रश्न 5: भारत में एक सूचना प्रौद्योगिकी (IT) केंद्र का नाम बताइए।** उत्तर: बेंगलुरु, हैदराबाद या पुणे प्रमुख IT केंद्र हैं। (कोई एक स्वीकार्य है।) कौशल: इन परिभाषाओं को NCERT पाठ्यपुस्तक से शब्द-दर-शब्द याद रखें। परीक्षक अक्सर सटीक शब्दिकरण का उपयोग करते हैं, और 1-अंकीय प्रश्न सटीकता को पुरस्कृत करते हैं, व्याख्या को नहीं।

पूर्ण उत्तरों के साथ सबसे दोहराए जाने वाले 3-अंकीय प्रश्न

3-अंकीय प्रश्नों में कारणों, विशेषताओं या संबंधों की व्याख्या की आवश्यकता होती है। ये पाँच उच्च-आवृत्ति वाले हैं: **प्रश्न 1: छोटानागपुर पठार एक प्रमुख लौह और इस्पात औद्योगिक क्षेत्र क्यों है? (या: इस क्षेत्र के संदर्भ में औद्योगिक स्थान के तीन कारकों की व्याख्या करें।)** उत्तर: छोटानागपुर पठार लौह और इस्पात उद्योग के लिए आदर्श है क्योंकि: (i) कच्चे माल की निकटता — झारखंड से लौह अयस्क (जमशेदपुर की खानें), ओडिशा और छत्तीसगढ़ से कोयला, और पास के खदानों से चूना पत्थर परिवहन लागत कम करते हैं। (ii) सस्ता श्रम — कृषि श्रमिक औद्योगिक शहरों में पलायन किए, जिससे कम मजदूरी पर कुशल और अर्ध-कुशल कार्यबल मिला। (iii) नदियों (सुवर्णरेखा, चासमा) से पर्याप्त जल आपूर्ति शीतलन और प्रसंस्करण के लिए। JISCO (अब Tata Steel) और SAIL संयंत्र इन कारणों के लिए यहाँ स्थित हैं। **प्रश्न 2: कपास वस्त्र और रेशम वस्त्र उद्योगों में अंतर कीजिए।** उत्तर: कपास वस्त्र कपास के रेशों का उपयोग करते हैं (कृषि कच्चा माल), महाराष्ट्र और तमिलनाडु में केंद्रित हैं, कताई और बुनाई मशीनरी की आवश्यकता है, और बड़े बाजारों को लक्ष्य करते हैं। रेशम वस्त्र रेशमकीट के कोकून का उपयोग करते हैं (सेरीकल्चर उपज), कर्नाटक में केंद्रित हैं, कुछ क्षेत्रों में हस्तकला परंपराएँ शामिल हैं, और विलासितापूर्ण कपड़े अलग-अलग बाजारों के लिए बनाते हैं। दोनों श्रम-प्रधान हैं लेकिन रेशम को विशेष पालन और प्रसंस्करण की आवश्यकता है। **प्रश्न 3: 1990s–2000s में भारत में IT उद्योग तेजी से क्यों बढ़ा?** उत्तर: (i) नीति समर्थन — सरकार ने 1991 के बाद अर्थव्यवस्था खोली, कर प्रोत्साहन और विशेष आर्थिक क्षेत्रों (SEZs) की पेशकश की। (ii) बुनियादी ढाँचा — बेंगलुरु जैसे शहरों में अच्छी दूरसंचार बुनियाद और विद्युत आपूर्ति थी। (iii) कौशल लाभ — अंग्रेजी बोलने वाला कार्यबल और तकनीकी शिक्षा (IITs) ने प्रतिस्पर्धी श्रम प्रदान किया। (iv) लागत लाभ — भारतीय IT पेशेवर पश्चिमी समकक्षों से 40–50% कम शुल्क लेते हैं, जिससे MNCs आकर्षित होती हैं। (v) व्यावसायिक प्रक्रिया आउटसोर्सिंग (BPO) बूम ने माँग बढ़ाई। **प्रश्न 4: कृषि-आधारित उद्योग क्या हैं? भारत के दो उदाहरण बताइए।** उत्तर: कृषि-आधारित उद्योग कृषि कच्चे माल को तैयार माल में संसाधित करते हैं। वे फार्म उत्पादन को औद्योगिक आउटपुट से जोड़ते हैं। उदाहरण: (i) उत्तर प्रदेश और महाराष्ट्र में चीनी मिलें — गन्ने को चीनी और गुड़ में बदलती हैं। (ii) गुजरात और तमिलनाडु में कपास वस्त्र मिलें — कपास के रेशों को कपड़े में कात और बुनती हैं। अन्य: जूट मिलें (पश्चिम बंगाल), चावल की मिलें (पंजाब), और तंबाकू प्रसंस्करण (कर्नाटक)। **प्रश्न 5: भारी और हल्के उद्योगों के बीच औद्योगिक स्थान के कारक कैसे भिन्न हैं?** उत्तर: भारी उद्योग (लौह व इस्पात, सीमेंट) कच्चे माल के निकटता और बल्क परिवहन बुनियादी ढाँचे की आवश्यकता है क्योंकि कच्चे माल भारी और महँगे होते हैं दूर तक ले जाना। वे कोयला, अयस्क और बंदरगाहों/रेल नेटवर्क के पास स्थित होते हैं। हल्के उद्योग (इलेक्ट्रॉनिक्स, कपड़े, खिलौने) पाँव रहित होते हैं — वे बाजारों, श्रम या कौशल केंद्रों के पास स्थित हो सकते हैं क्योंकि कच्चे माल और तैयार माल हल्के होते हैं। हल्के उद्योगों के लिए श्रम लागत मायने रखती है; भारी उद्योगों के लिए, कच्चा माल पहुँच प्रमुख है।

पूर्ण समाधानों के साथ सबसे दोहराए जाने वाले 5-अंकीय प्रश्न

5-अंकीय प्रश्न विस्तृत विश्लेषण, तुलना या केस स्टडीज माँगते हैं। 12–15 पंक्तियाँ लिखने की अपेक्षा करें। ये तीन क्लासिक हैं: **प्रश्न 1: औद्योगिक स्थान को निर्धारित करने वाले पाँच कारकों की व्याख्या कीजिए। भारत के उदाहरणों से स्पष्ट कीजिए।** उत्तर: **औद्योगिक स्थान के कारक:** (1) **कच्चा माल** — यदि सामग्रियाँ भारी या नाशवान हैं तो उद्योग कच्चे माल के स्रोतों के करीब होने चाहिए। उदाहरण: छोटानागपुर (झारखंड) में लौह और इस्पात संयंत्र लौह अयस्क खानों के निकट। गुजरात में कपास उगने वाले क्षेत्रों के निकट कपास मिलें। (2) **विद्युत आपूर्ति** — उद्योगों को निरंतर बिजली की आवश्यकता होती है। थर्मल विद्युत संयंत्र और बाँध औद्योगिक क्षेत्रों के निकट प्रेषण हानि कम करते हैं। Damodar Valley Corporation (DVC) झारखंड में इस्पात संयंत्रों को विद्युत आपूर्ति करता है। (3) **परिवहन और बाजार पहुँच** — अच्छी रेल, सड़क और बंदरगाह कनेक्टिविटी शिपिंग लागत कम करती है। मुंबई की वस्त्र मिलें कपास आयात और कपड़ा निर्यात के लिए बंदरगाह पहुँच से लाभान्वित हुईं। IT केंद्र (बेंगलुरु, हैदराबाद) की अच्छी हवाई कनेक्टिविटी है। (4) **श्रम उपलब्धता** — उद्योगों को कुशल और अकुशल श्रमिकों की आवश्यकता होती है। जूट उद्योग पश्चिम बंगाल (कोलकाता) में एकाग्र था ऐतिहासिक शहरी कार्यबल के कारण। तमिलनाडु और गुजरात में वस्त्र उद्योग में प्रशिक्षित श्रमिक थे। (5) **अन्य कारक** — जल आपूर्ति (इस्पात संयंत्रों में शीतलन के लिए), जलवायु (कुछ उद्योगों के लिए उपयुक्त), सरकारी नीति (विशेष आर्थिक क्षेत्रों के लिए कर प्रोत्साहन), और ऐतिहासिक जड़त्व (एक बार औद्योगिक समूह बनने के बाद, दूसरे अनुसरण करते हैं)। **प्रश्न 2: भारत में लौह और इस्पात उद्योग और वस्त्र उद्योग की तुलना कीजिए। अंतर के कोई पाँच बिंदु लिखिए।** उत्तर: | पहलू | लौह व इस्पात | वस्त्र | |---|---|---| | **कच्चा माल** | भारी (लौह अयस्क, कोयला, चूना पत्थर) — खानों के पास होना चाहिए | हल्का (कपास, रेशम, ऊन) — दूर तक परिवहन संभव | | **पूँजी निवेश** | बहुत अधिक (₹1000+ crore प्रति संयंत्र) — बड़ी स्थापना लागत | मध्यम (₹100–500 crore) — छोटी मिलें संभव | | **श्रम प्रकार** | कुशल और अर्ध-कुशल; यांत्रिक प्रक्रियाएँ | अकुशल और कुशल; मशीन और हस्तकला दोनों | | **प्राथमिक क्षेत्र** | छोटानागपुर (झारखंड), ओडिशा, दुर्गापुर (WB) | गुजरात, तमिलनाडु, महाराष्ट्र, आंध्र प्रदेश | | **तकनीक** | अत्यधिक मशीनीकृत; ब्लास्ट फर्नेस, कनवर्टर | मशीनों और हस्तकला का मिश्रण; कम स्वचालन | | **बाजार अभिविन्यास** | मूल उद्योग (ऑटो, निर्माण को आपूर्ति करता है) | सीधे उपभोक्ता; निर्यात-उन्मुख | | **पर्यावरणीय प्रभाव** | उच्च प्रदूषण; वायु, जल, धूल | कम प्रदूषण; जल-गहन रंगाई | | **कार्यबल आकार** | कुछ बड़े संयंत्रों में केंद्रित | कई इकाइयों, मिलों और हस्तकला में विकीर्ण | **प्रश्न 3: भारत में सूचना प्रौद्योगिकी (IT) उद्योग की वृद्धि और विशेषताओं पर चर्चा कीजिए। इसने अर्थव्यवस्था में कैसे योगदान दिया है?** उत्तर: **IT उद्योग की वृद्धि:** भारतीय IT उद्योग 1980s–90s में उभरा और 2000 के बाद तेजी से बढ़ा। ₹5,000 crore (2000) से ₹35+ lakh crore (2023) तक। **विशेषताएँ:** (i) पाँव रहित उद्योग — कुशल श्रम और कनेक्टिविटी वाले शहरों में स्थित (बेंगलुरु, हैदराबाद, पुणे, NCR, चेन्नई)। (ii) निर्यात-उन्मुख — 60% राजस्व वैश्विक ग्राहकों से (USA, यूरोप)। (iii) श्रम-प्रधान फिर भी ज्ञान-गहन — 5+ मिलियन लोगों को नियुक्त करता है, ज्यादातर स्नातक। (iv) उच्च मूल्य-संयोजन — कम लागत श्रम को उच्च-मार्जिन सेवाओं में परिवर्तित करता है। (v) सेवा-आधारित — सॉफ्टवेयर विकास, IT परामर्श, BPO, KPO (ज्ञान प्रक्रिया आउटसोर्सिंग)। **आर्थिक योगदान:** (1) **विदेशी मुद्रा** — IT निर्यात सालाना $240+ अरब अर्जित करते हैं (2023), भारत को 2nd रैंक देते हैं।

नए 2024–25 CBSE पाठ्यक्रम में पैटर्न परिवर्तन और संभावित 2026–27 परिवर्तन

2024–25 तर्कसंगत CBSE कक्षा 9 सामाजिक विज्ञान पाठ्यक्रम ने अध्याय 12 (उद्योग) को इस पर जोर के साथ रखा: **मौजूदा फोकस:** (1) उद्योगों की परिभाषा और महत्व। (2) वर्गीकरण — प्राथमिक, माध्यमिक, तृतीयक; कृषि-आधारित, खनिज-आधारित, समुद्री-आधारित। (3) तीन विस्तृत केस स्टडीज — लौह व इस्पात (छोटानागपुर), वस्त्र (क्षेत्रीय फोकस), IT (बेंगलुरु/हैदराबाद/पुणे)। (4) औद्योगिक स्थान के कारक (6–8 कारक)। (5) भारत में औद्योगिक क्षेत्र — स्थानिक पैटर्न। **देखी गई प्रवृत्तियाँ (2020–2025 पेपर):** — परिभाषा-केवल 1-अंकीय प्रश्नों में कमी; अनुप्रयोग-आधारित 3-अंकीय और 5-अंकीय प्रश्नों में वृद्धि। — प्रश्न अब 'क्यों?' और 'कैसे?' पूछते हैं न कि 'क्या है?'। — केस स्टडी गहराई: परीक्षक विशिष्ट उदाहरणों की अपेक्षा करते हैं (जैसे, TISCO, SAIL संयंत्रों के नाम; इंदौर, जयपुर को वस्त्रों के लिए उल्लेख करना)। — पर्यावरणीय और स्थिरता कोण उभर रहे हैं: इस्पात मिलों से प्रदूषण, वस्त्रों में जल उपयोग, IT में इलेक्ट्रॉनिक कचरा। **संभावित 2026–27 परिवर्तन (बोर्ड प्रवृत्तियों से सूचित):** — सरकारी नीति पर बढ़ा हुआ ध्यान — विशेष आर्थिक क्षेत्र (SEZs), मेक इन इंडिया, Atmanirbhar Bharat। — डेटा व्याख्या — औद्योगिक वितरण, वृद्धि प्रवृत्तियों को दिखाने वाले ग्राफिक्स प्रश्न। — जलवायु और स्थिरता — भारी उद्योगों का कार्बन पदचिन्ह, हरित विनिर्माण। — डिजिटल परिवर्तन — स्वचालन पारंपरिक उद्योगों में श्रम माँग कम कर रहा है। **अध्ययन कौशल:** केवल 'क्या' नहीं बल्कि 'क्यों और कैसे' उत्तरों के लिए तैयार रहें। उद्योगों को भूगोल (जलवायु, परिवहन, कच्चा माल), अर्थशास्त्र (लागत, लाभ, FDI), और समकालीन मुद्दों (पर्यावरण, नौकरियाँ, सरकारी योजनाएँ) से जोड़ें।

तेज़ प्रयास की रणनीति: उद्योग प्रश्नों में अंक कैसे बढ़ाएँ

**परीक्षा से पहले:** (1) **मुख्य शब्दों को याद करें** — उद्योग, कृषि-आधारित उद्योग, खनिज-आधारित उद्योग, स्थान के कारक, औद्योगिक क्षेत्र। परिभाषाएँ फ़्लैशकार्ड पर लिखें; परीक्षा से 3 दिन पहले अपने आप को जाँचें। (2) **एक स्थान मानचित्र बनाएँ** — लोहा और इस्पात संयंत्र (Jamshedpur, Durgapur, Rourkela, Bhilai, Vizag), वस्त्र केंद्र (Ahmedabad, Coimbatore, Indore) और IT शहर (Bangalore, Hyderabad, Pune, Gurgaon) को खींचें या मानसिक रूप से मैप करें। जानें कि प्रत्येक किस राज्य में है। (3) **10+ पिछले प्रश्न पत्र हल करें** — boards.cbse.gov.in या कोचिंग प्लेटफॉर्म से पिछले पत्र का उपयोग करें। समयबद्ध शर्तों में प्रयास करें (1-अंक: 1 मिनट, 3-अंक: 4 मिनट, 5-अंक: 7 मिनट)। **परीक्षा के दौरान:** (1) **प्रश्न को दो बार पढ़ें** — 'समझाइए', 'अंतर करें', 'क्यों', 'कैसे' जैसे मुख्य शब्दों को रेखांकित करें। (2) **1-अंक के प्रश्नों के लिए** — एक वाक्य; पाठ्यपुस्तक की भाषा का उपयोग करें। जब तक पूछा न जाए तब तक कोई व्याख्या आवश्यक नहीं। (3) **3-अंक के प्रश्नों के लिए** — 3–5 उप-बिंदु या 8–10 पंक्तियाँ का उपयोग करें। हमेशा उदाहरण दें (शहरों, उद्योगों, क्षेत्रों के नाम)। संरचना: परिचय (1 पंक्ति) + व्याख्या (2–3 बिंदु) + उदाहरण (1–2 पंक्तियाँ)। (4) **5-अंक के प्रश्नों के लिए** — 15–18 पंक्तियों का लक्ष्य रखें। स्पष्टता के लिए शीर्षक या बुलेट पॉइंट का उपयोग करें। परिभाषा के साथ शुरू करें, फिर उदाहरण, डेटा या केस स्टडी के साथ विस्तार करें। व्यापक महत्व के साथ समाप्त करें। (5) **सामान्य गलतियों से बचें** — लोहा और इस्पात को वस्त्र उद्योगों के साथ न मिलाएँ (विभिन्न कच्चे माल, स्थान, श्रम प्रकार)। 'सरकारी समर्थन' विशिष्ट नीतियों के नाम के बिना न लिखें। सामान्यीकरण न करें — स्थानों और उदाहरणों के बारे में विशिष्ट रहें। (6) **समय प्रबंधन** — उद्योग अध्याय के लिए कुल समय प्रश्न मूल्य के आधार पर आवंटित करें (सामान्यतः सामाजिक विज्ञान पत्रों में 100 में से 8–10 अंक)। अधिकतम 12–15 मिनट खर्च करें। **नमूना पत्र हल करने के बाद:** — उत्तरों की समीक्षा मॉडल समाधानों के विरुद्ध करें; किसी भी परिभाषा या उदाहरण अंतराल पर ध्यान दें। — गलत प्रश्नों को 2–3 दिन बाद फिर से करें ताकि सीखना दृढ़ हो जाए।

cbsetutor.ai आपके उद्योग अध्याय कौशल को कैसे गहरा करता है

जबकि स्वतंत्र रूप से पिछले पत्र हल करना मौलिक कौशल बनाता है, इंटरैक्टिव प्रतिक्रिया समझ को तेज़ करती है। cbsetutor.ai के कक्षा 9 सामाजिक विज्ञान मॉड्यूल में शामिल है: **व्यक्तिगत व्याख्याएँ** — जब आप 'औद्योगिक स्थान के कारकों' पर 5-अंक का उत्तर जमा करते हैं, तो AI ट्यूटर आपकी प्रतिक्रिया को मॉडल उत्तरों से तुलना करता है, अनुपलब्ध बिंदुओं को हाइलाइट करता है (जैसे 'आपने कच्चे माल और शक्ति का उल्लेख किया लेकिन परिवहन संयोजन को मिस किया'), और पुनर्लेखन का सुझाव देता है। **वीडियो केस स्टडीज़** — Jamshedpur कैसे भारत की इस्पात राजधानी बना, Gujarat कैसे एक वस्त्र केंद्र में बदला, और Bangalore कैसे IT पर प्रभुत्व रखता है इस पर एनिमेटेड पाठ। प्रत्येक वीडियो 5–8 मिनट, NCERT-संरेखित, और कार्यकृत उदाहरण शामिल है। **लाइव संदेह सत्र** — 'भारी उद्योग और हल्के उद्योग अलग-अलग स्थानों पर क्यों स्थित होते हैं?' या 'रेशम उद्योग सूती वस्त्रों से कैसे अलग है?' जैसे भ्रामक विषयों पर विशेषज्ञ ट्यूटर के साथ 1-पर-1 चैट निर्धारित करें। **अंतराल दोहराव क्विज़** — प्लेटफॉर्म पिछले पत्रों से स्वचालित रूप से भिन्न प्रश्न उत्पन्न करता है, उन्हें यादृच्छिक करता है, और धारण को अनुकूलित करने के लिए दिनों में उन्हें दूरी पर रखता है। **मॉक परीक्षाएँ** — तत्काल स्कोरिंग, उत्तर कुंजी, और विषय-वार कार्य विश्लेषण के साथ पूर्ण 20 मिनट की अभ्यास परीक्षा। हफ्तों में अपनी प्रगति ट्रैक करें। Delhi, Mumbai, Bangalore, Pune, और भारत भर के छात्रों के लिए उपलब्ध। सभी सुविधाओं तक पहुँचने के लिए एक 3-दिनीय निःशुल्क परीक्षण शुरू करें।

Frequently asked questions

आप का मतलब क्या है औद्योगिक स्थान निर्धारण के मुख्य कारक कौन से हैं?+
छः मुख्य कारक हैं: (1) कच्चा माल — भारी सामग्री के लिए स्रोतों के पास होना आवश्यक है। (2) विद्युत् आपूर्ति — उद्योगों को विश्वसनीय बिजली चाहिए। (3) परिवहन और बाजार पहुँच — अच्छी कनेक्टिविटी लागत कम करती है। (4) श्रम उपलब्धता — कुशल या अकुशल कर्मचारी। (5) जल आपूर्ति — शीतलन और प्रसंस्करण के लिए। (6) सरकारी नीति — कर प्रोत्साहन और बुनियादी ढाँचे की सहायता। लोहा और इस्पात कच्चे माल को वरीयता देता है; IT कुशल श्रम और कनेक्टिविटी को वरीयता देता है।
छोटानागपुर पठार को भारत का लोहे का कटोरा क्यों कहा जाता है?+
छोटानागपुर (झारखंड, बिहार, ओडिशा) को लोहे का कटोरा कहा जाता है क्योंकि इसमें प्रचुर लोहे का अयस्क (सिंघभूम खदानें), कोयला (ओडिशा, छत्तीसगढ़) और चूना पत्थर है। TISCO (जमशेदपुर), SAIL (राउरकेला, बोकारो, दुर्गापुर) और विजाग स्टील जैसे प्रमुख संयंत्र कच्चे माल की निकटता, जल उपलब्धता और श्रम आपूर्ति के कारण यहाँ स्थित हैं।
कपास और रेशम वस्त्रों में क्या अंतर है?+
कपास वस्त्र कपास के रेशे (कृषि कच्चा माल) का उपयोग करते हैं, गुजरात और तमिलनाडु में केंद्रित हैं, जन-बाजार उन्मुख हैं, और अधिकतर यांत्रिक हैं। रेशम वस्त्र रेशमकीट के कोकून (सेरीकल्चर) का उपयोग करते हैं, कर्नाटक में केंद्रित हैं, विशिष्ट विलास बाजारों की सेवा करते हैं, और अधिक हस्तकार्य में शामिल हैं। कपास मिलें बड़ी होती हैं; रेशम उत्पादन ग्रामीण क्षेत्रों में अधिक बिखरा हुआ है।
भारत के मैनचेस्टर को कौन सा शहर कहा जाता है और क्यों?+
गुजरात का अहमदाबाद भारत के मैनचेस्टर को कहा जाता है क्योंकि 19वीं-20वीं सदी में कपास वस्त्र निर्माण और मिलिंग में इसका प्रभुत्व था। मैनचेस्टर (UK) की तरह, यह सैकड़ों वस्त्र मिलों, कुशल कर्मचारियों और मजबूत निर्यात व्यापार वाला एक प्रमुख औद्योगिक केंद्र बन गया।
1990s-2000s में भारत में IT उद्योग तेजी से क्यों बढ़ा?+
मुख्य कारण: (1) 1991 के बाद आर्थिक उदारीकरण ने बाजारों को खोला और FDI को आमंत्रित किया। (2) कर प्रोत्साहन और SEZs ने लागत कम की। (3) IITs और इंजीनियरिंग कॉलेजों से शिक्षित, अंग्रेजी बोलने वाली कार्यबल। (4) लागत लाभ — भारतीय IT कर्मचारियों ने पश्चिमी समकक्षों की तुलना में 40-50% कम कमाई की। (5) व्यावसायिक प्रक्रिया आउटसोर्सिंग (BPO) बूम ने अमेरिकी और यूरोपीय कंपनियों से भारी मांग पैदा की।
कृषि-आधारित उद्योग क्या हैं? दो उदाहरण दें।+
कृषि-आधारित उद्योग कृषि कच्चे माल को तैयार माल में परिवर्तित करते हैं। वे खेतों को कारखानों से जोड़ते हैं। उदाहरण: (1) उत्तर प्रदेश और महाराष्ट्र की चीनी मिलें — गन्ने को पीसकर चीनी और गुड़ बनाती हैं। (2) गुजरात और तमिलनाडु की कपास वस्त्र मिलें — कपास के रेशे को कातती और बुनती हैं। अन्य उदाहरण: जूट मिलें (पश्चिम बंगाल), चावल मिलें (पंजाब), तंबाकू प्रसंस्करण (कर्नाटक)।
भारत में तीन प्रमुख IT हब का नाम बताएँ।+
बैंगलोर (कर्नाटक) — Infosys, TCS, Wipro जैसी कंपनियों के साथ सबसे बड़ा। हैदराबाद (तेलंगाना) — दूसरा सबसे बड़ा IT हब HITEC City के साथ। पुणे (महाराष्ट्र) — IT पार्क और सॉफ्टवेयर कंपनियों के साथ तीसरा प्रमुख हब। अन्य उभरते हुए हब: गुड़गाँव (NCR), चेन्नई और कोलकाता।
पूँजी निवेश के संदर्भ में लोहा और इस्पात उद्योग वस्त्र उद्योग से कैसे भिन्न है?+
लोहा और इस्पात उद्योग को बहुत अधिक पूँजी निवेश (प्रति संयंत्र ₹1,000+ करोड़) की आवश्यकता है क्योंकि blast furnaces, converters और rolling mills जैसी महँगी मशीनरी के कारण। वस्त्र उद्योग को मध्यम निवेश (₹100-500 करोड़) की आवश्यकता है, विशेष रूप से हथकरघा इकाइयों के साथ मिलों के लिए स्थापना और भी सस्ती होती है। यह अंतर दोनों उद्योगों के पैमाने और तकनीकी तीव्रता को दर्शाता है।

Ready to give your Class 9 child the tutor that never sleeps?

CBSETUTOR.ai covers every chapter in the Class 9 NCERT syllabus — Maths, Science, Social Science, English, Hindi and more. 24×7. Patient. Unlimited. 3-day free trial.

Start your child's 3-day free trial →