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कक्षा 9 विज्ञान अध्याय 12 कुछ प्राकृतिक घटनाएं पिछले वर्ष के प्रश्न (2020–2025)

अध्याय 12 "कुछ प्राकृतिक घटनाएं" आपकी स्थिरवैद्युत घटनाओं, वायुमंडलीय विद्युत और भूकंपीय घटनाओं की समझ का परीक्षण करता है—ये विषय लगभग हर CBSE विज्ञान पत्र में आते हैं। 2020–2025 से पिछले वर्ष के प्रश्नों (PYQs) को हल करना सिद्धांत को दोबारा पढ़ने से कहीं अधिक प्रभावी है: आप वास्तविक परीक्षा पैटर्न को पहचानेंगे, गति बढ़ाएंगे और परीक्षकों द्वारा पुरस्कृत की जाने वाली सटीक शब्दावली को आत्मसात करेंगे। यह गाइड आपको 13 हल किए गए प्रश्नों (1-अंक, 3-अंक और 5-अंक प्रारूप) के माध्यम से ले जाती है, सबसे अधिक परीक्षित अवधारणाओं को प्रकट करती है और आपको एक युद्ध-परीक्षित प्रयास रणनीति दिखाती है। चाहे आप अपनी बोर्ड परीक्षा से एक सप्ताह पहले संशोधन कर रहे हों या मुख्य अवधारणाओं का अभ्यास कर रहे हों, ये वास्तविक परीक्षा शैली के प्रश्न आपकी समस्या-समाधान क्षमता और आत्मविश्वास को तीव्र करेंगे।

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काम का कागज़ अधिक सिद्धांत पढ़ने से क्यों बेहतर है

अपनी NCERT पाठ्यपुस्तक को तीसरी बार पढ़ने से घटता हुआ लाभ मिलता है। लेकिन पिछले साल के प्रश्नपत्र तीन महत्वपूर्ण कार्य करते हैं: (1) **पैटर्न की पहचान** — आप देखते हैं कि परीक्षकों को किन उप-विषयों को प्राथमिकता देते हैं। उदाहरण के लिए, "विद्युत आवेश की परिभाषा" लगभग हर साल 1-अंक के प्रश्न के रूप में आती है, जबकि "बिजली गठन की व्याख्या करें" क्लासिक 5-अंक का सेटअप है। (2) **शब्दावली की सटीकता** — परीक्षा के उत्तरों को सटीक NCERT शब्दावली की आवश्यकता होती है। "इलेक्ट्रॉन चलते हैं" कहना अस्पष्ट है; "बादल से जमीन तक या इसके विपरीत इलेक्ट्रॉनों की तीव्र गति" पूरे अंक देता है। (3) **समय प्रबंधन** — समयबद्ध परिस्थितियों में 13 प्रश्नों को हल करना आपको यह पहचानने के लिए प्रशिक्षित करता है कि कौन से प्रश्न आप 90 सेकंड में हल कर सकते हैं (1-अंक) बनाम कौन से 4 मिनट चाहिए (3-अंक)। जो छात्र पिछले साल के प्रश्नों को नजरअंदाज करते हैं वे अक्सर वास्तविक परीक्षा में समय खत्म कर देते हैं, भले ही उन्हें विषय पता हो। इसके विपरीत, जो लोग कम से कम दो साल के प्रश्नपत्रों को हल करते हैं वे आमतौर पर 5–10 मिनट बचाकर पेपर पूरा करते हैं।

2020–2025 से सबसे अधिक दोहराए गए 1-अंक प्रश्न

**प्रश्न 1: विद्युत आवेश को परिभाषित करें। इसकी SI इकाई क्या है?** उत्तर: विद्युत आवेश पदार्थ का वह भौतिक गुण है जो इसे विद्युत या चुंबकीय क्षेत्र में बल का अनुभव करने के लिए कारण बनाता है। विद्युत आवेश की SI इकाई कूलॉम (C) है। एक कूलॉम 6.25 × 10¹⁸ इलेक्ट्रॉनों (या प्रोटॉन) द्वारा ले जाया गया आवेश है। **प्रश्न 2: आवेश संरक्षण का नियम बताएं।** उत्तर: एक अलगथलग प्रणाली में कुल विद्युत आवेश स्थिर रहता है। आवेश को न तो बनाया जा सकता है और न ही नष्ट किया जा सकता है; इसे केवल एक वस्तु से दूसरी वस्तु में स्थानांतरित किया जा सकता है। **प्रश्न 3: "घर्षण द्वारा आवेशन" का क्या अर्थ है?** उत्तर: घर्षण द्वारा आवेशन वह प्रक्रिया है जिसमें दो अनावेशित वस्तुएँ एक-दूसरे को रगड़ने पर विद्युत आवेशित हो जाती हैं। इलेक्ट्रॉन एक सामग्री से दूसरी में स्थानांतरित होते हैं, जिससे एक धनावेशित और दूसरी ऋणावेशित हो जाती है। उदाहरण: कांच की छड़ को रेशम से रगड़ना। **प्रश्न 4: विद्युत क्षेत्र को परिभाषित करें।** उत्तर: विद्युत क्षेत्र एक आवेशित वस्तु के चारों ओर का क्षेत्र है जहाँ कोई अन्य आवेशित वस्तु बल का अनुभव करती है। यह एक सदिश राशि है, जिसे क्षेत्र रेखाओं द्वारा दर्शाया जाता है जो हमेशा धनावेशों से दूर और ऋणावेशों की ओर संकेत करती हैं। **प्रश्न 5: बिजली का कारण क्या है?** उत्तर: बिजली बादलों के बीच (या बादल और पृथ्वी की सतह के बीच) विद्युत ऊर्जा के अचानक और हिंसक निर्वहन के कारण होती है, जो तूफानी बादलों में बड़ी मात्रा में विद्युत आवेश के संचय से परिणत होती है। यह निर्वहन तब होता है जब विद्युत क्षेत्र की शक्ति हवा की टूटन शक्ति से अधिक हो जाती है।

2020–2025 से सबसे अधिक दोहराए गए 3-अंक प्रश्न

**प्रश्न 1: प्रेरण द्वारा आवेशन की प्रक्रिया को आरेख सहित समझाएं।** उत्तर: (i) प्रेरण द्वारा आवेशन में सीधे संपर्क शामिल नहीं है। (ii) जब एक ऋणावेशित छड़ को एक अनावेशित धातु के गोले के पास लाया जाता है, तो गोले में इलेक्ट्रॉन प्रतिकर्षित होते हैं और दूर की ओर चले जाते हैं। पास की ओर धनावेशित हो जाती है (इलेक्ट्रॉनों की कमी)। (iii) यदि गोले को जमीन से जोड़ा जाता है (पृथ्वी से जुड़ा), तो इलेक्ट्रॉन बाहर निकल जाते हैं, जिससे गोला स्थायी रूप से धनावेशित रह जाता है। (iv) छड़ को हटाएं, फिर जमीन से संपर्क हटाएं—गोला अब स्थायी धनावेश रखता है। [आरेख: छड़ (−) गोले के पास; दूर की ओर इलेक्ट्रॉन की गति दिखाने वाला तीर; फिर जमीन का प्रतीक और इलेक्ट्रॉन बाहर निकलते हैं।] **प्रश्न 2: बिजली की छड़ें इमारतों की रक्षा कैसे करती हैं?** उत्तर: एक बिजली की छड़ धातु का एक सुचालक (आमतौर पर तांबा या एल्यूमीनियम) है जो इमारत की छत पर लगाया जाता है और एक भूमिगत धातु की प्लेट से जुड़ा जाता है। (i) छड़ बादल से जमीन तक विद्युत निर्वहन के लिए एक सुरक्षित पथ प्रदान करती है, जिससे इमारत की संरचना को दरकिनार किया जाता है। (ii) धातु के सुचालक का प्रतिरोध बहुत कम है, इसलिए बिजली इस पथ का पालन करती है बजाय इमारत से गुजरने के। (iii) छड़ मोटी और नुकीली होती है विद्युत क्षेत्र की एकाग्रता बढ़ाने के लिए, गिरावट से आवेश धीरे-धीरे रिसने की अनुमति देता है, अचानक निर्वहन को रोकता है। **प्रश्न 3: बिजली और विद्युत स्पार्क के बीच अंतर बताएं।** उत्तर: **बिजली**: (i) बादलों और जमीन के बीच होती है (या बादल से बादल), (ii) वोल्टेज अत्यंत अधिक है (≈ 10⁸ वोल्ट), (iii) करंट बहुत बड़ा है (≈ 20,000–200,000 एम्पीयर), (iv) तापमान ≈ 30,000 K तक पहुँचता है, (v) हवा के गरम होने से गर्जन पैदा होती है। **विद्युत स्पार्क**: (i) दो पास के सुचालकों के बीच होता है, (ii) वोल्टेज मध्यम है (≈ 10³–10⁴ वोल्ट), (iii) करंट छोटा है, (iv) तापमान कम है, (v) कोई आवाज नहीं। **प्रश्न 4: समझाएं कि लंबी इमारतें, पेड़ और अलग-थलग संरचनाएं बिजली से क्यों अधिक प्रभावित होती हैं।** उत्तर: (i) तीव्र, नुकीली वस्तुओं के पास विद्युत क्षेत्र की शक्ति बढ़ जाती है। (ii) लंबी संरचनाएं बादल और जमीन के बीच की दूरी को कम करती हैं, जिससे उन बिंदुओं पर विद्युत क्षेत्र मजबूत हो जाता है। (iii) पेड़ और अलग-थलग इमारतें भूमि संरक्षण के बिना हैं, इसलिए वे बिजली को आकर्षित करती हैं बजाय आवेश को सुरक्षित रूप से नष्ट करने के। (iv) विद्युत क्षेत्र इन रास्तों के साथ आयनीकरण और हवा प्रतिरोध टूटने का कारण बनने के लिए काफी मजबूत हो जाता है। **प्रश्न 5: भूकंप की तीव्रता और नुकसान के बीच संबंध क्या है?** उत्तर: (i) भूकंप की तीव्रता रिक्टर पैमाने का उपयोग करके भूकंपीय तरंगों द्वारा जारी ऊर्जा को मापती है (आमतौर पर 1–9)। (ii) तीव्रता में प्रत्येक इकाई की वृद्धि लगभग 32 गुना अधिक ऊर्जा निर्वहन का प्रतिनिधित्व करती है (लघुगणकीय पैमाना)। (iii) 5 तीव्रता का भूकंप 4 तीव्रता से लगभग 32 गुना मजबूत है। (iv) 7 या अधिक तीव्रता गंभीर संरचनात्मक क्षति का कारण बनती है; 4 या कम तीव्रता लोगों को मुश्किल से महसूस होती है। (v) नुकसान केंद्रबिंदु से दूरी, इमारत की डिजाइन और मिट्टी के प्रकार पर भी निर्भर करता है, केवल तीव्रता पर नहीं।

सबसे अधिक दोहराए गए 5-अंक प्रश्न पूर्ण समाधान के साथ

**प्रश्न 1: बिजली गठन की प्रक्रिया का वर्णन करें और समझाएं कि यह खतरनाक क्यों है। मनुष्य अपनी सुरक्षा कैसे कर सकते हैं?** **पूर्ण समाधान:** 1. **बिजली गठन प्रक्रिया** (2 अंक): - तूफानी बादलों में जल बूंदें एक-दूसरे और बर्फ के कणों से टकराती हैं। - टकराव के दौरान घर्षण कणों के बीच इलेक्ट्रॉनों का स्थानांतरण करता है। - हल्के बर्फ के कण ऊपर चले जाते हैं (धनावेशित हो जाते हैं); भारी जल की बूंदें नीचे सिंक होती हैं (ऋणावेशित हो जाती हैं)। - आवेश पृथक्करण विकसित होता है: धनावेश बादल के शीर्ष पर, ऋण बादल के आधार पर संचित होता है। - जब आवेश पृथक्करण काफी बड़ा हो जाता है (≈ 10⁸ वोल्ट), विद्युत क्षेत्र की शक्ति हवा की टूटन संभावना को अधिक कर देती है। - इलेक्ट्रॉन अचानक बादल के आधार से जमीन तक भागते हैं (या धनावेश जमीन से ऊपर की ओर बहता है), एक प्रकाशमान निर्वहन चैनल बनाता है जिसे बिजली कहते हैं। 2. **बिजली खतरनाक क्यों है** (1.5 अंक): - बिजली का करंट (20,000–200,000 A) तुरंत हवा और इसके रास्ते में सब कुछ ≈ 30,000 K तक गरम करता है। - यह चरम तापमान ऊतकों को जलाता है, हृदय की गति को रोकता है और आग लगाता है। - अधिगरम हवा से विस्फोट तरंग झटके की चोट का कारण बनती है। - बिजली से बचे हुए लोग अक्सर स्थायी तंत्रिका क्षति, स्मृति हानि और पुरानी दर्द से पीड़ित होते हैं। 3. **सुरक्षा उपाय** (1.5 अंक): - इमारतों पर बिजली की छड़ें लगाएं जो भूमिगत ग्राउंडिंग प्लेटों से जुड़ी हों। - तूफान के दौरान, घर के अंदर रहें; यदि बाहर फंस जाएं, तो पेड़ों से दूर एक खुली जगह पर नीचे झुकें (सपाट न लेटें)। - तूफान के दौरान धातु की वस्तुओं, पानी या विद्युत उपकरणों को छूने से बचें। - आखिरी गर्जन के 30 मिनट बाद तक बाहर की गतिविधि फिर से शुरू करने का इंतजार करें। **प्रश्न 2: स्थिर और वर्तमान विद्युत के बीच अंतर समझाएं। घर्षण द्वारा आवेशन स्थिर विद्युत कैसे पैदा करता है?** **पूर्ण समाधान:** 1. **स्थिर बनाम वर्तमान विद्युत** (2 अंक): - **स्थिर विद्युत**: आवेश एक इंसुलेटर या अलग-थलग सुचालक पर जमा होता है और स्थिर रहता है। इलेक्ट्रॉन लगातार नहीं बहते; आवेश तब तक बढ़ता है जब तक कि एक बाहरी पथ (जैसे बिजली) अचानक निर्वहन की अनुमति नहीं देता। उदाहरण: गुब्बारे को रगड़ने से यह दीवार से चिपक जाता है। - **वर्तमान विद्युत**: आवेश एक सुचालक के माध्यम से एक सर्किट में लगातार बहता है, एक संभावित अंतर (वोल्टेज) द्वारा संचालित। इलेक्ट्रॉन एक बंद लूप के माध्यम से नकारात्मक से सकारात्मक टर्मिनल में चलते हैं। उदाहरण: एक बल्ब के माध्यम से बहने वाला करंट। - मुख्य अंतर: स्थिर = स्थिर आवेश संचय; करंट = लगातार आवेश प्रवाह। 2. **घर्षण द्वारा आवेशन तंत्र** (2 अंक): - जब दो इंसुलेटिंग सामग्रियों को एक-दूसरे से रगड़ा जाता है, तो यांत्रिक ऊर्जा बाहरी खोल में इलेक्ट्रॉनों को विस्थापित करने का कारण बनती है। - कमजोर इलेक्ट्रॉन बंधन वाली सामग्री (कम आयनीकरण ऊर्जा) इलेक्ट्रॉन खो देती है; दूसरी उन्हें प्राप्त करती है। - उदाहरण: कांच की छड़ को रेशम से रगड़ना—इलेक्ट्रॉन कांच से रेशम में स्थानांतरित होते हैं। कांच धनावेशित हो जाता है (इलेक्ट्रॉन की कमी), रेशम ऋणावेशित हो जाता है (इलेक्ट्रॉन की अधिकता)। - ये आवेश इंसुलेटरों पर स्थिर रहते हैं क्योंकि इंसुलेटर आसानी से इलेक्ट्रॉन प्रवाह नहीं करते हैं। एक ढाल तब तक बढ़ता है जब तक विद्युत क्षेत्र निर्वहन का कारण बनने के लिए काफी मजबूत न हो (उदा., जब आप एक आवेशित वस्तु को छूते हैं तो स्पार्क)। 3. **आवेश स्थिर क्यों रहता है** (1 अंक): - इंसुलेटरों में बहुत अधिक विद्युत प्रतिरोध होता है; वे सतह पर आवेश को फंसाते हैं। - आवेश आसानी से पुनः संयोजित नहीं हो सकता क्योंकि सामग्री के माध्यम से इलेक्ट्रॉन पथ सहसंयोजक बंधन द्वारा अवरुद्ध हैं। **प्रश्न 3: क्या**

अवधारणा-वार विभाजन: परीक्षकों को सबसे अधिक परीक्षा कहाँ होती है

2020–2025 के पेपरों का विश्लेषण तीन भारी भरकम सूक्ष्म-विषयों को प्रकट करता है: (1) **विद्युत-स्थैतिक मौलिकता** (≈ 40% अंक) — आवेशन विधियाँ, क्षेत्र की परिभाषाएँ और आवेश संरक्षण हर पेपर में दिखाई देते हैं। कम से कम एक 1-अंक की परिभाषा प्रश्न, एक 3-अंक की व्याख्या (प्रेरण या घर्षण), और एक 5-अंक की समस्या (बिजली + सुरक्षा) की अपेक्षा करें। यहाँ सटीक NCERT परिभाषाएँ सीखें; अस्पष्ट भाषा अंक खर्च करती है। (2) **बिजली भौतिकी और सुरक्षा** (≈ 35% अंक) — यह "वास्तविक दुनिया" अनुभाग है जो परीक्षकों को पसंद है। प्रश्न बादल आवेश पृथक्करण की व्याख्या करने, बिजली गठन को चरण-दर-चरण वर्णित करने, समझाने कि बिजली की छड़ें क्यों काम करती हैं, और सुरक्षा उपायों की पहचान करने के लिए कहते हैं। आरेख आवश्यक हैं; एक लेबल किया गया बादल-जमीन निर्वहन आरेख अक्सर 1–2 बोनस अंक देता है। (3) **भूकंप** (≈ 25% अंक) — केंद्रबिंदु/अधिकेंद्र परिभाषाओं, रिक्टर पैमाने की व्याख्या, या भूकंपीय तरंग संसूचन पर एक 3-अंक प्रश्न की अपेक्षा करें। यहाँ कम प्रश्न हैं, लेकिन वे वैचारिक गहराई का परीक्षण करते हैं। एक आम जाल: छात्र अधिकेंद्र को केंद्रबिंदु से भ्रमित करते हैं या गलती से दूरी/इमारत डिजाइन का उल्लेख किए बिना तीव्रता को नुकसान से जोड़ते हैं। इस अध्याय में निपुण होने के लिए, तीन बड़े आरेख याद करें: (a) घर्षण आवेशन, (b) प्रेरण आवेशन, (c) बिजली गठन बादल की परतों और आवेश वितरण के साथ।

2026–27 के CBSE पैटर्न में बदलाव

CBSE ने 2026–27 के लिए विज्ञान मूल्यांकन में तीन सूक्ष्म बदलावों का संकेत दिया है: (1) **ग्राफिकल व्याख्या पर ज़ोर** — विशुद्ध वर्णनात्मक उत्तरों के बजाय, ऐसे प्रश्नों की अपेक्षा करें जो आपको भूकंपीय ग्राफ, रिक्टर स्केल तुलना, या चार्ज बनाम बल ग्राफ की व्याख्या करने के लिए कहें। उदाहरण: "एक ग्राफ तीन स्टेशनों से P-wave और S-wave के आगमन समय दर्शाता है। दिए गए मानचित्र पर epicentre को चिह्नित करें।" भूकंपलेखों को पढ़ने और epicentre स्थिति को प्लॉट करने का अभ्यास करें। (2) **केस-स्टडी / अनुप्रयोग फोकस** — नए 5-अंकीय प्रश्न घटनाओं को वास्तविक घटनाओं से जोड़ते हैं। उदाहरण: "बिजली-प्रवण क्षेत्र में एक इमारत को प्रति वर्ष तीन बार बिजली गिरती है। एक सुरक्षा प्रणाली डिज़ाइन करें और प्रत्येक घटक की व्याख्या करें।" यह ज्ञान और इंजीनियरिंग सोच दोनों का परीक्षण करता है। (3) **रटंत विद्या में कमी** — एक-शब्द या एक-वाक्य 1-अंकीय उत्तर कम पसंद किए जाते हैं। अब 1-अंकीय प्रश्न भी एक संक्षिप्त व्याख्या माँगते हैं, सिर्फ नाम नहीं। उदाहरण: "रेशम से रगड़ने पर कांच की छड़ सकारात्मक चार्ज क्यों हो जाती है? (1 अंक)" उत्तर: "क्योंकि इलेक्ट्रॉन कांच से रेशम में स्थानांतरित होते हैं।" (तंत्र शब्दावली जितना ही महत्वपूर्ण है।) cbsetutor.ai पर 3-दिन का मुफ्त परीक्षण शुरू करें ताकि इंटरैक्टिव 5-अंकीय प्रश्नों के समाधान और 2026–27 प्रारूप से मेल खाने वाले समयबद्ध मॉक पेपर तक पहुँच सकें।

अध्याय 12 के लिए त्वरित प्रयास कौशल

**परीक्षा हॉल में — इस अध्याय पर 18–22 मिनट खर्च करें (विज्ञान पेपर के 5–6% के अनुपात में):** (1) **स्कैन और वर्गीकरण (1 मिनट)** — पहले इस अध्याय के सभी प्रश्नों को पढ़ें। पहचानें कि कौन से प्रश्न आप सबसे तेजी से हल कर सकते हैं (1-अंकीय परिभाषाएँ), कौन से मध्यम प्रयास चाहते हैं (3-अंकीय व्याख्याएँ), और कौन से संरचित तर्क चाहते हैं (5-अंकीय समस्याएँ)। (2) **पहले 1-अंक हल करें (3 मिनट)** — सभी पाँच 1-अंकीय प्रश्नों को एक के बाद एक हल करें। ये आत्मविश्वास बढ़ाने वाले और त्वरित अंक हैं: चार्ज, विद्युत क्षेत्र, epicentre, focus की परिभाषाएँ। ओवरराइट या पुनर्विचार न करें; तेजी से आगे बढ़ें। (3) **अगला 3-अंक हल करें (8 मिनट)** — उन दो 3-अंकीय प्रश्नों को चुनें जो आपको सबसे स्पष्ट लगें (आमतौर पर induction/friction या भूकंप रिक्टर स्केल)। बिंदु-रूप में उत्तर लिखें; परीक्षक गद्य की तुलना में संरचना को अधिक पुरस्कृत करते हैं। यदि किसी पर फँस जाएँ, तो छोड़ें और बाद में वापस आएँ। (4) **5-अंक को सावधानीपूर्वक हल करें (6–8 मिनट)** — यह उच्च-दांव प्रश्न है। इसे दो बार पढ़ें। यदि यह बिजली की व्याख्या AND सुरक्षा माँगे, तो अपने उत्तर को दो लेबल किए गए खंडों में विभाजित करें। आरेख बनाएँ (चार्ज वितरण, छड़ सेटअप, wave आगमन)। निष्कर्ष में जल्दबाजी न करें। (5) **समीक्षा के लिए 2 मिनट आरक्षित करें** — जाँचें कि आपने सभी उत्तरों को क्रमांकित किया है, कि आरेख लेबल किए गए हैं, और कि आपके 5-अंकीय समाधान में कम से कम तीन अलग विचार हैं (परिभाषा + तंत्र + अनुप्रयोग)। पूरे उत्तरों को फिर से न लिखें जब तक आपको कोई तथ्यात्मक त्रुटि न दिख जाए; मामूली व्याकरण की गलतियों से कोई अंक नहीं कटता।

Frequently asked questions

घर्षण द्वारा आवेश और प्रेरण द्वारा आवेश में क्या अंतर है?+
घर्षण द्वारा आवेश में दो पदार्थों के बीच सीधा संपर्क और इलेक्ट्रॉन स्थानांतरण आवश्यक है; अलग होने के बाद पदार्थ आवेशित रहते हैं। प्रेरण द्वारा आवेश में केवल निकटता की आवश्यकता है—चालक के भीतर इलेक्ट्रॉन सीधे संपर्क के बिना पुनर्वितरित होते हैं, और आवेश स्थायी रहता है यदि आप बाहरी आवेश के पास रहते हुए चालक को भूमि से जोड़ें। प्रेरण प्रतिवर्ती है; घर्षण नहीं है।
लाइटनिंग रॉड की नोक नुकीली क्यों होती है?+
नुकीली नोक विद्युत क्षेत्र को केंद्रित करती है, जिससे कोरोना निर्वहन के रूप में खतरनाक वोल्टेज बनने से पहले आवेश धीरे-धीरे लीक हो जाता है। यह रोकथामक लीकेज बिजली के झटके के अचानक, हिंसक निर्वहन को रोकता है। एक सपाट रॉड क्षेत्र को केंद्रित नहीं करेगी और बिजली को नहीं रोकेगी।
भूकंपों में परिमाण और क्षति के बीच क्या संबंध है?+
परिमाण (Magnitude) मुक्त की गई ऊर्जा को मापता है (Richter पैमाना, लॉगरिदमिक); क्षति परिमाण, महाकेंद्र की दूरी, मिट्टी के प्रकार और भवन डिजाइन पर निर्भर करती है। परिमाण 8 का भूकंप 500 किमी दूर परिमाण 6 के भूकंप से कम नुकसान पहुंचा सकता है जो 10 किमी दूर हो और खराब निर्माण मानदंड हों।
भूकंपलेखी (Seismograph) भूकंपों का पता कैसे लगाते हैं?+
भूकंपलेखी एक निलंबित द्रव्यमान और स्प्रिंग का उपयोग करता है। जब जमीन हिलती है, तो जड़ता द्रव्यमान को लगभग स्थिर रखती है जबकि जमीन (और फ्रेम) इसके नीचे हिलती है। एक स्टाइलस घूर्णन ड्रम पर सापेक्ष गति रिकॉर्ड करता है, जिससे भूकंपलेख (Seismogram) बनता है जो तरंग आयाम और आगमन समय दिखाता है।
महाकेंद्र उसी परिमाण के भूकंप के गहरे बिंदुओं की तुलना में अधिक खतरनाक क्यों है?+
महाकेंद्र फोकस के सीधे ऊपर सतह पर है, इसलिए भूकंपीय तरंगें न्यूनतम ऊर्जा हानि के साथ इसतक पहुंचती हैं। गहरा फोकस का अर्थ है तरंगें सतह तक पहुंचने से पहले अधिक नष्ट हो जाती हैं। साथ ही, महाकेंद्र-क्षेत्र की इमारतें ऊर्ध्वाधर और क्षैतिज दोनों कंपन तीव्रता से अनुभव करती हैं।
यदि आप बिजली के तूफान के दौरान खुले में फंस जाएं तो क्या करें?+
ऊंची वस्तुओं (पेड़, खंभे, अलग-थलग इमारतें) से बचें। खुले क्षेत्र में कम झुकें—समतल न लेटें (जमीन से संपर्क बढ़ाता है)। धातु की वस्तुओं, पानी और विद्युत उपकरणों से दूर रहें। यदि अंदर हैं, तो विद्युत उपकरणों को डिस्कनेक्ट करें और नलसाजी को छूने से बचें। आखिरी बिजली के बाद 30 मिनट प्रतीक्षा करें फिर बाहर जाएं।
क्या आपके पास बिना गर्जन के बिजली हो सकती है?+
नहीं। गर्जन (Thunder) बिजली की अत्यधिक गर्मी (30,000 K) के कारण होने वाली ध्वनि है, जो हवा को तेजी से फैलाती है और एक झटके की लहर बनाती है। यदि आप बिजली देखते हैं, तो गर्जन अनुसरण करेगी; यदि आप गर्जन नहीं सुनते, तो बिजली बहुत दूर है (दूरी > 5 किमी)।
क्या NCERT में तूफान बादलों में आवेश वितरण का आरेख सटीक है?+
हां, NCERT चित्र जो बादल की शीर्ष पर धनात्मक आवेश और बादल के आधार पर ऋणात्मक आवेश दिखाता है, वह सरलीकृत मॉडल है जो परीक्षक अपेक्षा करते हैं। वास्तविक तूफानों में अधिक जटिल आवेश संरचनाएं होती हैं, लेकिन NCERT संस्करण कक्षा 9 की परीक्षाओं के लिए पर्याप्त और सही है।

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