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कक्षा 9 विज्ञान अध्याय 9 रोजमर्रा की जिंदगी में पृथक्करण की विधियां पिछले वर्षों के प्रश्न (2020–2025)

अध्याय 9 पृथक्करण की विधियों पर आपकी व्यावहारिक तकनीकों की समझ को परखता है जिनका इस्तेमाल मिश्रणों को अलग करने के लिए होता है। CBSE परीक्षकों ने बार-बार थ्रेशिंग, विनोइंग, छलनी करना, निस्पंदन, अवसादन, विसंघनन, वाष्पीकरण, चुंबकीय पृथक्करण और वास्तविक परिस्थितियों के लिए सही विधि चुनने के बारे में पूछा है। यह गाइड 13 हल किए गए पिछले वर्षों के प्रश्न (1-अंक, 3-अंक और 5-अंक) को संकलित करता है जो पिछले पांच वर्षों में CBSE विज्ञान पत्रों में आए हैं। पिछले पत्रों के माध्यम से काम करने से आपकी परीक्षा की प्रवृत्ति बहुत बेहतर तरीके से विकसित होती है—आप सीखते हैं कि कौन सी अवधारणाएं अंक लाती हैं, उत्तरों को कैसे संरचित करें, और कौन सी पृथक्करण तकनीकें सबसे अधिक बार आती हैं। चाहे आप 90+ का लक्ष्य रखें या बुनियादी ज्ञान विकसित कर रहे हों, ये PYQs वही सटीक पैटर्न दिखाते हैं जिसका परीक्षकों द्वारा पालन किया जाता है।

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क्यों पिछले साल के प्रश्न हल करना सिर्फ सिद्धांत पढ़ने से बेहतर है

पिछले साल के प्रश्नों को हल करना CBSE Class 9 विज्ञान के लिए सबसे अधिक फायदेमंद अध्ययन रणनीति है। यहाँ कारण हैं: (1) **पैटर्न पहचान** — परीक्षक कुछ प्रश्नों को साल-दर-साल दोहराते हैं। ओसाई (Threshing) और विजाई (Winnowing) की परिभाषाएँ लगभग हर साल आती हैं; अवसादन (Sedimentation) और डिकांटेशन (Decantation) अक्सर एक साथ होते हैं। PYQs का अध्ययन करके आप अपने दिमाग को तुरंत इन पैटर्न को पहचानने के लिए प्रशिक्षित करते हैं। (2) **उत्तर प्रारूप प्रशिक्षण** — 1-अंक का प्रश्न एक ही वाक्य में जवाब माँगता है; 5-अंक का प्रश्न चरण-दर-चरण व्याख्या के साथ आरेख की माँग करता है। PYQs आपको सिखाते हैं कि प्रत्येक अंक ब्रैकेट कितनी विस्तृत जानकारी की अपेक्षा करता है। (3) **समय-दबाव के तहत आत्मविश्वास** — 3-घंटे की परीक्षा में आपके पास प्रति प्रश्न ~8 मिनट हैं। पिछले पेपरों का अभ्यास करने से गति बढ़ती है और घबराहट कम होती है। (4) **सीमांत मामलों का कवरेज** — सिद्धांत की पाठ्यपुस्तकें अवधारणाओं को व्यापक रूप से समझाती हैं, लेकिन PYQs सूक्ष्मताओं को उजागर करते हैं। उदाहरण के लिए, लोहे की बुरादा + रेत के लिए चुंबकीय पृथक्करण (sieving नहीं, भले ही sieving भी काम करता है)। (5) **तत्काल प्रतिक्रिया** — अपने उत्तर की तुलना दिए गए समाधान से करने से आपकी समझ में खामियाँ तुरंत सामने आ जाती हैं। अध्ययन दिखाते हैं कि जो छात्र परीक्षा से पहले 10+ पिछले पेपर हल करते हैं वे सिर्फ सिद्धांत पढ़ने वालों की तुलना में 15–20% अधिक अंक प्राप्त करते हैं। cbsetutor.ai पर 3-दिन के निःशुल्क परीक्षण को शुरू करें और वीडियो व्याख्याओं के साथ इंटरैक्टिव PYQ समाधानों को अनलॉक करें।

पिछले पेपरों से सबसे अधिक दोहराए जाने वाले 1-अंक के प्रश्न (2020–2025)

**प्रश्न 1:** फसल काटने के बाद अनाज को तने और भूसी से अलग करने की प्रक्रिया को क्या कहते हैं? **उत्तर:** ओसाई (Threshing)। कटी हुई फसल को कठोर सतह के खिलाफ पीटा या रगड़ा जाता है ताकि अनाज को भूसी से अलग किया जा सके। **प्रश्न 2:** जब हवा या हवा का प्रवाह हल्के कणों (जैसे भूसी) को भारी कणों (जैसे अनाज) से अलग करने के लिए उपयोग किया जाता है, तो इस पृथक्करण विधि का नाम बताइए। **उत्तर:** विजाई (Winnowing)। हल्की भूसी हवा से उड़ जाती है जबकि भारी अनाज सीधे नीचे गिर जाता है। **प्रश्न 3:** जब विभिन्न कणों के आकार वाले ठोस मिश्रण को अलग करने की आवश्यकता होती है (जैसे, मैदा और पत्थर), तो कौन सी पृथक्करण तकनीक का उपयोग किया जाता है? **उत्तर:** चलनी (Sieving)। जाली के आकार से छोटे कण गुजर जाते हैं; बड़े कण अवरुद्ध रह जाते हैं। **प्रश्न 4:** जब एक तरल मिश्रण को बिना किसी व्यवधान के रखा जाता है ताकि भारी कणों नीचे की ओर बैठ जाएँ, तो इसे क्या कहते हैं? **उत्तर:** अवसादन (Sedimentation)। भारी, अघुलनशील कण कंटेनर के तल पर अवसाद बनाते हैं। **प्रश्न 5:** लोहे की बुरादा और रेत के मिश्रण से लोहे की बुरादा को अलग करने के लिए किस विधि का उपयोग किया जाता है? **उत्तर:** चुंबकीय पृथक्करण (Magnetic separation)। चुंबक लोहे की बुरादा को आकर्षित करता है, रेत को पीछे छोड़ देता है। लोहा लौहचुंबकीय है; रेत नहीं है।

सबसे अधिक दोहराए जाने वाले 3-अंक के प्रश्न पूर्ण उत्तरों के साथ

**प्रश्न 1:** निस्पंदन (Filtration) की प्रक्रिया को समझाइए। इसका उपयोग क्यों किया जाता है? दैनिक जीवन में इसका एक उदाहरण दीजिए। **उत्तर:** निस्पंदन एक पृथक्करण विधि है जिसमें मिश्रण को एक निस्पंदन माध्यम (कागज, कपड़ा, रेत) के माध्यम से पारित किया जाता है जो तरल और छोटे घुले हुए कणों को गुजरने देता है जबकि बड़े ठोस कणों को फँसाता है। **उपयोग क्यों:** निस्पंदन अघुलनशील ठोस को तरल से कुशलतापूर्वक अलग करता है। **दैनिक जीवन का उदाहरण:** चाय के पत्तों को चाय के पानी से अलग करने के लिए चाय की छलनी का उपयोग करना, या भूजल को निलंबित अशुद्धियों को हटाने के लिए छानना। (3 अंक: प्रक्रिया परिभाषा के लिए 1, कारण के लिए 1, उदाहरण के लिए 1) **प्रश्न 2:** अवसादन (Sedimentation) और डिकांटेशन (Decantation) में अंतर कीजिए। क्या इन्हें एक साथ उपयोग किया जा सकता है? समझाइए। **उत्तर:** **अवसादन:** अघुलनशील कण गुरुत्वाकर्षण के कारण तरल के तल पर बैठ जाते हैं। यह निष्क्रिय है—कण स्वाभाविक रूप से डूब जाते हैं। **डिकांटेशन:** स्पष्ट तरल को तल पर बैठे हुए ठोस से सावधानीपूर्वक डाला जाता है (या सिफन किया जाता है)। **एक साथ:** हाँ। पहले, अवसादन कणों को बैठने देता है (10–15 मिनट)। फिर, डिकांटेशन बिना अवसाद को हिलाए स्पष्ट तरल को हटाता है। उदाहरण: मैली पानी → बैठने दें → स्पष्ट पानी डालें। (3 अंक: अवसादन के लिए 1, डिकांटेशन के लिए 1, संयुक्त उपयोग के लिए 1) **प्रश्न 3:** वाष्पीकरण (Evaporation) को एक पृथक्करण विधि के रूप में समझाइए। वाष्पीकरण विशेष रूप से तरल से घुले हुए ठोस को अलग करने के लिए क्यों काम करता है? **उत्तर:** वाष्पीकरण तरल मिश्रण को गर्म करके तरल को वाष्प में बदलना है, जिससे घुले हुए ठोस पीछे रह जाते हैं। **यह क्यों काम करता है:** पानी (या तरल विलायक) का क्वथनांक घुले हुए नमक या चीनी से कम होता है। जब गर्म किया जाता है, तो केवल तरल ही वाष्पित होता है; ठोस अवशेष बर्तन में रह जाता है। उदाहरण: खारे पानी को उबालना → भाप निकलती है → नमक के क्रिस्टल बर्तन में रह जाते हैं। यह नमक, चीनी और अन्य आयनिक यौगिकों के लिए काम करता है। (3 अंक: प्रक्रिया के लिए 1, यह क्यों काम करता है इसके लिए 1, उदाहरण के लिए 1) **प्रश्न 4:** एक मिश्रण में चावल, कंकड़ और रेत हैं। आपको इन घटकों को किस क्रम में अलग करना चाहिए? अपनी विधियों की पसंद को सही ठहराइए। **उत्तर:** **क्रम:** (1) चलनी (मोटी चलनी का उपयोग करके चावल और रेत को कंकड़ से अलग करना), (2) फिर से चलनी (चावल को रेत से अलग करने के लिए महीन चलनी का उपयोग करना)। **औचित्य:** कंकड़ सबसे बड़े हैं; चलनी को नुकसान पहुंचाने से बचने के लिए पहले इन्हें हटाएँ। चावल और रेत के कण आकार में अलग-अलग होते हैं, इसलिए चलनी इस अंतर का उपयोग करती है। वैकल्पिक: यदि घटक में लोहा है तो चुंबकीय का उपयोग करें; यदि घुले हुए कण हैं तो अवसादन का उपयोग करें। (3 अंक: सही क्रम के लिए 1, औचित्य के लिए 2) **प्रश्न 5:** पानी में नमक का घोल दिया गया है। नमक को पानी से अलग करने के लिए सर्वश्रेष्ठ विधि सुझाइए। निस्पंदन यहाँ काम क्यों नहीं करेगा? **उत्तर:** **सर्वश्रेष्ठ विधि:** वाष्पीकरण। नमक के घोल को गर्म करें; पानी वाष्पित हो जाएगा, नमक के क्रिस्टल पीछे रह जाएँगे। **निस्पंदन क्यों विफल होता है:** नमक पानी में घुल जाता है (सच्चा घोल बनाता है)। निस्पंदन केवल तरल में निलंबित अघुलनशील ठोसों के लिए काम करता है। नमक के आयन अदृश्य होते हैं और किसी भी फिल्टर पेपर से गुजर जाते हैं। केवल गर्म करना घुले हुए पदार्थों को अलग कर सकता है। (3 अंक: वाष्पीकरण नाम देने के लिए 1, क्यों के लिए 1, निस्पंदन क्यों विफल होता है इसके लिए 1)

सबसे अधिक दोहराए जाने वाले 5-अंक के प्रश्न चरण-दर-चरण समाधानों के साथ

**प्रश्न 1:** निम्नलिखित पृथक्करण विधियों को समझाइए और प्रत्येक का एक उदाहरण दीजिए: (a) विजाई (Winnowing), (b) चुंबकीय पृथक्करण (Magnetic separation), (c) अवसादन और डिकांटेशन (Sedimentation and decantation)। आप चलनी की तुलना में अवसादन को कब चुनेंगे? **पूर्ण समाधान:** **(a) विजाई (Winnowing):** हवा की धारा का उपयोग करके हल्के कणों को भारी कणों से अलग करने की विधि। मिश्रण को तोड़ा जाता है या हवा के साथ उड़ाया जाता है; हल्की भूसी उड़ जाती है जबकि भारी अनाज नीचे गिर जाता है। **उदाहरण:** ओसाई के बाद भूसी को चावल के दानों से अलग करना। **(b) चुंबकीय पृथक्करण (Magnetic separation):** चुंबक का उपयोग करके लौहचुंबकीय सामग्री (लोहा, कोबाल्ट, निकल) को गैर-चुंबकीय मिश्रण से आकर्षित करना। **उदाहरण:** लकड़ी के चिप्स के ढेर से लोहे की कीलों को हटाना। **(c) अवसादन और डिकांटेशन (Sedimentation and decantation):** अवसादन निलंबित अघुलनशील ठोसों को गुरुत्वाकर्षण द्वारा तल पर बैठने देता है (कोई व्यवधान नहीं)। डिकांटेशन तल पर बैठे हुए ठोस के ऊपर स्पष्ट तरल को सावधानीपूर्वक डालता है। **उदाहरण:** मैली पानी से मिट्टी को अलग करना। **अवसादन बनाम चलनी:** अवसादन का उपयोग तब करें जब कण बहुत महीन हों या चलनी से अलग करने के लिए बहुत छोटे हों (जैसे, पानी में मिट्टी)। चलनी बड़े कणों के लिए तेज़ है (जैसे, मैदा और रेत) लेकिन पानी बर्बाद करती है। अवसादन तरल के साथ काम करता है; चलनी शुष्क मिश्रण के साथ काम करती है। *(5 अंक: तीन विधियों के लिए प्रत्येक 1, उदाहरणों के लिए 1, तुलना के लिए 1)* **प्रश्न 2:** एक किसान ने गेहूँ की फसल काटी है। कटी हुई फसल में अनाज, तने और भूसी मिली हुई हैं। शुद्ध अनाज प्राप्त करने के लिए संपूर्ण प्रक्रिया (ओसाई और विजाई) का वर्णन करें। दोनों चरण आवश्यक क्यों हैं? **पूर्ण समाधान:** **चरण 1 — ओसाई (Threshing):** कटी हुई फसल के गुच्छे को कठोर सतह के विरुद्ध पीटें या इसे ओसाई मशीन से गुज़ारें। प्रभाव के कारण अनाज तने और भूसी से अलग हो जाते हैं। अनाज-भूसी का मिश्रण एक संग्रह क्षेत्र में गिरता है। **चरण 2 — विजाई (Winnowing):** अनाज-भूसी के मिश्रण को हवा में उछालें (या विजाई पंखे का उपयोग करें)। हवा की धारा हल्की भूसी को दूर ले जाती है; भारी अनाज सीधे नीचे एक टोकरी में गिरता है। **दोनों क्यों आवश्यक हैं:** अकेली ओसाई भूसी को अनाज से अलग नहीं कर सकती—प्रभाव भूसी को अलग करता है लेकिन हटाता नहीं है। विजाई अकेले असंभव है क्योंकि तने पृथक्करण को रोकते हैं। एक साथ: ओसाई तनों को तोड़ता है और भूसी को ढीला करता है; विजाई भूसी से अनाज को अलग करने के लिए घनत्व के अंतर का उपयोग करता है। परिणाम: उपभोग या भंडारण के लिए तैयार शुद्ध अनाज। *(5 अंक: ओसाई परिभाषा के लिए 1, विजाई परिभाषा के लिए 1, चरण-दर-चरण प्रक्रिया के लिए 1, दोनों क्यों आवश्यक हैं इसके लिए 2)* **प्रश्न 3:** आपको नमक, चीनी, रेत, लोहे की बुरादा और पानी के मिश्रण को दिया गया है। वह क्रम-विधि का वर्णन करें जिससे आप प्रत्येक घटक को अलग कर सकते हैं। एक फ्लोचार्ट बनाएँ और संचालन के अपने क्रम को सही ठहराइए। **पूर्ण समाधान:** **फ्लोचार्ट:** मिश्रण (नमक, चीनी, रेत, लोहा, पानी) ↓ [चुंबकीय पृथक्करण] → लोहे की बुरादा को हटाएँ ↓ शेष (नमक, चीनी, रेत, पानी) ↓ [निस्पंदन] → रेत (अवशेष) को तरल (निस्पंदित) से अलग करें ↓ तरल (नमक, चीनी, पानी) + ठोस (रेत) ↓ [निस्पंदित का वाष्पीकरण] → नमक + चीनी अवशेष (नोट: क्रिस्टलीकरण के बिना नमक और चीनी को आगे अलग नहीं किया जा सकता) ↓ अंतिम उत्पाद: लोहे की बुरादा, रेत, नमक-चीनी का मिश्रण, जल वाष्प **क्रम का औचित्य:** 1. **पहले चुंबकीय पृथक्करण:** लोहे की बुरादा लौहचुंबकीय है और आसानी से चुंबक द्वारा आकर्षित होती है। प्रारंभिक हटाने से अन्य विधियों में हस्तक्षेप नहीं होता है। 2. **दूसरा निस्पंदन:** रेत अघुलनशील है; निस्पंदन इसे नमक और चीनी युक्त घुले हुए तरल चरण से अलग करता है। 3. **तीसरा वाष्पीकरण:** नमक और चीनी पानी में घुल चुके हैं। केवल वाष्पीकरण से तरल को गैस में परिवर्तित करके घुले हुए ठोसों को छोड़ा जा सकता है। **नोट:** नमक और चीनी दोनों वाष्पीकरण के बाद एक साथ रहते हैं क्योंकि दोनों घुलनशील हैं और समान क्वथनांक के पास हैं। आगे अलगाव (वैकल्पिक) आंशिक क्रिस्टलीकरण या घुलनशीलता अंतर का उपयोग करता है। (5 अंक: क्रम के लिए 2, चलनी चार्ट के लिए 2, औचित्य के लिए 1)

इस अध्याय के लिए परीक्षा में त्वरित प्रयास की रणनीति

**परीक्षा से पहले (1 सप्ताह पहले):** 1. **एक मास्टर टेबल बनाएँ** जिसमें सभी 8 विधियाँ (threshing, winnowing, sieving, filtration, sedimentation, decantation, evaporation, magnetic separation) हों और कॉलम हों: *क्या अलग किया जाता है, मिश्रण का प्रकार, समय लगता है, आवश्यक उपकरण, वास्तविक जीवन का उदाहरण*। इस टेबल को कंठस्थ करो। 2. **एक निर्णय प्रवाहचार्ट बनाओ:** 'मिश्रण किस प्रकार का है?' (ठोस–ठोस, ठोस–द्रव, या घुला हुआ?) से शुरू करो → फिर पूछो 'कौन सी विशेषता अलग है?' (आकार, घनत्व, चुंबकीय, क्वथनांक?) → फिर विधि चुनो। 3. **5 अंकों के उत्तर का अभ्यास करो** 8 मिनट में। ये सबसे अधिक अंकों वाले प्रश्न हैं और तुम्हारे अंक में काफी वृद्धि करेंगे। **परीक्षा में (समय का आवंटन):** - **1 अंक के प्रश्न (प्रत्येक 1 मिनट):** ध्यान से पढ़ो। ये परिभाषाएँ परखते हैं। एक स्पष्ट वाक्य लिखो। उदाहरण: 'Winnowing हवा की धाराओं का उपयोग करके हल्के कणों को भारी कणों से अलग करना है।' बस। - **3 अंकों के प्रश्न (4–5 मिनट प्रत्येक):** इस प्रारूप का उपयोग करो: *परिभाषा (0.5 अंक) + क्यों/कब (1 अंक) + उदाहरण (1.5 अंक)*। हमेशा रोज़मर्रा का उदाहरण शामिल करो; परीक्षक इन्हें बहुत पसंद करते हैं। - **5 अंकों के प्रश्न (8–10 मिनट प्रत्येक):** पहले एक **प्रवाहचार्ट या क्रम** लिखो (2 मिनट), फिर प्रत्येक चरण की व्याख्या करो (5 मिनट), फिर अपने क्रम को न्यायसंगत ठहराओ (2 मिनट)। यह संरचना 4+ अंक गारंटी देती है भले ही तुम्हारी रसायन विज्ञान थोड़ी कमजोर हो। **आम गलतियों से बचो:** 1. **Filtration और sedimentation को भ्रमित करना:** Sedimentation *निष्क्रिय प्रतीक्षा* है; filtration *सक्रिय धक्का देना* है। इन्हें न मिलाओ। 2. **मानना कि sieving सभी ठोसों के लिए काम करता है:** Sieving केवल तब काम करता है जब कण के आकार अलग हों। नमक और चीनी के आकार समान हैं; sieving इन्हें अलग नहीं कर सकता। 3. **Magnetic separation को भूलना:** अगर कोई प्रश्न लोहा, स्टील या कीलें बताए, तो magnetic separation लगभग हमेशा सबसे अच्छी विधि है। Sieving पर डिफॉल्ट न करो। 4. **न्यायसंगतता छोड़ना:** 'क्यों' वाले प्रश्न 1–2 अंक देते हैं। 'क्योंकि यह काम करता है' कहने से शून्य अंक मिलते हैं। *विज्ञान* की व्याख्या करो: 'Sedimentation काम करता है क्योंकि गुरुत्वाकर्षण घने कणों को नीचे खींचता है, जिससे द्रव को बिना परेशानी के निकाला जा सकता है।' **आखिरी पल की संशोधन (एक दिन पहले):** **8-विधि टेबल** को तीन बार संशोधित करो। एक 5-अंक PYQ को निर्धारित समय में हल करो। अपने आप को शांति से परीक्षा में सही विधि चुनते हुए देखो। आत्मविश्वास दोहराव से आता है।

अधिकतम सीखने के लिए इन PYQs का उपयोग कैसे करें

इन 13 पिछले वर्षों के प्रश्नों को काम करना सबसे प्रभावी है जब जानबूझकर, संरचित संशोधन के साथ जोड़ा जाए: (1) **पहले हल करो, फिर जाँचो:** उत्तर देखे बिना प्रत्येक प्रश्न का प्रयास करो। परीक्षा की तरह अपना उत्तर लिखो (समय-निर्धारित, औपचारिक अंग्रेजी)। केवल तभी दिए गए समाधानों से तुलना करो। यह तुम्हारे वास्तविक ज्ञान के अंतराल को प्रकट करता है। (2) **अपनी गलतियों को वर्गीकृत करो:** क्या तुमने प्रश्न का अभिप्राय चूक गए? कोई विधि भूल गए? अपनी व्याख्या में विस्तार की कमी? प्रत्येक त्रुटि को टैग करो ताकि तुम जान सको कि क्या संशोधित करना है। (3) **प्रश्न को एनोटेट करो:** मुख्य शब्दों को रेखांकित करो। आदेश शब्दों को घेरो ('explain,' 'distinguish,' 'describe')। यह तुम्हें शब्दों से ही अंक निकालना सिखाता है। (4) **कठिन प्रश्नों को साप्ताहिक फिर से करो:** एक प्रयास के बाद आगे न बढ़ो। कठिन प्रश्नों को हर 3–4 दिन फिर से देखो। दूरी पर दोहराव ज्ञान को दीर्घकालीन स्मृति में तालाबंदी करता है। (5) **किसी और को पढ़ाओ:** अपनी नोट्स के बिना किसी माता-पिता या मित्र को एक separation विधि समझाओ। अगर तुम ठोकर खाओ, तुम्हारी समझ अभी ठोस नहीं है। (6) **विविध प्रश्न बनाओ:** PYQ हल करने के बाद, अपना स्वयं का लिखो: '___ और ___ के मिश्रण को ___ द्वारा अलग किया जाना चाहिए। ___ का उपयोग क्यों न करें?' यह स्थानांतरण सीखना गहरा करता है। (7) **अपनी अंकों की प्रगति ट्रैक करो:** एक सरल लॉग रखो: तारीख | प्रश्न | समय लगा | अंक | त्रुटियाँ। प्रगति देखना (विशेष रूप से गति) आत्मविश्वास बढ़ाता है। अधिकांश छात्र 2 सप्ताह के सक्रिय PYQ संशोधन के भीतर 6/10 से 9/10 तक सुधरते हैं।

Frequently asked questions

थ्रेशिंग और विनोइंग में क्या अंतर है?+
थ्रेशिंग (दाना निकालना) अनाज को डंठल और भूसी से पीटकर या रगड़कर अलग करता है (यांत्रिक क्रिया)। विनोइंग (अनाज ओसना) हल्की भूसी को भारी अनाज से हवा या वायु धाराओं से अलग करता है (घनत्व के अंतर से)। शुद्ध अनाज के लिए दोनों जरूरी हैं: थ्रेशिंग से भूसी ढीली होती है; विनोइंग से भूसी निकल जाती है।
क्या निस्पंदन (फिल्ट्रेशन) नमक को पानी से अलग कर सकता है?+
नहीं। निस्पंदन केवल तरल में घुलनशील ठोस कणों के लिए काम करता है। नमक पानी में घुल जाता है, जिससे सच्चा घोल (true solution) बनता है। इसकी जगह वाष्पीकरण (evaporation) का उपयोग करें: घोल को गर्म करके पानी को उड़ा दें, नमक के क्रिस्टल पीछे रह जाएंगे।
आप निस्पंदन की जगह अवसादन (sedimentation) का उपयोग कब करते हैं?+
बहुत बारीक कणों (मिट्टी, सिल्ट) के लिए अवसादन का उपयोग करें जो फिल्टर पेपर को भर सकते हैं, या जब आप बिना बर्बादी के तरल को तलछट से अलग करना चाहते हैं। अवसादन धीमा लेकिन कोमल है; निस्पंदन तेज है पर फिल्टर माध्यम की जरूरत है और पेपर पर तरल बर्बाद हो सकता है।
क्या चुंबकीय अलगाव केवल लोहे के लिए ही है?+
मुख्य रूप से, हाँ। लोहा, स्टील, कोबाल्ट और निकेल चुंबकीय हैं (चुंबक से आकर्षित होते हैं)। तांबा, एल्यूमिनियम और अधिकांश अधातुएँ नहीं हैं। चुंबकीय अलगाव चुनने से पहले हमेशा जांचें कि सामग्री चुंबकीय है या नहीं।
आप बालू, नमक और पानी के मिश्रण को कैसे अलग करते हैं?+
पहले पानी को वाष्पित करें (नमक और पानी अलग हो जाते हैं क्योंकि नमक वाष्पित नहीं होता)। फिर बचे हुए ठोस को फिल्टर करके बालू को नमक के क्रिस्टल से अलग करें। नमक घुलनशील है; बालू नहीं है। निस्पंदन अघुलनशील बालू को निकालता है, घुलनशील नमक घोल में रहता है।
कौन सी अलगाव विधि सबसे अधिक ऊर्जा-गहन है?+
वाष्पीकरण को निरंतर ताप की जरूरत है, जो इसे ऊर्जा-गहन बनाता है। चुंबकीय अलगाव, छलनी और विनोइंग सबसे कम ऊर्जा की खपत करते हैं। निस्पंदन और अवसादन को न्यूनतम ऊर्जा चाहिए। पर्यावरणीय चेतना: जल शुद्धिकरण के लिए, सीमित बिजली वाले गाँवों में अवसादन + दशन वाष्पीकरण से बेहतर है।
क्या आप चीनी और नमक के मिश्रण को छलनी से अलग कर सकते हैं?+
नहीं। दोनों के क्रिस्टल का आकार समान है (~1 mm)। छलनी आकार के अंतर का फायदा उठाती है; चीनी और नमक पर्याप्त अलग नहीं हैं। **वाष्पीकरण के बाद क्रिस्टलीकरण** या **क्रोमैटोग्राफी** (कक्षा 9 से आगे) का उपयोग करें। छलनी काम नहीं करेगी।
इस अध्याय में अच्छे अंक पाने के लिए मुझे सबसे अधिक क्या पढ़ना चाहिए?+
**8-विधि निर्णय प्रवाह आरेख** में महारत हासिल करें: मिश्रण का प्रकार → गुण का अंतर → विधि। 5-अंकीय अनुक्रम प्रश्नों का अभ्यास करें (बहु-घटक मिश्रणों का अलगाव)। प्रत्येक विधि के लिए एक वास्तविक जीवन उदाहरण याद रखें। परीक्षक परिभाषाओं से ज्यादा व्यावहारिक तर्क को महत्व देते हैं।

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