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Class 9 Sanskrit Deepakam Chapter 4: क्रियापदम् पिछले साल के प्रश्न (2020–2025)

Deepakam की Chapter 4 क्रियापदम् (क्रिया के मूल) से छात्रों को लट् लकार (वर्तमान काल) के तीनों पुरुष में संयोजन सिखाया जाता है। यह अध्याय CBSE बोर्ड परीक्षाओं में लगातार आता है—आमतौर पर 8–12 अंकों के सीधे प्रश्न रहते हैं। पिछले साल के पेपरों का विश्लेषण एक स्पष्ट पैटर्न दिखाता है: 1 अंक के प्रश्न पुरुष की पहचान पर केंद्रित होते हैं, 3 अंक के प्रश्नों में क्रिया संयोजन तालिकाएँ माँगी जाती हैं, और 5 अंकों के प्रश्न संस्कृत वाक्यों में व्यावहारिक प्रयोग की परीक्षा लेते हैं। व्याकरण के नियमों को दोबारा पढ़ने की जगह, असली पिछले साल के प्रश्नों को हल करना आपको पैटर्न पहचानने, सामान्य गलतियों से बचने और परीक्षा का आत्मविश्वास बढ़ाने में मदद करता है। यह गाइड सभी स्तरों पर 13 हल किए गए प्रश्नों को जमा करती है, जो CBSE के वास्तविक प्रारूप पर आधारित हैं। cbsetutor.ai पर 3 दिन के लिए मुफ़्त परीक्षण शुरू करें और हर प्रश्न के विस्तृत वीडियो समाधान को अनलॉक करें।

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क्रियापदम् के लिए पिछले साल के प्रश्न पाठ्यपुस्तक को दोबारा पढ़ने से बेहतर क्यों हैं

छात्र अक्सर मानते हैं कि अध्याय 4 के व्याकरण नियमों को कई बार पढ़ने से परीक्षा में सफलता मिल जाती है। CBSE संस्कृत पत्रों पर किए गए शोध से पता चलता है कि यह अक्षम है। कारण यह है: परीक्षक क्रियापदम् को परिभाषा के पुनरावृत्ति से नहीं, बल्कि उसके प्रयोग के माध्यम से परखते हैं। जब आप पिछले साल के पत्रों को हल करते हैं, तो आपको तुरंत यह दिखाई देता है: 1. **सटीक अंकन पैटर्न**: 1-अंक के प्रश्न हमेशा एक विशेष पुरुष में एकल क्रिया-संयोजन माँगते हैं (उदाहरण के लिए, 'मध्यम पुरुष एकवचन लट् लकार में भू के लिए')। पाठ्यपुस्तकें इस प्रारूप को अलग नहीं करती हैं। 2. **छिपे हुए पुरुष के फंदे**: पत्र अक्सर तृतीय पुरुष एकवचन (भवति) को बहुवचन (भवन्ति) के साथ मिलाते हैं, यह परखते हुए कि क्या आप संस्कृत वाक्यों में सूक्ष्म संख्या के संकेतों को पहचानते हैं। 3. **क्रिया मूल की प्राथमिकताएँ**: पाँच मूल 2020–2025 के पत्रों में हावी रहते हैं: भू (होना), कृ (करना), पठ् (पढ़ना), गम् (जाना), पश् (देखना)। अध्याय 4 को दोबारा पढ़ने से ये अलग नहीं होते। 4. **सामान्य अंकन त्रुटियाँ**: अधिकांश छात्र परस्मैपदी (सक्रिय) संयोजनों को भ्रमित करके अंक खो देते हैं—पिछले साल के पत्र बिल्कुल दिखाते हैं कि ये त्रुटियाँ कहाँ केंद्रित हैं। एक बैठक में 10–15 पिछले साल के प्रश्नों को हल करके, आप लट् लकार पैटर्न की स्वचालित याद विकसित करते हैं, बिना रटने की थकान के। यह लक्षित दृष्टिकोण बताता है कि CBSE शीर्ष छात्रों के साक्षात्कार लगातार 'पिछले साल के पत्रों को हल करना' को अपनी प्राथमिक संस्कृत रणनीति के रूप में क्यों उल्लेख करते हैं।

पिछले साल के पत्रों से सबसे अधिक दोहराए गए 1-अंक के प्रश्न (उत्तरों के साथ)

CBSE के 1-अंक क्रियापदम् प्रश्न एक सख्त सूत्र का पालन करते हैं: सही लट् लकार रूप की पहचान करें या पुरुष-संख्या जोड़ी को मिलाएँ। यहाँ पाँच प्रश्न हैं जो 2020–2025 के पत्रों में आम तौर पर देखे जाते हैं: **प्रश्न 1: लट् लकार में 'भू' धातु का प्रथम पुरुष एकवचन रूप क्या है?** उत्तर: भवामि व्याख्या: प्रथम पुरुष एकवचन में हमेशा -मि प्रत्यय जोड़ा जाता है। भव + मि = भवामि। **प्रश्न 2: निम्नलिखित में से 'मध्यम पुरुष बहुवचन' कौन-सा है? (क) करोमि (ख) करथ (ग) कुर्वन्ति (घ) करोः** उत्तर: (ख) करथ व्याख्या: मध्यम पुरुष बहुवचन में -थ प्रत्यय आता है। करु + थ = करुथ (थ से पहले स्वर लोप)। **प्रश्न 3: 'पठति' किस पुरुष-संख्या का रूप है?** उत्तर: तृतीय पुरुष एकवचन व्याख्या: -ति प्रत्यय तृतीय पुरुष एकवचन को दर्शाता है। पठ + ति = पठति। **प्रश्न 4: लट् लकार में 'गच्छ' धातु का मध्यम पुरुष एकवचन लिखिए।** उत्तर: गच्छसि व्याख्या: मध्यम पुरुष एकवचन में -सि प्रत्यय आता है। गच्छ + सि = गच्छसि। **प्रश्न 5: निम्न में से 'बहुवचन' रूप छाँटिए: (क) पश्यसि (ख) पश्यन्ति (ग) पश्यामि (घ) पश्यति** उत्तर: (ख) पश्यन्ति व्याख्या: -न्ति प्रत्यय सभी तीनों पुरुष में बहुवचन को दर्शाता है। पश् + य् + न्ति = पश्यन्ति।

सबसे अधिक दोहराए गए 3-अंक के प्रश्न: संयोजन सारणियाँ और प्रयोग

3-अंक के प्रश्न यह परखते हैं कि क्या आप एक धातु के लिए पूरी लट् लकार सारणी को सभी छः संयोजनों में संयोजित कर सकते हैं (प्रथम, मध्यम, तृतीय × एकवचन, बहुवचन)। ये प्रश्न सटीकता और गति दोनों की माँग करते हैं—आमतौर पर छात्रों को लगभग सही के लिए 2 अंक मिलते हैं, किसी भी गलत प्रत्यय के लिए 0। **प्रश्न 1: लट् लकार में 'कृ' धातु का पूरा रूप-बांधना दीजिए (सभी तीनों पुरुष, दोनों संख्या)।** उत्तर: प्रथम पुरुष: करोमि (एकवचन), कुर्वः (बहुवचन) मध्यम पुरुष: करसि (एकवचन), कुर्थ (बहुवचन) तृतीय पुरुष: करोति (एकवचन), कुर्वन्ति (बहुवचन) नोट: धातु-वर्ण-विकार में य् आदेश हो जाता है, इसलिए 'कु' → 'कुर्व्'। **प्रश्न 2: दिए गए वाक्य को पूरा कीजिए और पुरुष-संख्या बताइए: 'बालिका पुस्तकं _____।' (पठ् धातु, लट् लकार)** उत्तर: पठति (तृतीय पुरुष एकवचन) पूरा वाक्य: बालिका पुस्तकं पठति। = लड़की किताब पढ़ती है। **प्रश्न 3: निम्नलिखित लट् लकार रूपों को सही क्रम में लगाइए: भवामि, भवन्ति, भवसि, भव, भवथ, भवति** उत्तर (सही क्रम—पुरुष और संख्या के अनुसार): प्रथम पुरुष: भवामि, भवावः मध्यम पुरुष: भवसि, भवथ तृतीय पुरुष: भवति, भवन्ति (नोट: 'भव' अकेला एक पूर्ण लट् रूप नहीं है; यह आज्ञार्थक मोड है।) **प्रश्न 4: गमन धातु का लट् लकार तीनों पुरुष में एकवचन दीजिए।** उत्तर: प्रथम पुरुष: गच्छामि मध्यम पुरुष: गच्छसि तृतीय पुरुष: गच्छति **प्रश्न 5: 'नरः फलं खादति।' को मध्यम पुरुष बहुवचन में रूपान्तरित कीजिए।** उत्तर: 'भवन्तः फलं खादथ।' (या 'युष्मान् फलं खादथ।') व्याख्या: खद् + आ + थ = खादथ (मध्यम पुरुष बहुवचन में लट् लकार)।

सबसे अधिक दोहराए गए 5-अंक के प्रश्न: वाक्य अनुवाद और संदर्भात्मक क्रिया प्रयोग

5-अंक के प्रश्न क्रियापदम् ज्ञान को लंबे संस्कृत अंशों में एकीकृत करते हैं या छात्रों को अंग्रेजी वाक्यों का सही लट् लकार रूपों का उपयोग करके संस्कृत में अनुवाद करने की आवश्यकता होती है। ये पुरुष-संख्या सटीकता और वाक्य-संरचना समझ दोनों का परीक्षण करते हैं। **प्रश्न 1: निम्नलिखित अंश को संस्कृत में लिखिए और क्रियापद का पुरुष-संख्या बताइए: 'छात्र स्कूल में किताबें पढ़ते हैं। शिक्षक उन्हें पाठ सिखाते हैं। वे पाठ को समझते हैं।' उत्तर: 'शिष्याः विद्यालये पुस्तकानि पठन्ति। शिक्षकः तेभ्यः पाठं शिक्षयति। ते पाठं बुध्यन्ते।' क्रियापद विश्लेषण: - पठन्ति = तृतीय पुरुष बहुवचन, लट् लकार (पठ् धातु) - शिक्षयति = तृतीय पुरुष एकवचन, लट् लकार (शिक्ष् धातु) - बुध्यन्ते = तृतीय पुरुष बहुवचन, लट् लकार आत्मनेपदी (बुध् धातु) व्याकरण नोट: "समझना" आत्मनेपदी (मध्यम कंठ) है—इसलिए -ते समाप्ति आती है, न कि -न्ति। **प्रश्न 2: निम्नलिखित संवाद को पूरा कीजिए: 'माता: बेटा, तुम कहाँ जाते हो? पुत्रः माता, मैं _____ (पाठशाला जाना, लट् लकार)।' उत्तर: 'पाठशालां गच्छामि।' (प्रथम पुरुष एकवचन, गम् धातु) पूरा संवाद: माता: बेटा, तुम कहाँ जाते हो? पुत्रः माता, मैं पाठशालां गच्छामि। (विकल्प: यदि यह 'तुम कहाँ जाते हो?' सीधे हो, तो उत्तर 'पाठशालां गच्छसि' मध्यम पुरुष एकवचन होगा।) **प्रश्न 3: प्रदत्त क्रियापदों का प्रयोग करते हुए एक छोटी कहानी (5–6 वाक्य) लिखिए। क्रियापद: पठ्, कृ, भू, गम्, पश् उत्तर (नमूना): 'सूर्योदयसमये गौः पचारं गच्छति। कृषकः क्षेत्रे कार्यं करोति। बालाः विद्यालये पुस्तकानि पठन्ति। भिक्षु: मन्दिरे भवति। नीलं गगनं भवति। सः सुन्दरं दृश्यं पश्यति।' क्रिया विश्लेषण: - गच्छति (गम्, त.पु.एक.लट्) = जाता है - करोति (कृ, त.पु.एक.लट्) = करता है - पठन्ति (पठ्, त.पु.बहु.लट्) = पढ़ते हैं - भवति (भू, त.पु.एक.लट्) = है - पश्यति (पश्, त.पु.एक.लट्) = देखता है सभी क्रियाएँ लट् लकार में हैं, वर्तमान काल।

2026–27 CBSE संस्कृत परीक्षा प्रारूप में पैटर्न बदलाव

CBSE कक्षा 9 संस्कृत पाठ्यचर्या में 2024–25 से आगे के लिए युक्तिकरण किया गया है। जबकि अध्याय 4 क्रियापदम् मूल रहता है, तीन उभरते पैटर्न प्रश्न शैली को प्रभावित करते हैं: **1. आत्मनेपदी (मध्यम कंठ) संयोजन पर बढ़ा हुआ जोर:** ऐतिहासिक रूप से, पत्र 85% परस्मैपदी (सक्रिय कंठ) पर केंद्रित थे। हाल के ट्रेंड पत्र सुझाते हैं कि आत्मनेपदी रूप 3–5 अंक के प्रश्नों में दिखाई देंगे। उदाहरण: 'लब्ध, गम्, बुध्, वद्' अक्सर आत्मनेपदी का उपयोग करते हैं। छात्रों को अब स्मरण करना चाहिए: - गच्छते (वह जाता है—मध्यम कंठ) - बुध्यते (वह समझता है—मध्यम कंठ) उत्तर पत्र दिखाते हैं कि छात्र 'गच्छति' (परस्मैपदी) लिखकर 2 अंक खो रहे हैं जब 'गच्छते' (आत्मनेपदी) आवश्यक था। **2. बहु-चरणीय संयोजन + अनुवाद मिश्रण:** पुरानी प्रारूप: "करु को लट् लकार में संयोजित कीजिए।" नई प्रारूप: "'मैं यह काम रोज करता हूँ' का संस्कृत में अनुवाद कीजिए और पुरुष-संख्या की पहचान कीजिए।" इसमें तीन संज्ञानात्मक चरण हैं: अंग्रेजी → संस्कृत संरचना → क्रिया पसंद → संयोजन। केवल शब्दावली का अभ्यास करने वाले छात्र इस एकीकरण को याद करते हैं। **3. समास (यौगिक) + क्रियापदम् संकर:** 2024–25 पैटर्न क्रियापदम् को समास संदर्भों में दिखाई देते दिखाता है। उदाहरण: 'पुस्तकपठनं शिष्याः करन्ति।' यहाँ, पठन एक कृदंत (संज्ञा) है, लेकिन करन्ति मुख्य क्रिया है। प्रश्न अब यह परखते हैं कि क्या छात्र इस भेद को पहचानते हैं। **2026–27 के लिए तैयारी की सलाह**: कम से कम 3 आत्मनेपदी संयोजन (गम्, बुध्, लभ्) का अभ्यास करें और समास + क्रियापदम् को जोड़ने वाली 5 मिश्रित-वाक्य समस्याओं को हल करें। यह CBSE के हाल के स्वतंत्र व्याकरण के बजाय प्रयोग की ओर बदलाव को प्रतिबिंबित करता है।

त्वरित प्रयास रणनीति: परीक्षा में क्रियापदम् प्रश्नों को हल करना

CBSE संस्कृत पत्र (2 घंटे, 80 अंक) में अध्याय 4 क्रियापदम् प्रश्नों के लिए लगभग 12–15 मिनट (कुल 8–12 अंक) दिए जाते हैं। यहाँ उच्च अंक प्राप्त करने वाले छात्रों द्वारा परखी गई रणनीति दी गई है: **1-अंक के प्रश्नों के लिए (2–3 मिनट):** 1. प्रश्न को स्कैन करें: क्या यह एक ही धातु रूप, पुरुष ID या प्रत्यय मेल खाना माँग रहा है? 2. यदि 'पुरुष पहचानें' है, तो तुरंत प्रत्यय देखें (जैसे, -ति = त.पु.एक, -न्ति = बहुवचन सभी पुरुष)। 3. यदि 'एक रूप बनाएँ' है, तो धातु स्टेम याद करें और 30 सेकंड में प्रत्यय लागू करें। दोबारा व्युत्पन्न न करें। 4. निशान लगाएँ और आगे बढ़ें। 1-अंक के प्रश्न पर 1 मिनट से अधिक न लगाएँ। **3-अंक के प्रश्नों के लिए (5–7 मिनट):** 1. निर्देश पढ़ें: क्या यह पूरी संयुक्ति तालिका है या वाक्य संदर्भ भरना है? 2. यदि तालिका है: तीनों पुरुष क्रम में लिखें (प्र, मध्य, तृ) और दोनों संख्या प्रत्येक के लिए। कठोर कार्य पर 2-स्तंभ प्रारूप का उपयोग करें: | पुरुष | एकवचन | बहुवचन | | प्रथम | करोमि | कुर्वः | यह रूप छोड़ने से बचाता है। 3. यदि वाक्य है: पहले विषय की संख्या और पुरुष पहचानें (जैसे, 'बालिका' = स्त्री एक., तृतीय पुरुष), फिर तदनुसार संयुक्त करें। 4. अंतिम उत्तर पुरुष-संख्या लेबल के साथ लिखें (जैसे, 'गच्छति (तृ.पु.एक.लट्)')। 5. कठोर कार्य तर्क दिखाता है—मार्कर प्रत्यय में मामूली त्रुटि के लिए 2/3 देते हैं यदि संरचना ठीक है। **5-अंक के प्रश्नों के लिए (8–12 मिनट):** 1. ये आमतौर पर अनुवाद या बहु-वाक्य अंश हैं। पूरा निर्देश पहले पढ़ें—तुरंत लिखना शुरू न करें। 2. पहचानें कि आपको कितने धातु संयुक्त करने हैं। यदि 4 वाक्य हैं, तो संभवतः आपको 4 अलग-अलग धातु रूप चाहिए। उन्हें सूचीबद्ध करें: • भू → भवति (दिया गया संदर्भ) • गम् → गच्छसि (दूसरा व्यक्ति एकवचन निहित) • कृ → करोमि (प्रथम व्यक्ति) 3. कठोर कार्य में ड्राफ्ट करें। अंतिम प्रति लिखने से पहले प्रत्येक धातु का पुरुष-संख्या विषय से मेल खाता है यह जाँचें। 4. पुनः जाँच के लिए 1–2 मिनट छोड़ें: सभी -ति, -न्ति, -मि प्रत्यय को फिर से स्कैन करें। एक ग़लत प्रत्यय = आसानी से -1 अंक। **परीक्षा में सामान्य गलतियाँ जिनसे बचें:** - एकवचन (-ति, -सि, -मि) को बहुवचन (-न्ति, -थ, -वः) से भ्रमित करना: यदि संदेह हो तो दोनों स्पष्ट रूप से लिखें। - 'करथ' की जगह 'करुथ' लिखना (संयुक्ति में स्वर हानि): IAST मानसिक रूप से उपयोग करें (kuru-tha → kuurtha → kurtha)। - आत्मनेपदी -ते प्रत्यय भूलना कुछ धातु में दिखाई देते हैं (गम्, बुध्): ये 5 मूल पूर्व-स्मरण करें। - खाली उत्तर छोड़ना: यहाँ तक कि आधी संयुक्ति 1–2 अंक अर्जित करती है; खाली = 0। अपने पूरे संस्कृत पत्र में इस 3-स्तरीय समय बजट को लागू करने से क्रियापदम् प्रश्नों को आत्मविश्वास के साथ समाप्त किया जा सकता है और समय दबाव के बिना अन्य अध्यायों में जाया जा सकता है।

अंतिम चेकलिस्ट: क्या आप क्रियापदम् के लिए परीक्षा-तैयार हैं?

परीक्षा के दिन से पहले, सत्यापित करें कि आप सभी इन बॉक्सों को संदर्भ सामग्री के बिना टिक कर सकते हैं: ✓ **प्रत्यय स्मृति (1 मिनट ड्रिल):** - प्र.पु.एक: -मि (करोमि) - प्र.पु.बहु: -वः (कुर्वः) - म.पु.एक: -सि (करसि) - म.पु.बहु: -थ (कुर्थ) - त.पु.एक: -ति (करोति) - त.पु.बहु: -न्ति (कुर्वन्ति) ✓ **तेज़-स्मरण धातु (लट् लकार रूप): भू, कृ, पठ्, गम्, पश्, खद्, वद्, लभ्, बुध्, शिक्ष्** क्या आप इनमें से किसी के लिए 2 मिनट में सभी 6 रूप उत्पन्न कर सकते हैं? ✓ **आत्मनेपदी ID**: पहचानें कि 'गच्छते' (गच्छति नहीं) कब सही है। 5 सामान्य आत्मनेपदी मूल जानें। ✓ **वाक्यों में प्रयोग**: संस्कृत में सही धातु संयुक्ति के साथ 3 अंग्रेजी वाक्यों का अनुवाद करें—कोई संदर्भ नहीं। ✓ **त्रुटि खोज**: 5 गलत संस्कृत वाक्य पढ़ें (गलत पुरुष-संख्या संयुक्ति के साथ) और उन्हें 3 मिनट में सुधारें। यदि सभी पाँच चेकबॉक्स टिक हैं, तो आप परीक्षा-तैयार हैं। यदि कोई कमजोर है, तो अपने स्कूल या CBSE के आधिकारिक प्रैक्टिस सेट से पिछले पत्र प्रश्नों का उपयोग करके उस क्षेत्र पर 1–2 घंटे ड्रिल करें। लक्ष्य स्वचालितता है—आपको लट् लकार रूपों को उतना ही स्वाभाविक रूप से संयुक्त करना चाहिए जितना अंग्रेजी बोलने वाले 'I go, you go, he goes' संयुक्त करते हैं। इन सभी बिंदुओं पर निर्देशित अभ्यास के लिए, cbsetutor.ai पर 3-दिन का मुफ़्त परीक्षण शुरू करें, जहाँ वीडियो समाधान हर पिछले वर्ष के प्रश्न को चरण-दर-चरण तोड़ते हैं।

Frequently asked questions

प्रथम पुरुष एकवचन और प्रथम पुरुष बहुवचन में लट् लकार में क्या अंतर है?+
एकवचन में -मि प्रत्यय लगता है (उदाहरण: भवामि = 'मैं हूँ'), बहुवचन में -वः लगता है (भवावः = 'हम हैं')। धातु भव + मि/वः से रूप तय होता है। आम परीक्षा की गलती: प्रथम पुरुष बहुवचन के लिए -न्ति (जो तृतीय पुरुष बहुवचन है) लिखना।
CBSE Class 9 क्रियापदम् प्रश्नों में कौन-सी धातु जड़ें सबसे अधिक परीक्षित होती हैं?+
शीर्ष 5: भू (होना), कृ (करना), पठ् (पढ़ना), गम् (जाना), पश् (देखना)। ये लगभग 70% के 1–3 अंक के प्रश्नों में आती हैं। परीक्षा के दौरान तुरंत याद रखने के लिए इन सभी 6 रूपों (लट् लकार) को कंठस्थ करें।
मैं कैसे पहचानूँ कि क्रिया तृतीय पुरुष एकवचन है या बहुवचन?+
प्रत्यय -ति = एकवचन (पठति = वह पढ़ता है), -न्ति = बहुवचन (पठन्ति = वे पढ़ते हैं)। लट् लकार में ये ही दोनों तृतीय पुरुष रूप हैं। कोई अन्य पुरुष -न्ति नहीं लगाता, इसलिए -न्ति देखते ही = बहुवचन समझ आ जाता है।
आत्मनेपदी क्या है और यह Chapter 4 के लिए क्यों महत्वपूर्ण है?+
आत्मनेपदी (मध्यम कंठ) में -ते, -से, -अते जैसे प्रत्यय आते हैं, सक्रिय (parasmaipadi) की जगह। गम्, बुध्, लभ् जैसी धातुएँ मुख्यतः मध्यम कंठ में आती हैं। उदाहरण: गच्छते (वह जाता है—मध्यम) बनाम गच्छति (parasmaipadi, दुर्लभ)। हाल के CBSE पेपर इस अंतर को 3–5 अंक के प्रश्नों में परीक्षित करते हैं।
क्या संयुग्मन तालिका को याद करना प्रत्येक रूप व्युत्पन्न करने से तेज़ है?+
बिल्कुल। व्युत्पन्न करने में 1–2 मिनट प्रति रूप लगते हैं; कंठस्थ करने से यह 10 सेकंड में आ जाता है। परीक्षा में सफलता के लिए अपनी 5 मुख्य धातुओं के सभी 6 रूप (1st, 2nd, 3rd पुरुष एकवचन व बहुवचन) याद करें। व्युत्पन्न करना समझने के लिए है, परीक्षा के लिए नहीं।
CBSE Class 9 संस्कृत परीक्षा में क्रियापदम् आमतौर पर कितने अंक के लिए आता है?+
Chapter 4 में 8–12 अंक होते हैं (80-अंकीय पेपर का 10–15%)। आमतौर पर इस तरह विभाजित: 1–2 एक-अंकीय प्रश्न (2 अंक), 2–3 तीन-अंकीय प्रश्न (6 अंक), 1 पाँच-अंकीय प्रश्न (5 अंक)। इस अध्याय में महारत = न्यूनतम प्रयास में 8+ अंक गारंटीड।
अगर परीक्षा के दौरान मुझे पुरुष-संख्या प्रत्यय याद न रहे तो क्या करूँ?+
जो जानते हो लिखो: धातु stem + सबसे बेहतर अनुमान लगाया गया प्रत्यय लिखो, फिर स्पष्ट रूप से लेबल करो (उदाहरण: 'करु + ? = करु___ (प्र.पु.बहु.लट्)')। आंशिक अंक दिए जाते हैं भले ही प्रत्यय थोड़ा गलत हो। खाली = 0; प्रयास = 1–2 अंक।
क्या मैं परीक्षा के दौरान NCERT Deepakam से क्रिया तालिकाएँ देख सकता हूँ?+
नहीं। CBSE परीक्षाएँ बंद-पुस्तक होती हैं। आपको पहले से सभी लट् लकार रूप कंठस्थ करने होंगे। हालाँकि, अगर परीक्षा व्याकरणिक अनुस्मारक प्रदान करती है तो आप उसका संदर्भ ले सकते हैं—पर यह दुर्लभ है। कंठस्थ करना ही आपकी एकमात्र सुरक्षित रणनीति है।

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