India's #1 AI Tutorimportant questions · Science · Chapter 1Read in English → कक्षा 9 विज्ञान अध्याय 1 पौधों में पोषण: 18 महत्वपूर्ण प्रश्न पूर्ण समाधान के साथ
अध्याय 1: पौधों में पोषण कक्षा 9 CBSE जीव विज्ञान का एक बुनियादी विषय है जो यह परखता है कि पौधे ऊर्जा कैसे प्राप्त और उपयोग करते हैं। यह अध्याय पोषक और विषमपोषी पोषण, प्रकाश-संश्लेषण (Photosynthesis) की क्रिया विधि, और परजीविता तथा सहजीविता जैसे वास्तविक पारिस्थितिक संबंधों को कवर करता है। परीक्षकों को प्रकाश-संश्लेषण समीकरणों, पोषकों और विषमपोषियों के बीच अंतर, और सहजीवी संबंधों के केस स्टडीज़ पर प्रश्न प्राथमिकता देते हैं। 2026-27 बोर्ड पैटर्न में, अनुप्रयोग-आधारित और HOTS प्रश्नों की अपेक्षा करें जिनमें संकल्पनात्मक स्पष्टता आवश्यक है, रटंत विद्या नहीं। यह मार्गदर्शिका 18 चयनित प्रश्न प्रस्तुत करती है—1-अंक MCQs से 5-अंक उत्तरों तक—वास्तविक CBSE प्रश्न पत्र की कठिनाई और अंक वितरण को दर्शाते हुए। cbsetutor.ai के AI ट्यूटर के साथ प्रतिदिन इन पर काम करें, अपने ज्ञान में कमियों को पहचानें और परीक्षा आत्मविश्वास बनाएं।
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Start 3-day free trial →2024-25 CBSE बोर्ड पैटर्न में ये सवाल क्यों महत्वपूर्ण हैं
पौधों में पोषण कक्षा 9 विज्ञान योगात्मक परीक्षा में 10–12 अंक लेता है। CBSE के युक्तिसंगत पाठ्यक्रम में रटने की जगह अवधारणात्मक समझ पर जोर दिया गया है। बोर्ड परीक्षक 'क्यों' और 'कैसे' वाले सवाल पूछते हैं: पौधों को प्रकाश-संश्लेषण (Photosynthesis) की आवश्यकता क्यों है? परजीवी संबंध परस्पर लाभकारी संबंध से कैसे अलग हैं? प्रश्न वितरण एक निश्चित पैटर्न का पालन करता है: 1–2 बहुविकल्पीय प्रश्न (1 अंक प्रत्येक), 2–3 लघु-उत्तरीय प्रश्न (2 अंक प्रत्येक), 1–2 मध्यम-उत्तरीय प्रश्न (3 अंक प्रत्येक), और 1 दीर्घ-उत्तरीय या केस-स्टडी प्रश्न (5 अंक)। प्रकाश-संश्लेषण की क्रिया विधि (प्रकाश अभिक्रिया और अंधकार अभिक्रिया) को समझना और क्लोरोफिल, रंध्र (Stomata) तथा क्लोरोप्लास्ट की भूमिका समझा पाना उच्च अंक प्राप्त करने वाले छात्रों को औसत छात्रों से अलग करता है। इसके अलावा, यह अध्याय पारिस्थितिकी से भी जुड़ा है—परीक्षक छात्रों से पोषण के प्रकारों को वास्तविक पारितंत्र से जोड़ने की उम्मीद करते हैं: चट्टानों पर लाइकेन (परस्पर लाभ), पेड़ों पर आर्केस्ट्रा (परजीविता), और पौधों की जड़ों में कवक (माइकोराइजे)। विविध प्रश्न प्रारूपों का अभ्यास बोर्ड परीक्षाओं के लिए आवश्यक मानसिक लचीलापन विकसित करता है।
1 अंक वाले बहुविकल्पीय प्रश्न (MCQs) उत्तरों के साथ
बहुविकल्पीय प्रश्न तेजी से याद रखने और अवधारणा की पहचान की परीक्षा लेते हैं। प्रत्येक सही उत्तर 1 अंक अर्जित करता है; अधिकांश CBSE पत्रों में कोई नकारात्मक अंकन नहीं है।
**Q1: पौधों की कोशिकाओं में प्रकाश-संश्लेषण का स्थल कौन सा अंगक है?**
A) माइटोकॉन्ड्रिया B) क्लोरोप्लास्ट C) राइबोसोम D) गॉल्जी उपकरण
**उत्तर: B) क्लोरोप्लास्ट।** क्लोरोप्लास्ट में क्लोरोफिल वर्णक होता है और प्रकाश-आश्रित तथा प्रकाश-स्वतंत्र अभिक्रियाएं संपन्न करता है।
**Q2: स्वपोषी पोषण निम्नलिखित में पाया जाता है:**
A) जानवर B) कवक C) हरे पौधे D) केवल बैक्टीरिया
**उत्तर: C) हरे पौधे।** स्वपोषी सूर्य के प्रकाश, जल और CO₂ का उपयोग करके अपना भोजन स्वयं संश्लेषित करते हैं। कई बैक्टीरिया और शैवाल भी स्वपोषी हैं, लेकिन हरे पौधे प्राथमिक उदाहरण हैं।
**Q3: प्रकाश-संश्लेषण की अंधकार अभिक्रिया क्लोरोप्लास्ट के किस भाग में होती है?**
A) थायलेकॉयड B) ग्रेनम C) स्ट्रोमा D) बाहरी झिल्ली
**उत्तर: C) स्ट्रोमा।** कैल्विन चक्र (अंधकार अभिक्रिया) स्ट्रोमा में होता है और सीधे प्रकाश की आवश्यकता नहीं होती।
**Q4: निम्नलिखित में से कौन सा जीव मृतोपजीवी (Saprotroph) है?**
A) मशरूम B) मटर का पौधा C) खरगोश D) टिड्डी
**उत्तर: A) मशरूम।** मृतोपजीवी (जैसे कवक और बैक्टीरिया) मृत जैव पदार्थ पर भोजन करते हैं और पारिस्थितिकी तंत्र में पुनर्चक्रण की महत्वपूर्ण भूमिका निभाते हैं।
**Q5: कवक और पौधों की जड़ के बीच सहजीवी संबंध कहलाता है:**
A) परजीविता B) परस्पर लाभ C) माइकोराइजे (Mycorrhizae) D) एपिफाइटिज्म
**उत्तर: C) माइकोराइजे।** यह एक परस्पर लाभकारी सहजीविता है जिसमें कवक को पौधे से कार्बोहाइड्रेट मिलता है और पौधे को जल और खनिज अवशोषित करने में मदद करता है।
2 अंक वाले लघु-उत्तरीय प्रश्न समाधान के साथ
लघु-उत्तरीय प्रश्नों के लिए संक्षिप्त, केंद्रित व्याख्या की आवश्यकता होती है। 30–50 शब्दों में लिखें और एक मुख्य उदाहरण या समीकरण शामिल करें।
**Q1: स्वपोषी और विषमपोषी पोषण को परिभाषित करें। प्रत्येक का एक उदाहरण दें।**
**उत्तर:** स्वपोषी पोषण अकार्बनिक पदार्थों (CO₂ और H₂O) से प्रकाश ऊर्जा का उपयोग करके भोजन का संश्लेषण करने की क्षमता है। उदाहरण: हरे पौधे। विषमपोषी पोषण अन्य जीवों द्वारा निर्मित कार्बनिक भोजन का ग्रहण है। उदाहरण: जानवर, कवक और अधिकांश बैक्टीरिया। (2 अंक)
**Q2: प्रकाश-संश्लेषण का समीकरण लिखें और बने उत्पादों के नाम बताएं।**
**उत्तर:** 6CO₂ + 6H₂O + प्रकाश ऊर्जा → C₆H₁₂O₆ + 6O₂। उत्पाद: ग्लूकोज (भोजन) और ऑक्सीजन (मुक्त)। (2 अंक)
**Q3: परजीवी और मृतोपजीवी में अंतर कीजिए। प्रत्येक प्रकार का एक जीव नाम दें।**
**उत्तर:** परजीवी (जैसे टेपवर्म, आर्केस्ट्रा) एक पोषक पर या उसमें रहता है और पोषक तत्वों को निकालकर उसे नुकसान पहुंचाता है। मृतोपजीवी (जैसे मशरूम, ब्रेड मोल्ड) मृत, सड़ते हुए पदार्थ पर भोजन करता है और जीवित पोषक को नुकसान नहीं पहुंचाता। (2 अंक)
**Q4: माइकोराइजे क्या है? शामिल दोनों जीवों को लाभ बताएं।**
**उत्तर:** माइकोराइजे कवक और पौधों की जड़ के बीच एक परस्पर लाभकारी सहजीवी संबंध है। कवक मिट्टी से जल और खनिज अवशोषित करता है (पौधे को लाभ) जबकि पौधा कवक को कार्बोहाइड्रेट प्रदान करता है (कवक को लाभ)। (2 अंक)
**Q5: प्रकाश-संश्लेषण के लिए आवश्यक तीन कच्चे माल के नाम बताएं और बताएं कि प्रत्येक कहाँ से प्राप्त होता है।**
**उत्तर:** (1) जल—मिट्टी से जड़ों द्वारा अवशोषित। (2) कार्बन डाइऑक्साइड—पत्तियों के रंध्रों (Stomata) के माध्यम से प्रवेश। (3) प्रकाश ऊर्जा—क्लोरोफिल द्वारा सूर्य से संचित। (2 अंक)
3 अंक वाले मध्यम-उत्तरीय प्रश्न पूर्ण समाधान के साथ
3 अंक वाले प्रश्नों के लिए बहु-भाग वाले उत्तर की आवश्यकता होती है: परिभाषा या व्याख्या + क्रिया विधि + उदाहरण या अनुप्रयोग।
**Q1: समझाइए कि पौधों को उत्पादक क्यों कहा जाता है। वे जो ऊर्जा संचित करते हैं उसे कैसे प्राप्त और उपयोग करते हैं?**
**उत्तर:** पौधों को उत्पादक कहा जाता है क्योंकि वे प्रकाश-संश्लेषण के माध्यम से अकार्बनिक कच्चे माल से अपना जैव भोजन (ग्लूकोज) स्वयं संश्लेषित करते हैं। प्रकाश-संश्लेषण के दौरान, क्लोरोफिल प्रकाश ऊर्जा अवशोषित करता है। प्रकाश अभिक्रिया (थायलेकॉयड में) में, जल विभाजित होता है और प्रकाश ऊर्जा रासायनिक ऊर्जा (ATP और NADPH) में परिवर्तित होती है। अंधकार अभिक्रिया (स्ट्रोमा में) में, यह रासायनिक ऊर्जा कैल्विन चक्र को चलाती है, जो CO₂ को ग्लूकोज में परिवर्तित करती है। पौधे ग्लूकोज का उपयोग श्वसन के लिए करते हैं (वृद्धि, गति और जीवन प्रक्रियाओं के लिए ऊर्जा मुक्त करने के लिए) और इसे भविष्य के उपयोग के लिए स्टार्च के रूप में संचित करते हैं। यह ऊर्जा अंततः खाद्य श्रृंखला के सभी अन्य जीवों का समर्थन करती है। (3 अंक)
**Q2: प्रकाश अभिक्रिया और अंधकार अभिक्रिया में प्रकाश-संश्लेषण की तुलना करें। प्रत्येक कहाँ होती है और मुख्य घटनाएं क्या हैं?**
**उत्तर:** प्रकाश अभिक्रिया: थायलेकॉयड झिल्लियों में होती है। प्रकाश ऊर्जा क्लोरोफिल को उत्तेजित करती है, जिससे जल का प्रकाश विघटन होता है (H₂O → 2H⁺ + ½O₂ + 2e⁻)। इलेक्ट्रॉन इलेक्ट्रॉन परिवहन श्रृंखलाओं के माध्यम से बहते हैं, ATP और NADPH उत्पन्न करते हैं। ऑक्सीजन मुक्त होती है। अंधकार अभिक्रिया (कैल्विन चक्र): स्ट्रोमा में होती है। सीधे प्रकाश की आवश्यकता नहीं होती। प्रकाश अभिक्रिया में उत्पादित ATP और NADPH का उपयोग करती है। CO₂ को 3-फॉस्फोग्लिसरेट में स्थिर किया जाता है, G3P (ग्लिसरेल्डिहाइड-3-फॉस्फेट) में घटाया जाता है, और RuBP (राइबुलोज-1,5-बिसफॉस्फेट) में पुनर्जीवित किया जाता है। G3P का उपयोग ग्लूकोज संश्लेषित करने के लिए किया जाता है। (3 अंक)
**Q3: एक चट्टान पर लाइकेन उगता हुआ दिखता है। समझाइए कि लाइकेन कौन से जीवों से बना है और संबंध की प्रकृति का वर्णन करें।**
**उत्तर:** लाइकेन दो जीवों से बना है: (1) एक शैवाल (या सायनोबैक्टीरिया)—स्वपोषी, प्रकाश-संश्लेषण करता है, ग्लूकोज उत्पादित करता है। (2) एक कवक—विषमपोषी, चट्टान से जल और खनिज अवशोषित करता है। संबंध परस्पर लाभ (सहजीविता) है: कवक शैवाल को संरचनात्मक समर्थन, जल और खनिज प्रदान करता है; शैवाल प्रकाश-संश्लेषण के माध्यम से कवक को कार्बोहाइड्रेट प्रदान करता है। दोनों जीव लाभान्वित होते हैं और इस कठोर चट्टानी वातावरण में स्वतंत्र रूप से जीवित नहीं रह सकते। लाइकेन अग्रदूत प्रजातियाँ हैं जो चट्टानों को अपक्षयित करती हैं और मिट्टी निर्माण शुरू करती हैं। (3 अंक)
**Q4: समझाइए कि आर्केस्ट्रा जैसा परजीवी पौधा पोषण कैसे प्राप्त करता है। यह अपने पोषक को हानि क्यों पहुंचाता है?**
**उत्तर:** आर्केस्ट्रा एक परजीवी पुष्पीय पौधा है जिसकी पत्तियाँ कम विकसित हैं और पूर्ण जड़ प्रणाली नहीं है। यह पेड़ की शाखाओं से जुड़ा होता है, जो एक विशेष जड़-जैसी संरचना (हस्टोरियम) का उपयोग करके पोषक की छाल को भेदता है। हस्टोरियम के माध्यम से, आर्केस्ट्रा पोषक के संवहनी ऊतक (जाइलम और फ्लोएम) से जल, खनिज और कार्बनिक पोषक तत्व (विशेषकर शर्करा) निकालता है। यह परजीविता पोषक पेड़ को निम्नलिखित तरीकों से नुकसान पहुंचाती है: (1) महत्वपूर्ण पोषक तत्वों और जल को हटा देती है। (2) शाखाओं को कमजोर करती है, जिससे शाख मरण होता है। (3) पोषक की वृद्धि और प्रजनन उत्पादन को कम करती है। यदि भारी संक्रमण हो, तो पोषक पेड़ मर सकता है। (3 अंक)
HOTS और केस-स्टडी प्रश्न चरण-दर-चरण समाधान के साथ
**HOTS प्रश्न (उच्च क्रम की चिंतन कौशल):**
**केस स्टडी: एक वैज्ञानिक ने एक ताजे पानी के तालाब से एकल-कोशिका वाले जीव को अलग किया। प्रयोगशाला विश्लेषण के बाद, जीव में क्लोरोफिल पाया गया और यह प्रकाश-संश्लेषण (Photosynthesis) और विषमपोषी पोषण (जैविक कणों का सेवन) दोनों करने में सक्षम था। जीव में गति के लिए एक फ्लैजेलम भी था। जब इसे अंधकार में बिना जैविक भोजन के संवर्धित किया गया, तो यह जीवित रहा। जब इसे प्रकाश में बिना जैविक भोजन के संवर्धित किया गया, तो यह भी जीवित रहा। हालांकि, जब इसे अंधकार में केवल जैविक भोजन के साथ संवर्धित किया गया, तो यह मुश्किल से जीवित रहा और अंततः मर गया।
*इस केस स्टडी के आधार पर, निम्नलिखित का उत्तर दें:*
**Q1: इस जीव के पोषण मोड को वर्गीकृत करें। प्रयोग से साक्ष्य का उपयोग करके अपने उत्तर को सही ठहराएं।**
**चरण-दर-चरण समाधान:**
**चरण 1—पोषण क्षमताओं की पहचान करें:**
जीव में क्लोरोफिल है → प्रकाश-संश्लेषण करने में सक्षम (स्वपोषी घटक)। यह जैविक कणों का सेवन करता है → विषमपोषण करने में सक्षम (विषमपोषी घटक)। ऐसे जीवों को **मिक्सोट्रॉफ** या **प्रकाश-विषमपोषी** कहते हैं।
**चरण 2—प्रायोगिक साक्ष्य का विश्लेषण करें:**
- अंधकार में बिना जैविक भोजन के जीवित रहा → आंशिक सत्य (यह जीवित तो रहा लेकिन संग्रहीत भंडार का उपयोग कर सकता था)।
- प्रकाश में बिना जैविक भोजन के जीवित रहा → सत्य; अकेले प्रकाश-संश्लेषण इसे बनाए रखता है।
- अंधकार में केवल जैविक भोजन के साथ मुश्किल से जीवित रहा → इसने विषमपोषण पर निर्भर किया लेकिन जैविक पदार्थ से अकेले सभी ऊर्जा प्राप्त करने में अक्षम था।
**चरण 3—प्राथमिक पोषण मोड का अनुमान लगाएं:**
जीव की प्रकाश और प्रकाश-संश्लेषण के लिए वरीयता (प्रकाश में सर्वोत्तम जीवन) **प्रकाश-संश्लेषण को इसके प्राथमिक और पसंदीदा मोड** के रूप में इंगित करती है। विषमपोषी पोषण पूरक है, जो इसे विलीन जैविक पदार्थ को अवसरवादी रूप से सेवन करने की अनुमति देता है।
**उत्तर:** यह जीव एक **मिक्सोट्रॉफ** (या सुविधाजनक प्रकाशपोषी) है, मुख्य रूप से स्वपोषी लेकिन विषमपोषण करने में सक्षम। साक्ष्य: (1) क्लोरोफिल की उपस्थिति और प्रकाश में प्रकाश-संश्लेषणीय जीवन। (2) प्रकाश में सर्वोत्तम जीवन, जो दर्शाता है कि प्रकाश-संश्लेषण मुख्य पोषण स्रोत है। (3) विषमपोषी क्षमता लेकिन अकेले जैविक भोजन पर दीर्घकालिक जीवन में खराब जीवन, जो दर्शाता है कि विषमपोषण पूरक है। (4) फ्लैजेला और पोषण लचीलेपन का संयोजन *Euglena* जैसे एक जीव का सुझाव देता है (एक प्रोटिस्ट), तालाब के वातावरण के अनुकूल जहाँ प्रकाश और जैविक पोषक मौसमी रूप से भिन्न होते हैं। (2 अंक)
**Q2: ऐसी मिश्रित पोषण रणनीति तालाब के पारिस्थितिकी तंत्र में क्यों लाभदायक होगी? पारिस्थितिक तर्क का उपयोग करके समझाएं।**
**उत्तर:**
एक मिक्सोट्रॉफिक जीव अस्थिर तालाब के वातावरण में जीवन लाभ प्रदान करता है:
1. **मौसमी परिवर्तनशीलता:** तालाब प्रकाश में उतार-चढ़ाव का अनुभव करते हैं (मौसमी, बादल वाले मौसम, शैवाल खिलता है जो प्रकाश को अवरुद्ध करता है)। अकेले प्रकाश-संश्लेषण ऐसी अवधि में विफल हो जाएंगे। विषमपोषण सीमित प्रकाश में जीवन को अनुमति देता है।
2. **संसाधन विविधता:** जीव एकल ऊर्जा स्रोत पर निर्भर नहीं है। यदि प्रकाश-संश्लेषण अपर्याप्त है (उथली पानी, सघन शैवाल कवर), यह कूड़े और विलीन जैविक पदार्थ को खा सकता है।
3. **तीव्र प्रजनन:** पोषक-समृद्ध मौसमों में (विघटन से यूट्रोफिकेशन), विषमपोषी मोड तेजी से वृद्धि की अनुमति देता है, शुद्ध स्वपोषियों को हराते हुए।
4. **प्रतिस्पर्धात्मक लाभ:** जबकि शुद्ध स्वपोषी प्रकाश पर निर्भर करते हैं और शुद्ध विषमपोषी बाहरी भोजन पर निर्भर करते हैं, मिक्सोट्रॉफ्स विभिन्न स्थितियों में पनपते हैं, एक अनन्य पारिस्थितिक आला पर कब्जा करते हैं।
5. **ऊर्जा दक्षता:** जीव ऊर्जा अधिग्रहण को अनुकूलित करता है—प्रकाश-संश्लेषण (प्रकाश के लिए शून्य लागत) जब उपलब्ध हो; विषमपोषण
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