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कक्षा 9 विज्ञान अध्याय 1: विज्ञान की अद्भुत दुनिया – पिछले वर्षों के प्रश्न समाधान के साथ

अध्याय 1 एक बड़ा सवाल उठाता है: *विज्ञान क्या है?* यह आपकी पूरी CBSE कक्षा 9 विज्ञान पाठ्यक्रम की बुनियाद है। वैज्ञानिक विधि को समझना, प्रेक्षण और परिकल्पना की भूमिका को समझना, और कैसे जिज्ञासा खोज को प्रेरित करती है—यह सिर्फ परीक्षा की सामग्री नहीं है, यह आपकी सोच को आकार देता है। यह पृष्ठ पिछले 5 वर्षों से सबसे अधिक परीक्षित प्रश्नों को एकत्रित करता है, जिन्हें अंक मूल्य के अनुसार व्यवस्थित किया गया है, ताकि आप जान सकें कि परीक्षक किस चीज़ को प्राथमिकता देते हैं। चाहे आप अपने बोर्ड परीक्षा से पहले संशोधन कर रहे हों या बुनियादी बातों में आत्मविश्वास बना रहे हों, पिछले वर्षों के प्रश्नों को हल करना निष्क्रिय पढ़ाई से हमेशा बेहतर है। cbsetutor.ai पर, हमने सैकड़ों पत्रों का विश्लेषण किया है आपको यह परिष्कृत संसाधन लाने के लिए।

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क्यों पिछले साल के प्रश्नपत्र हल करना सिद्धांत को फिर से पढ़ने से बेहतर है

अपनी किताब तीसरी बार पढ़ने से परीक्षक वास्तव में क्या पूछते हैं यह नहीं पता चलेगा। पिछले साल के प्रश्न (PYQs) इसके विपरीत हैं: वे आपको दिखाते हैं कि क्या महत्वपूर्ण है का *पैटर्न*। जब आप 'अवलोकन बनाम अनुमान' पर 1-अंक का प्रश्न हल करते हैं, तो आप एक साथ दो काम कर रहे होते हैं: (1) जांचना कि आपकी समझ सच में सही है, और (2) अपने दिमाग को परीक्षा हॉल में समान शब्दों को पहचानने के लिए प्रशिक्षित करना। CBSE Class 9 Science के 2020–2025 के प्रश्नपत्र स्पष्ट पैटर्न दिखाते हैं। अध्याय 1 के प्रश्न लगभग हमेशा परिभाषात्मक स्पष्टता और वैज्ञानिक विधि के तार्किक क्रम को लक्षित करते हैं। जो छात्र 15 PYQs हल करते हैं वे केवल उत्तर नहीं, बल्कि *परीक्षक कैसे सोचते हैं* यह भी सीखते हैं। आप देखेंगे कि 'परिकल्पना' पर सवाल अक्सर एक छोटे प्रयोगात्मक परिदृश्य के साथ आते हैं, अलग-थलग परिभाषाओं के रूप में नहीं। आप देखेंगे कि 'विज्ञान की शाखाएं' प्रश्न शायद ही कभी एक सरल सूची मांगते हैं—वे आपको वर्गीकृत या न्यायसंगत करने के लिए कहते हैं। समय दबाव में परीक्षा पत्र हल करना परीक्षा का आत्मविश्वास भी बढ़ाता है और चिंता कम करता है। आप अपनी बोर्ड परीक्षा पूरी करेंगे यह जानते हुए कि आपने इस तरह के प्रश्नों को पहले देखा है।

सबसे अधिक दोहराए जाने वाले 1-अंक के प्रश्न (2020–2025)

एक-अंक के प्रश्न याद रखने और परिभाषात्मक सटीकता की परीक्षा लेते हैं। ये 'आसान' अंक हैं यदि आप अपने अध्याय को अच्छी तरह जानते हैं। परीक्षक बार-बार आने वाले पाँच प्रकार यहाँ हैं: **Q1. विज्ञान के संदर्भ में अवलोकन को परिभाषित करें।** A: अवलोकन किसी वस्तु या घटना के बारे में जानकारी एकत्रित करने के लिए अपनी एक या अधिक इंद्रियों का उपयोग करने की प्रक्रिया है, जो व्यवस्थित और सावधानीपूर्वक तरीके से की जाती है। **Q2. परिकल्पना क्या है?** A: परिकल्पना एक अनंतिम व्याख्या या शिक्षित अनुमान है, जो सीमित साक्ष्य और अवलोकनों पर आधारित है, और जो आगे की जांच के लिए एक शुरुआती बिंदु के रूप में कार्य करता है। **Q3. विज्ञान की किन्हीं दो शाखाओं के नाम बताएं।** A: (निम्नलिखित में से कोई दो) भौतिकी, रसायन विज्ञान, जीव विज्ञान, खगोल विज्ञान, प्राणी विज्ञान, वनस्पति विज्ञान, पारिस्थितिकी, भूविज्ञान। **Q4. विज्ञान में जिज्ञासा की भूमिका क्या है?** A: जिज्ञासा वैज्ञानिक खोज के पीछे प्रेरक शक्ति है। यह वैज्ञानिकों को प्रश्न पूछने, दुनिया का अवलोकन करने और प्राकृतिक घटनाओं के उत्तर खोजने के लिए प्रयोग डिजाइन करने के लिए प्रेरित करता है। **Q5. प्रयोग क्या है?** A: प्रयोग एक नियंत्रित प्रक्रिया है जो किसी परिकल्पना को परीक्षण करने और किसी प्रस्तावित व्याख्या को पुष्ट या खंडित करने के लिए डेटा एकत्रित करने के लिए की जाती है। ये लगभग हर प्रश्नपत्र में दिखाई देते हैं। NCERT से परिभाषाओं को शब्दशः याद रखें—परीक्षक सटीकता की जांच करते हैं।

सबसे अधिक दोहराए जाने वाले 3-अंक के प्रश्न (2020–2025)

तीन-अंक के प्रश्नों में व्याख्या और संक्षिप्त तर्क की आवश्यकता होती है। वे आमतौर पर आपको यह पूछते हैं: (1) परिभाषित करें + व्याख्या करें, (2) किसी प्रक्रिया के चरणों का वर्णन करें, या (3) अवधारणाओं के बीच अंतर करें। यहाँ पाँच सामान्य रूप से देखे जाने वाले प्रकार हैं: **Q1. वैज्ञानिक पद्धति के चरणों का वर्णन करें।** A: वैज्ञानिक पद्धति में ये चरण होते हैं: (1) अवलोकन—इंद्रियों का उपयोग करके डेटा एकत्रित करना; (2) प्रश्न—'क्यों' या 'कैसे' पूछना; (3) परिकल्पना—एक शिक्षित अनुमान बनाना; (4) प्रयोग—नियंत्रित परिस्थितियों में परिकल्पना का परीक्षण करना; (5) निष्कर्ष—परिणामों की व्याख्या करना; (6) संचार—निष्कर्षों को साझा करना। यह चक्र दोहराया जा सकता है। **Q2. अवलोकन और अनुमान के बीच अंतर करें।** A: अवलोकन किसी घटना से प्रत्यक्ष संवेदी जानकारी है (जैसे, 'पौधा 10 सेमी लंबा है')। अनुमान अवलोकनों के आधार पर एक तार्किक निष्कर्ष है (जैसे, 'पौधा बढ़ा क्योंकि उसे धूप मिली')। अवलोकन तथ्य हैं; अनुमान व्याख्याएं हैं। **Q3. समझाएं कि जिज्ञासा और प्रश्न कैसे वैज्ञानिक खोजों की ओर ले जाते हैं। एक उदाहरण दें।** A: जिज्ञासा वैज्ञानिकों को प्रकृति के बारे में 'क्यों' और 'कैसे' प्रश्न पूछने के लिए प्रेरित करती है। प्रश्न ज्ञान में अंतराल की पहचान करते हैं, जिससे जांच की ओर ले जाता है। उदाहरण: जेम्स वाट ने एक केतली के ढक्कन से निकलती भाप देखी और इसमें शामिल शक्ति के बारे में सोचा। इस जिज्ञासा ने भाप इंजन में नवाचार और औद्योगिक क्रांति की ओर ले जाया। **Q4. परिकल्पना और सिद्धांत के बीच क्या अंतर है?** A: परिकल्पना एक परीक्षण न किए गए, अनंतिम व्याख्या है जो सीमित डेटा पर आधारित है। सिद्धांत एक अच्छी तरह से परीक्षित, व्यापक रूप से स्वीकृत व्याख्या है जो व्यापक साक्ष्य और समय के साथ बार-बार प्रयोग द्वारा समर्थित है। सिद्धांत अधिक विश्वसनीय हैं। **Q5. जीव विज्ञान की दो शाखाओं के नाम बताएं और प्रत्येक का फोकस बताएं।** A: वनस्पति विज्ञान—पौधों और उनकी जीवन प्रक्रियाओं का अध्ययन। प्राणी विज्ञान—जानवरों, उनके व्यवहार, संरचना और पारिस्थितिकी का अध्ययन। दोनों जीव विज्ञान का हिस्सा हैं।

सबसे अधिक दोहराए जाने वाले 5-अंक के प्रश्न (2020–2025)

पाँच-अंक के प्रश्नों को गहराई, तार्किक प्रवाह की आवश्यकता होती है और अक्सर एक कार्य उदाहरण या परिदृश्य की आवश्यकता होती है। ये कम बार दिखाई देते हैं लेकिन उच्च वजन रखते हैं। यहाँ तीन यथार्थवादी प्रश्न प्रकार हैं: **Q1. एक छात्र अवलोकन करता है कि एक मोमबत्ती की लौ तब बुझ जाती है जब एक कांच का जार इसके ऊपर उलटा किया जाता है। वैज्ञानिक पद्धति का उपयोग करके छात्र इस अवलोकन की जांच कैसे कर सकता है, इसकी रूपरेखा दें।** A (पूर्ण समाधान): *अवलोकन:* मोमबत्ती की लौ बुझ जाती है जब एक उलटे जार से हवा काट दी जाती है। *प्रश्न:* क्या आग को जलने के लिए हवा की आवश्यकता है? या: दहन के लिए कौन सी गैस आवश्यक है? *परिकल्पना:* आग बिना ऑक्सीजन के (या हवा के) नहीं जल सकती। *प्रयोग डिजाइन:* एक जलती हुई मोमबत्ती को कांच के जार के नीचे रखें। लौ के बुझने से पहले का समय दर्ज करें। विभिन्न आकार के जार के साथ दोहराएं (हवा की मात्रा को नियंत्रित करते हुए)। एक नियंत्रण के रूप में उपयोग करें जहाँ जार को उलटा न किया जाए। *चर:* स्वतंत्र—उपलब्ध हवा की मात्रा; आश्रित—लौ बुझने तक का समय; नियंत्रित—मोमबत्ती का आकार, प्रारंभिक लौ की ऊंचाई, कमरे का तापमान। *अपेक्षित परिणाम:* छोटे जार में लौ ऑक्सीजन की कमी के कारण तेजी से बुझ जाती है। *निष्कर्ष:* आग को जलने के लिए ऑक्सीजन की आवश्यकता होती है; सीमित ऑक्सीजन दहन की विफलता की ओर जाता है। *अनुप्रयोग:* यह सिद्धांत समझाता है कि बंद जगहों में आग कैसे कम हो जाती है और अग्निशमन कर्मचारी बचाव ऑपरेशन के दौरान इमारतों को कैसे हवा देते हैं। **Q2. विज्ञान की तीन मुख्य शाखाओं (भौतिकी, रसायन विज्ञान, जीव विज्ञान) की आपसी निर्भरता का दो विशिष्ट उदाहरणों का उपयोग करके वर्णन करें।** A (पूर्ण समाधान): विज्ञान की तीन शाखाएं प्राकृतिक घटनाओं को समझाने के लिए आपस में जुड़ी हुई हैं: *उदाहरण 1 (प्रकाश-संश्लेषण):* जीव विज्ञान पूछता है 'पौधे भोजन कैसे बनाते हैं?' रसायन विज्ञान रासायनिक प्रतिक्रियाओं की व्याख्या करता है (6CO₂ + 6H₂O → C₆H₁₂O₆ + 6O₂)। भौतिकी ऊर्जा स्थानांतरण की व्याख्या करता है (प्रकाश ऊर्जा रासायनिक ऊर्जा में परिवर्तित)। तीनों के बिना, प्रकाश-संश्लेषण को समझना अधूरा है। *उदाहरण 2 (मानव पाचन):* जीव विज्ञान पाचन अंगों और प्रक्रियाओं का वर्णन करता है। रसायन विज्ञान समझाता है कि एंजाइम कैसे खाद्य अणुओं को तोड़ते हैं (प्रोटीन → अमीनो एसिड)। भौतिकी यांत्रिक प्रक्रियाओं जैसे मांसपेशी संकुचन और खाद्य आंदोलन की व्याख्या करता है। केवल एक शाखा का अध्ययन करने से अंतराल रहता है। *निष्कर्ष:* आधुनिक विज्ञान अंतःविषय है। वास्तविक दुनिया की घटनाओं को पूरी तरह समझने और समझाने के लिए कई शाखाओं की अंतर्दृष्टि की आवश्यकता होती है। **Q3. वैज्ञानिक पद्धति यह सुनिश्चित करती है कि ज्ञान विश्वसनीय और भरोसेमंद है? साक्ष्य और दोहराए जाने की भूमिका के संदर्भ में समझाएं।** A (पूर्ण समाधान): वैज्ञानिक पद्धति व्यवस्थित डिजाइन और साथी सत्यापन के माध्यम से विश्वसनीयता बनाती है: *(1) साक्ष्य की भूमिका:* वैज्ञानिक पद्धति को अवलोकनीय, मापने योग्य साक्ष्य की आवश्यकता होती है—विचारों या विश्वासों की नहीं। हर परिकल्पना परीक्षणीय और खंडनीय होनी चाहिए। निष्कर्ष केवल डेटा से, मान्यताओं से नहीं निकाले जाते हैं। उदाहरण: परिकल्पना 'नमक गर्म पानी में तेजी से घुलता है' परीक्षणीय है; 'गर्म पानी बेहतर है' वैज्ञानिक नहीं है। *(2) दोहराए जाने की भूमिका:* प्रयोगों को एक ही या अलग-अलग शोधकर्ताओं द्वारा कई बार दोहराया जाता है। यदि परिणाम सुसंगत हैं, तो निष्कर्षों में आत्मविश्वास बढ़ता है। यदि परिणाम भिन्न होते हैं, तो परिकल्पना या विधि की फिर से जांच की जाती है। यह एकल त्रुटियों को तथ्य के रूप में स्वीकार किए जाने से रोकता है। उदाहरण: फ्लेमिंग द्वारा पेनिसिलिन की खोज को तब मान्य किया गया जब अन्य प्रयोगशालाओं ने उनके निष्कर्षों को दोहराया। *(3) साथी समीक्षा:* वैज्ञानिक विशेषज्ञों द्वारा जांच के लिए निष्कर्षों का संचार करते हैं। त्रुटिपूर्ण विधियों या असमर्थित निष्कर्षों को चुनौती दी जाती है। केवल मजबूत निष्कर्ष स्वीकृति प्राप्त करते हैं। *(4) स्व-सुधार:* यदि नया साक्ष्य किसी स्वीकृत विचार का खंडन करता है, तो विज्ञान अपनी समझ को संशोधित करता है।

नए 2026–27 CBSE पैटर्न में पैटर्न परिवर्तन

CBSE ने धीरे-धीरे परीक्षाओं को उच्च-क्रम सोच की ओर केंद्रित करने और याद करने पर कम जोर देने की ओर बदला है। अध्याय 1 में, यह परिवर्तन दृश्यमान है: *(1) अधिक परिदृश्य-आधारित प्रश्न:* पुराने प्रश्नपत्र अक्सर 'परिकल्पना को परिभाषित करें' पूछते थे। नए प्रश्नपत्र पूछते हैं 'एक वैज्ञानिक X का अवलोकन करता है; एक परिकल्पना बनाएं और एक प्रयोग डिजाइन करें।' इसमें अनुप्रयोग की आवश्यकता है, केवल याद नहीं। *(2) विशुद्ध परिभाषाओं पर कम फोकस:* जबकि 1-अंक की परिभाषा प्रश्न अभी भी दिखाई देते हैं, कम प्रश्नपत्रों में 'विज्ञान की शाखाओं को नाम दें' प्रश्न होते हैं। इसके बजाय, शाखाएं अनुप्रयुक्त संदर्भों में बुनी जाती हैं। *(3) वैज्ञानिक पद्धति के तार्किक क्रम पर जोर:* अलग-अलग अवलोकन, परिकल्पना और प्रयोग पर सवाल पूछने के बजाय, नए प्रश्नपत्र एक समस्या प्रस्तुत करते हैं और छात्रों से सभी चरणों को मैप करने के लिए कहते हैं। यह *क्रम* और *परस्पर निर्भरता* की समझ का परीक्षण करता है। *(4) जिज्ञासा और मानव तत्व पर बढ़ा हुआ ध्यान:* प्रश्न अब 'जिज्ञासा विज्ञान को कैसे चलाती है?' पूछते हैं या खोज की वास्तविक कहानियां प्रस्तुत करते हैं (जैसे फ्लेमिंग की पेनिसिलिन की खोज)। यह अध्याय 1 को वास्तविक दुनिया की प्रेरणा से जोड़ता है। *(5) अंतःविषय लिंक:* परीक्षक अब पूछते हैं कि अध्याय 1 की अवधारणाएं भौतिकी, रसायन विज्ञान और जीव विज्ञान पर कैसे लागू होती हैं। विभिन्न शाखाओं से उदाहरण का उपयोग करके वैज्ञानिक पद्धति को न्यायसंगत करने के लिए तैयार रहें। *(6) डेटा व्याख्या में अनुमान बनाम अवलोकन:* नए प्रश्नपत्र कच्चे डेटा देते हैं और छात्रों से अवलोकनों (तथ्य) को अनुमानों (व्याख्याओं) से अलग करने के लिए कहते हैं। यह आलोचनात्मक सोच का परीक्षण करता है। **तैयारी सुझाव:** केवल 1-अंक के उत्तरों को याद न करें। हर अवधारणा के लिए, 2–3 मिनट की व्याख्या और एक वास्तविक दुनिया का उदाहरण तैयार करें। परिभाषाओं को परिदृश्य-समाधान में बदलने का अभ्यास करें।

इस अध्याय के लिए तेज़ प्रयास की रणनीति

परीक्षाएँ याददाश्त की मैराथन नहीं होतीं—ये रणनीति और समय प्रबंधन की परीक्षा होती हैं। यहाँ बताया गया है कि आप अपनी बोर्ड परीक्षा में अध्याय 1 के प्रश्नों का सामना कैसे करें: **(1) पहले सभी प्रश्नों को देखें (2 मिनट):** उत्तर देने से पहले हर प्रश्न को पढ़ें। अध्याय 1 के प्रश्न अक्सर छोटे लेकिन सटीक होते हैं। उन प्रश्नों को चिह्नित करें जिनमें आप आत्मविश्वास रखते हैं—उन्हीं से शुरुआत करें ताकि गति बनी रहे। **(2) 1-अंक के प्रश्नों के लिए (प्रत्येक 1 मिनट):** अपने NCERT से सीधे परिभाषा या शब्द लिखें। जब तक प्रश्न में न कहा जाए, अतिरिक्त व्याख्या न दें। 'एक शब्द या एक वाक्य' आपका नियम है। सटीकता विस्तार से बेहतर है। **(3) 3-अंक के प्रश्नों के लिए (प्रत्येक 3–4 मिनट):** (a) पहचानें कि क्या पूछा जा रहा है: परिभाषा, अंतर, प्रक्रिया, या व्याख्या? (b) अपने उत्तर को स्पष्ट बिंदुओं के साथ संरचित करें (संख्याएँ या बुलेट्स का उपयोग करें)। (c) यदि व्याख्या के लिए कहा जाए, तो हमेशा एक-पंक्ति का कारण या परिणाम शामिल करें। उदाहरण: 'एक परिकल्पना प्रयोग को निर्देशित करती है, जिससे जाँच केंद्रित रहती है।' **(4) 5-अंक के प्रश्नों के लिए (प्रत्येक 5–6 मिनट):** (a) दो बार पढ़ें। ये प्रश्न आमतौर पर परिस्थिति-आधारित होते हैं। मुख्य शब्दों को रेखांकित करें। (b) 30 सेकंड में अपने उत्तर की योजना बनाएँ: मार्जिन पर 4–5 मुख्य बिंदु नोट करें। (c) पूरे वाक्य लिखें; प्रवाह शब्दों का उपयोग करें ('पहले,' 'फिर,' 'इसलिए')। (d) हमेशा निष्कर्ष या वास्तविक-दुनिया के अनुप्रयोग के साथ समाप्त करें। **(5) केवल सिद्धांत नहीं, उदाहरणों का संदर्भ दें:** जहाँ संभव हो, अपने उत्तरों को उदाहरणों में डालें। 'जिज्ञासा ने गैलीलियो को दूरबीन से चाँद को देखने के लिए प्रेरित किया' 'जिज्ञासा महत्वपूर्ण है' से अधिक प्रभावी है। **(6) सामान्य गलतियों से बचें:** (i) प्रेक्षण को अनुमान के साथ न मिलाएँ। (ii) परिकल्पना और सिद्धांत को समानार्थी न मानें। (iii) विज्ञान की शाखाओं को तब तक सूचीबद्ध न करें जब तक विशेष रूप से नहीं कहा जाए; उनके संबंधों पर ध्यान केंद्रित करें। (iv) 'विज्ञान प्रकृति का अध्ययन है'—जैसे अस्पष्ट उत्तर न लिखें; परिभाषित करें कि आप प्रेक्षण, परिकल्पना आदि से क्या मतलब रखते हैं। **(7) आधे बिंदु पर समय की जाँच:** यदि आप पेपर के आधे हिस्से तक हैं और अपने आधे समय से अधिक का उपयोग कर चुके हैं, तो गति बढ़ाएँ। अध्याय 1 आमतौर पर कुल अंकों का 5–10% होता है। यहाँ बहुत समय न लगाएँ। **(8) यदि समय बचे तो समीक्षा करें:** परिभाषाओं को वर्तनी और तर्क के लिए जाँचें। सुनिश्चित करें कि आपके उदाहरण समझदारी में हों। 'परिकल्पना' में एक छोटी-सी गलती से कोई अंक नहीं कटते, लेकिन एक गलत परिभाषा से कटते हैं।

अधिकतम परीक्षा सफलता के लिए इस संसाधन का उपयोग कैसे करें

यह पृष्ठ आपको *क्या* और *क्यों* देता है। आपका अगला कदम जानबूझकर अभ्यास है: **चरण 1 (समझ):** ऊपर दिए गए सभी 13 प्रश्नों को पढ़ें। प्रत्येक के लिए, नोट करें कि क्या आपका प्रारंभिक उत्तर प्रदान किए गए उत्तर से मेल खाता है। यदि नहीं, तो प्रासंगिक NCERT अनुभाग को फिर से पढ़ें। **चरण 2 (समय सीमा में अभ्यास):** एक टाइमर सेट करें। 5 मिनट में 5 एक-अंक के प्रश्नों को हल करें, 15 मिनट में 5 तीन-अंक के प्रश्नों को, और 18 मिनट में 3 पाँच-अंक के प्रश्नों को। यह गति को प्रशिक्षित करता है और परीक्षा का सहनशक्ति बनाता है। **चरण 3 (अंतर विश्लेषण):** अपने उत्तरों को प्रदान किए गए समाधानों से तुलना करें। पहचानें कि आपने कहाँ अंक खोए: क्या यह मुख्य वाक्यांश का अभाव था? खराब संरचना? गलत तर्क? 2–3 'बचने के लिए गलतियाँ' नोट करें और अपनी परीक्षा से पहली रात को उन पर समीक्षा करें। **चरण 4 (पूर्ण पेपर सिमुलेशन):** एक बार इस अध्याय पर आत्मविश्वास के साथ, समय-सीमा में एक पूर्ण पिछले साल का विज्ञान पेपर हल करें। अध्याय 1 के प्रश्न परिचित और आश्वस्त महसूस करेंगे—उस गति को अन्य अध्यायों में ले जाएँ। **चरण 5 (सतत संशोधन):** अपनी बोर्ड परीक्षा से एक सप्ताह पहले, केवल 1-अंक और 3-अंक के प्रश्नों पर फिर से विचार करें। इनमें अंकों की सर्वोच्च घनत्व होती है और कम संशोधन समय की आवश्यकता होती है। अपने अंतिम दिन 5-अंक के प्रश्नों और पूर्ण-पेपर सिमुलेशन पर ध्यान दें।

Frequently asked questions

Class 9 विज्ञान में परिकल्पना और सिद्धांत में क्या अंतर है?+
परिकल्पना एक अस्थायी, अजमाई हुई अनुमान है जो सीमित प्रेक्षणों पर आधारित होती है। सिद्धांत एक सुस्थापित, व्यापक रूप से स्वीकृत व्याख्या है जो विस्तृत साक्ष्य और बार-बार किए गए प्रयोगों द्वारा समर्थित है। सिद्धांत बहुत शक्तिशाली होते हैं और कई वैज्ञानिकों द्वारा समय के साथ परीक्षण किए जाते हैं।
CBSE Class 9 विज्ञान परीक्षा में अध्याय 1 'The Wonderful World of Science' कितने अंक का है?+
अध्याय 1 आमतौर पर पूरे विज्ञान पत्र के 80 में से 5–8 अंक के लिए होता है। इसमें 1-अंक, 2-अंक (या 3-अंक), और कभी-कभी 5-अंक के प्रश्न शामिल होते हैं। वैज्ञानिक विधि और मुख्य परिभाषाओं को समझने पर ध्यान दें ताकि ये अंक आसानी से प्राप्त कर सकें।
Class 9 अध्याय 1 में विज्ञान की मुख्य शाखाएं कौन सी हैं?+
मुख्य शाखाएं हैं भौतिकी (ऊर्जा, गति, बलों का अध्ययन), रसायन विज्ञान (पदार्थ, प्रतिक्रियाएं, संरचना का अध्ययन), और जीव विज्ञान (जीवित जीवों का अध्ययन)। अन्य शाखाओं में खगोल विज्ञान, भूविज्ञान, पारिस्थितिकी, और मौसम विज्ञान शामिल हैं। समझें कि प्रत्येक शाखा किस पर केंद्रित है।
परीक्षा के उत्तर में प्रेक्षण और अनुमान के बीच अंतर कैसे करूँ?+
प्रेक्षण सीधी इंद्रिय जानकारी है जो आप एकत्र करते हैं (उदाहरण के लिए, 'पौधा हरा है')। अनुमान प्रेक्षणों से एक तार्किक निष्कर्ष है (उदाहरण के लिए, 'पौधा स्वस्थ है क्योंकि वह हरा है')। अपने उत्तर में स्पष्ट रूप से बताएं कि कौन सा कौन है और उनके बीच तार्किक कदम दिखाएं।
वैज्ञानिक पद्धति का सही क्रम क्या है?+
क्रम है: (1) प्रेक्षण, (2) प्रश्न, (3) परिकल्पना, (4) प्रयोग, (5) निष्कर्ष, (6) संचार। कुछ मॉडल प्रेक्षण और प्रश्न को मिलाते हैं। जब 3-अंक या 5-अंक के प्रश्न में पूछा जाए, तो हमेशा प्रत्येक चरण का संक्षेप में वर्णन करें।
CBSE अध्याय 1 में जिज्ञासा वैज्ञानिक खोज से कैसे संबंधित है?+
जिज्ञासा वह प्रेरणा है जो वैज्ञानिकों को प्रकृति के बारे में 'क्यों' और 'कैसे' के सवाल पूछने के लिए प्रेरित करती है। यह प्रेक्षण, परिकल्पना का निर्माण, और प्रयोगात्मक डिज़ाइन की ओर ले जाती है। जिज्ञासा के बिना, कोई वैज्ञानिक प्रगति नहीं होगी। वास्तविक-विश्व का उदाहरण (Fleming, Galileo, Watt) तैयार करें।
हाल के CBSE पत्रों में अध्याय 1 के प्रश्न ज्यादातर परिभाषा-आधारित हैं या परिस्थिति-आधारित?+
पुराने पत्र काफी परिभाषा-आधारित थे। हाल के पत्र (2023–2025) परिस्थिति-आधारित प्रश्नों की ओर झुकते हैं जहां आप दी गई स्थिति पर वैज्ञानिक विधि लागू करते हैं। दोनों प्रकारों के लिए तैयारी करें लेकिन नए पैटर्न के लिए परिस्थिति-समाधान पर ध्यान दें।
प्रयोग में नियंत्रित चर की भूमिका क्या है?+
नियंत्रित चर एक ऐसा कारक है जिसे प्रयोग के दौरान स्थिर रखा जाता है ताकि परिणामों में परिवर्तन केवल स्वतंत्र चर के कारण हो। उदाहरण के लिए, विभिन्न प्रकाश स्तरों के साथ पौधे की वृद्धि का परीक्षण करते समय, मिट्टी के प्रकार, पानी, और तापमान को स्थिर रखें। यह आपके निष्कर्ष को विश्वसनीय बनाता है।

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