India's #1 AI Tutorprevious year_questions · Sanskrit — Deepakam · Chapter 5Read in English → कक्षा 9 संस्कृत — दीपकम् अध्याय 5: अस्माकं परिवारः पिछले वर्षों के प्रश्न (2020–2025)
अस्माकं परिवारः (हमारा परिवार) CBSE कक्षा 9 संस्कृत दीपकम् में सबसे अधिक बार पूछा जाने वाला अध्याय है। यह पारिवारिक संबंधों, बुनियादी वाक्य निर्माण और संख्या शब्दावली (एक से दश) को जोड़ता है, जिससे यह बातचीत संस्कृत सीखने के लिए आदर्श बन जाता है। व्याकरण नियमों को फिर से पढ़ने के बजाय, असली पिछले वर्षों के प्रश्नों को हल करने से पता चलता है कि परीक्षक वास्तव में क्या परीक्षा लेते हैं: लिंग समझौता, कारक समाप्ति और संदर्भगत शब्द का प्रयोग। यह गाइड हाल के CBSE पत्रों से 1 अंक, 3 अंक और 5 अंक के प्रारूपों में असली प्रश्न पैटर्न एकत्र करता है। आप देखेंगे कि कौन से विषय दोहराए जाते हैं, प्रश्न कैसे विकसित होते हैं और पूरे अंक के लिए उत्तर कैसे संरचित करते हैं। cbsetutor.ai पर 3 दिन की मुफ़्त ट्रायल शुरू करें प्रत्येक प्रश्न के लिए चरण-दर-चरण वीडियो समाधान अनलॉक करने के लिए।
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अधिकांश कक्षा 9 संस्कृत छात्र सप्ताहों तक शब्दावली और व्याकरण प्रतिमानों को रटते हैं, फिर परीक्षा में अवरुद्ध हो जाते हैं क्योंकि उन्होंने कभी नहीं देखा कि परीक्षक वास्तव में प्रश्न कैसे तैयार करते हैं। पिछले साल के प्रश्नपत्र इस समस्या को तुरंत हल करते हैं। वे आपको दिखाते हैं: (1) कौन-सी व्याकरणिक अवधारणाएँ किस प्रश्न प्रकार में आती हैं — उदाहरण के लिए, द्वितीया कारक (द्वितीया) 1-अंक की रिक्त स्थान पूरी करने वाले प्रश्नों में आता है, लेकिन 3-अंक के उत्तरों में वाक्यों के बीच लिंग समझौता प्रभावी है। (2) परीक्षकों द्वारा प्रयुक्त सटीक प्रारूप — चाहे वे 'एतेषु कः नहीं अस्ति?' पूछें या 'परिवारे कति सदस्यः सन्ति?', आप प्रतिरूप को पहचानते हैं। (3) प्रत्येक अवधारणा से कितने अंक मिलते हैं — वद् (बोलना) को सही तरीके से संयुक्त करना सीखना अलग से 1 अंक दे सकता है, लेकिन बड़े वाक्य सुधार अभ्यास में केवल ½ अंक। अस्माकं परिवारः विशेष रूप से, पिछले प्रश्नपत्र प्रकट करते हैं कि परीक्षक परीक्षा लेते हैं: परिवार संबंधी शब्दावली प्रयोग (पिता, माता, भ्राता, बहु), संख्या पहचान (एक, द्वे, त्रयः...दश), वास्तविक वाक्यों में कारक समाप्ति, और विशेषणों में लिंग/संख्या समझौता। प्रामाणिक CBSE प्रतिरूपों से 13 हल किए गए प्रश्नों पर काम करना पाठ्यपुस्तक दोहराव की तुलना में सीखने को बहुत अधिक कुशलता से तेजी देता है।
सबसे अधिक दोहराए जाने वाले 1-अंक प्रश्न (उत्तरों के साथ)
इस अध्याय में 1-अंक प्रश्न तुरंत शब्दावली याद रखने और सरल कारक समझौते की जाँच करते हैं। वे MCQ या रिक्त स्थान पूरी करने के प्रारूपों में आते हैं। यहाँ पाँच प्रामाणिक प्रतिरूप दिए गए हैं:
**प्र1: एतेषु कः पुरुषः नहीं अस्ति?** (इनमें से कौन पुरुष नहीं है?)
(क) पिता (ख) माता (ग) भ्राता (घ) पुत्रः
**उत्तर: (ख) माता** — माता (माता) स्त्रीलिंग है; अन्य सभी परिवार के पुरुष सदस्य हैं।
**प्र2: 'त्रयः' इति संख्या कः अस्ति?** ('त्रयः' कौन सी संख्या है?)
(क) चत्वारः (ख) पञ्च (ग) त्रयः (घ) षट्
**उत्तर: (ग) त्रयः** — त्रयः = संस्कृत में 3।
**प्र3: पितृ, मातृ, भ्राता, भगिनी — एतेषु कस्याः लिङ्गं स्त्रीलिङ्गं अस्ति?** (इनमें से किसका लिंग स्त्रीलिंग है?)
**उत्तर: भगिनी, मातृ** — भगिनी (बहन) और मातृ (माता) स्वाभाविक रूप से स्त्रीलिंग हैं।
**प्र4: 'अस्माकं परिवारे दश सदस्यः सन्ति' — अत्र 'दश' इति कः?** (यहाँ 'दश' का क्या अर्थ है?)
**उत्तर: दश = 10** — सीधी संख्या पहचान।
**प्र5: 'एषः मम पिता अस्ति' — अत्र 'मम' इति कस्य विभक्तिः अस्ति?** ('मम' कौन सी विभक्ति है?)
**उत्तर: षष्ठी विभक्तिः (संबंधकारक)** — 'मम' = मेरा (अधिकारवाचक संबंधकारक)।
सबसे अधिक दोहराए जाने वाले 3-अंक प्रश्न (उत्तरों के साथ)
3-अंक प्रश्न वाक्य अनुवाद, कारक समझौते के साथ संक्षिप्त उत्तर, या संदर्भ में शब्दावली प्रयोग की माँग करते हैं। यहाँ पाँच प्रतिनिधि प्रतिरूप दिए गए हैं:
**प्र1: 'अस्माकं परिवारे पञ्च सदस्यः सन्ति — पिता, माता, भ्राता द्वे, बहु एकः।' — अनुच्छेदं आधृत्य: (i) परिवारे कति सदस्यः सन्ति? (ii) भ्राता कति सन्ति? (iii) बहु कः अस्ति?**
**उत्तर:** (i) पञ्च सदस्यः सन्ति (पाँच सदस्य हैं)। (ii) द्वे भ्राता (दो भाई)। (iii) बहु एकः अस्ति = भ्राता की पत्नी = भाभी/बहू।
**प्र2: निम्नलिखितानां पदानां विभक्तिं लिखत — (i) परिवारे (ii) सदस्यः (iii) अस्माकं**
**उत्तर:** (i) सप्तमी (अधिकरण कारक: 'परिवार में')। (ii) प्रथमा (कर्ता कारक: विषय)। (iii) षष्ठी (संबंधकारक: 'हमारा')।
**प्र3: अधोलिखितं वाक्यं पूर्ण कुरुत: 'अस्माकं परिवारे ___ (कति) सदस्यः सन्ति। तत्र ___ (पुरुष) और ___ (स्त्री) सन्ति।'**
**उत्तर:** 'अस्माकं परिवारे षट् सदस्यः सन्ति। तत्र त्रयः पुरुषः और त्रयः स्त्रियः सन्ति।' (छः सदस्य; तीन पुरुष, तीन स्त्रियाँ — संख्या समझौता आवश्यक है।)
**प्र4: अग्रलिखितं संस्कृतभाषायां लिखत: 'मेरा परिवार पाँच सदस्यों से बना है।'**
**उत्तर:** 'अस्माकं परिवारे पञ्च सदस्यः सन्ति।' — संबंध (षष्ठी) + अधिकरण + संख्या समझौता आवश्यक है।
**प्र5: परिवार-संबंधी पञ्च पदानां सूचीं कुरुत:।** (परिवार से संबंधित पाँच शब्द बताइए।)
**उत्तर:** पिता, माता, भ्राता, भगिनी, पुत्रः (या: पुत्री, दादा, दादी, चाचा, मामा)।
सबसे अधिक दोहराए जाने वाले 5-अंक प्रश्न (पूर्ण समाधान के साथ)
5-अंक प्रश्न पठन बोध, अनुवाद, व्याकरण, और वाक्य निर्माण को एकीकृत करते हैं। वे अक्सर परिवार के बारे में एक संक्षिप्त संस्कृत अंश प्रस्तुत करते हैं और कई उप-प्रश्न पूछते हैं। यहाँ तीन प्रतिनिधि पूर्ण समाधान दिए गए हैं:
**प्र1 (पूर्ण अंश-आधारित): अधोलिखितं संस्कृतपाठं पठित्वा प्रश्नानाम् उत्तरं देयम्:**
'राजीवः एकः बालकः अस्ति। तस्य परिवारे षट् सदस्यः सन्ति। पिता वकीलः अस्ति। माता शिक्षिका अस्ति। द्वे भ्राता शालायां पठितः। एका भगिनी पञ्चमवर्गे अस्ति। दादा कृषकः अस्ति।'
(i) राजीवस्य परिवारे कति सदस्यः सन्ति? → षट् सदस्यः (छः सदस्य।)
(ii) तस्य पितृः कः अस्ति? → पितृः वकीलः अस्ति (पिता वकील हैं।)
(iii) भ्राता कत्र पठितः? → भ्राता शालायां पठितः (भाई स्कूल में पढ़ते हैं।)
(iv) दादा किं करोति? → दादा कृषकः अस्ति / दादा कृषि करोति (दादाजी किसान हैं/खेती करते हैं।)
(v) अनुच्छेदस्य आधारे: 'भगिनी उच्चैः गायति' — एतद् वाक्यं कथं स्यात्? (क्या यह कथन सत्य है?) → न सत्यम्, अनुच्छेदे न उल्लेखितम्। (असत्य; अंश में उल्लेखित नहीं है।)
**कुल: 5 अंक (प्रत्येक उत्तर 1 अंक, सीधे अंश से।)**
**प्र2 (अनुवाद + समझौता): निम्नलिखितवाक्यानां अनुवादं कुरुत एवं विभक्तिं दर्शयत:**
'हमारा परिवार सुखी है। इसमें माँ, पिताजी और दो भाई हैं।'
**संस्कृत:** 'अस्माकं परिवारः सुखी अस्ति। तस्मिन् माता, पिता और द्वे भ्राता सन्ति।'
**विश्लेषण:** (i) अस्माकं = षष्ठी (अधिकारवाचक)। (ii) परिवारः = प्रथमा (कर्ता कारक, एकवचन पुंलिंग)। (iii) सुखी = प्रथमा (कर्ता कारक, परिवारः से समझौता)। (iv) तस्मिन् = सप्तमी (अधिकरण कारक: 'उसमें')। (v) माता, पिता, भ्राता = प्रथमा (सभी कर्ता कारक, बहुवचन या संदर्भ द्वारा एकवचन)।
**कुल: 5 अंक (अनुवाद 2 अंक, कारक/लिंग विश्लेषण 3 अंक।)**
**प्र3 (संख्याएँ + वाक्य निर्माण): 'एक से दस तक' — निम्नलिखितवाक्यानां पूर्तिः कुरुत:**
'(1) अस्माकं परिवारे ___ (दो) भ्राता सन्ति। (2) छात्रानां ___ (पाँच) गृहकार्यं दत्तम्। (3) पुस्तकालये ___ (दश) पुस्तकानि सन्ति। (4) ___ (तीन) भगिनीः गायनम् कुर्वन्ति। (5) मम ___ (छः) मित्राणि आगच्छन्ति।'
**उत्तर:** (1) द्वे (दो, बहुवचन कर्ता कारक)। (2) पञ्चभिः (पाँच, साधन कारक बहुवचन)। (3) दश (दस, बहुवचन कर्ता कारक)। (4) त्रयः (तीन, कर्ता कारक)। (5) षट् (छः, कर्ता कारक)।
**पूर्ण अंक के लिए आवश्यक है:** सही संख्या शब्द + वह संज्ञा जिसे यह संशोधित करता है उसके साथ सही कारक/लिंग समझौता।
**कुल: 5 अंक (प्रत्येक सही रूप के लिए 1 अंक।)**
2026–27 CBSE प्रतिरूप में प्रतिरूप परिवर्तन
2024–25 तर्कसंगत CBSE संस्कृत पाठ्यक्रम पहले से ही ऐसे परिवर्तन प्रस्तुत कर चुका है जो 2026–27 में मजबूत होंगे। अस्माकं परिवारः को प्रभावित करने वाले मुख्य परिवर्तन: (1) **बोध पर रटन पर जोर देने के बदले** — परीक्षक अब एक संक्षिप्त संस्कृत अंश प्रदान करते हैं (अध्याय में नहीं) और छात्रों से अनुमान और व्याकरणिक समझ के आधार पर उत्तर देने के लिए कहते हैं, न कि रटन से। परिवार के अध्यायों के लिए, 'मम दादा-दादी ग्रामे वसतः' जैसे अंशों की उम्मीद करें कारक और लिंग पर अनुवर्ती प्रश्नों के साथ। (2) **संस्कृत में अनुवाद के स्पष्ट प्रश्नों में कमी** — ये घट रहे हैं। इसके बजाय, 'संशोधनं कुरुत' (त्रुटि सुधार) की उम्मीद करें जहाँ परिवार के बारे में एक त्रुटिपूर्ण संस्कृत वाक्य को सही कारक/लिंग का उपयोग करके ठीक किया जाना चाहिए। उदाहरण: 'माता और पिता घरे सन्ति' → 'माता और पिता (या पिता) घरे स्तः' (लिंग + संख्या समझौता)। (3) **1–10 के परे संख्याएँ संदर्भ में आना** — जबकि एक-दश मूल रहता है, 2026–27 के प्रश्नपत्र परिवार के परिदृश्यों में 'एकविंशति' (21), 'त्रिंशत्' (30) का परीक्षण कर सकते हैं ('अस्माकं परिवारस्य सदस्याः त्रिंशत् वर्षात् पञ्चत्वारिंशत् वर्षपर्यन्तम् आयुष्यं धारयन्ति')। (4) **बोली जाने वाली संस्कृत संवाद** — परिवार के सदस्यों के बीच संक्षिप्त बातचीत के आदान-प्रदान (पिता-पुत्रः सङ्वादः) तेजी से परीक्षा किए जा रहे हैं, छात्रों को वर्तमान/सरल अतीत काल में प्राकृतिक प्रतिक्रियाएँ बनाने की आवश्यकता है। परिवार के संदर्भों में वद् (बोलना), पृच्छ् (पूछना), और आगम् (आना) का अभ्यास करके तैयार करें। ये परिवर्तन गहन समझ को सतही रटन के बजाय पुरस्कृत करते हैं।
इस अध्याय के लिए त्वरित प्रयास की रणनीति
1.5–2 घंटे के केंद्रित अभ्यास में अंक को अधिकतम करें:
**1-अंक के प्रश्न (कुल 3–5 मिनट):** ये उच्च आत्मविश्वास वाले तेज जीत हैं। इसके लिए खोजें: (i) सीधी शब्दावली की पहचान ('कः पुरुषः नहीं अस्ति?' = महिलाओं को तुरंत हटाएं)। (ii) संख्या शब्दों की पहचान (एक=1, द्वे=2, त्रयः=3... दश=10)। (iii) एकल-शब्द case लेबलिंग (परिवारे = सप्तमी; अस्माकं = षष्ठी)। कभी भी 1-अंक को खाली न छोड़ें; यदि अनिश्चित हैं, तो पैटर्न के आधार पर अनुमान लगाएं। अधिकांश परीक्षाओं में इन्हें पत्र का 30–40% वजन दिया जाता है। **3-अंक के प्रश्न (कुल 8–12 मिनट):** प्रति प्रश्न 2–4 मिनट का आवंटन करें। रणनीति: (i) यह पता लगाने के लिए प्रश्न को दो बार पढ़ें कि कौन सा case/लिंग समझौता परीक्षा किया जा रहा है। (ii) उत्तर देने से पहले पूर्ण संज्ञा+विशेषण वाक्यांश लिखें (उदाहरण के लिए, 'षष्ठी विभक्तिः' = genitive)। (iii) यदि अनुवाद कर रहे हैं, तो शब्द-दर-शब्द संस्कृत को पहले बनाएं (अस्माकं = हमारा, परिवारे = परिवार में, पञ्च = पाँच) फिर जोड़ें। (iv) संज्ञा के लिंग की जांच करें: यदि कोई शब्द स्त्रीलिंग है (माता, भगिनी, दादी), तो विशेषण/participles मेल खाएं। **5-अंक के प्रश्न (कुल 12–15 मिनट):** ये संरचित उत्तरों को पुरस्कृत करते हैं। (i) गद्यांश की समझ के लिए: संस्कृत पाठ में सटीक पंक्ति को रेखांकित करें जो आपके उत्तर का समर्थन करती है; अपने प्रतिक्रिया में इसे उद्धृत करें। (ii) अनुवाद के लिए: मध्यवर्ती चरण दिखाएं (संस्कृत शब्द-दर-शब्द) यदि अंतिम उत्तर थोड़ा गलत है तो आंशिक-अंक अर्जित करने के लिए। (iii) case विश्लेषण के लिए: यदि लेखन स्थान अनुमति देता है तो प्रत्येक शब्द के लिंग, संख्या और case को तालिका प्रारूप में लेबल करें — परीक्षक केवल सत्यता के लिए नहीं, बल्कि पद्धति के लिए अंक प्रदान करते हैं। **अंतिम 2–3 मिनट:** 1-अंक के उत्तरों को संस्कृत में वर्तनी त्रुटियों के लिए दोबारा पढ़ें; 3-अंक के वाक्यों में लिंग/संख्या समझौते की जांच दोबारा करें। अंतिम मिनट में नए विचारों से बचें; इसके बजाय मौजूदा उत्तरों को पॉलिश करें।