CBSE Class 9 Hindi - Sanchayan अध्याय 3 कल्लू कुम्हार की उनाकोटी — अशोक वाजपेयी कार्यपत्रक उत्तर सहित
Class 9 Hindi Sanchayan का तीसरा अध्याय, कल्लू कुम्हार की उनाकोटी (प्रसिद्ध कवि और निबंधकार अशोक वाजपेयी द्वारा रचित), एक जीवंत यात्रा-वृत्तांत है जो छात्रों को त्रिपुरा के प्राचीन पत्थर-मूर्तिकला स्थल उनाकोटी के माध्यम से ले जाता है। यह कार्यपत्रक अध्याय को समझने के लिए एक संरचित, परीक्षा-केंद्रित दृष्टिकोण प्रदान करता है। इसमें छह प्रश्न खंड हैं—बहुविकल्पीय प्रश्न, रिक्त स्थान भरना, सत्य/असत्य, लघु उत्तरीय प्रश्न, दीर्घ उत्तरीय प्रश्न और एक केस-आधारित परिस्थिति—जिसके बाद एक व्यापक उत्तर कुंजी दी गई है। नवीनतम CBSE Class 9 Hindi पाठ्यक्रम और NCERT Hindi Sanchayan दिशानिर्देशों के अनुरूप तैयार, यह मुद्रण योग्य संसाधन स्व-अध्ययन, कक्षा अभ्यास और संशोधन के लिए आदर्श है।
Key takeaways
- ✓यह अध्याय अशोक वाजपेयी द्वारा लिखा गया एक यात्रा-वृत्तांत है जो त्रिपुरा में स्थित पुरातात्विक स्थल उनाकोटी और इसके सांस्कृतिक, धार्मिक और ऐतिहासिक महत्व का वर्णन करता है।
- ✓उनाकोटी का अर्थ है 'एक करोड़ से एक कम' (अड़तालीस लाख) — यह उन पत्थर की मूर्तियों को दर्शाता है जो भगवान शिव के गणों के रूप में माने जाते हैं जो काशी की यात्रा के समय पीछे रह गए।
- ✓कल्लू कुम्हार, एक कुम्हार और शिव का भक्त, एक महान कारीगर हैं जिन्हें इन पत्थर की मूर्तियों को भक्ति और तपस्या के रूप में तराशने का श्रेय दिया जाता है।
- ✓यह अध्याय लोककथा, पुरातत्व और सांस्कृतिक विरासत को मिश्रित करता है, जो उत्तरपूर्वी भारत में हिंदू और बौद्ध धर्म की समन्वयवादी परंपराओं को प्रदर्शित करता है।
- ✓इस अध्याय को समझने से भारत की क्षेत्रीय सांस्कृतिक विविधता, लोक साहित्य और इतिहास को सुरक्षित रखने में मौखिक परंपराओं की भूमिका के प्रति सराहना बढ़ती है।
- ✓कार्यपत्रक में 30+ प्रश्न हैं जो पाँच खंडों में विभक्त हैं (बहुविकल्पीय, रिक्त स्थान, मिलान, लघु उत्तर, दीर्घ उत्तर) साथ ही एक केस-स्टडी CBSE परीक्षा की संपूर्ण तैयारी के लिए।
- ✓विस्तृत उत्तर कुंजी और व्याख्याओं से छात्र अपने उत्तरों का सत्यापन कर सकते हैं और बोर्ड परीक्षाओं और आंतरिक मूल्यांकन के लिए संकल्पनात्मक स्पष्टता गहरी कर सकते हैं।
Quick Chapter Recap — कल्लू कुम्हार की उनाकोटी
- लेखक: अशोक वाजपेयी — प्रसिद्ध कवि, सांस्कृतिक प्रशासक और निबंधकार।
- स्थान: उनाकोटी, त्रिपुरा — एक पहाड़ी स्थल जो शैव चट्टान पर खुदी मूर्तियों से ढका है, जो सदियों पहले की हैं।
- मुख्य लोककथा: कल्लू कुम्हार, भक्त-कलाकार जिन्होंने भक्ति के कार्य के रूप में मूर्तियों को तराशा।
- विषय-वस्तु: यात्रा-वृत्तांत, सांस्कृतिक धरोहर, मौखिक परंपरा, पुरातत्व, विश्वास और कला, पूर्वोत्तर भारत की सांस्कृतिक विविधता।
Section A — Multiple Choice Questions (MCQs)
- Q1. उनाकोटी भारत के किस राज्य में स्थित है? (a) असम (b) मेघालय (c) त्रिपुरा (d) मणिपुर
- Q2. 'उनाकोटी' शब्द का अर्थ है: (a) एक लाख (b) दस लाख (c) एक करोड़ घटा एक (d) निन्यानबे हजार
- Q3. स्थानीय लोककथा के अनुसार उनाकोटी की चट्टान की मूर्तियों को तराशने का श्रेय किसे दिया जाता है? (a) राजा उनाकोटी (b) कल्लू कुम्हार (c) भगवान शिव (d) एक बौद्ध भिक्षु
- Q4. कल्लू कुम्हार कौन थे: (a) एक राजा (b) एक सैनिक (c) एक कुम्हार (d) एक पुजारी
- Q5. उनाकोटी की मूर्तियां मुख्य रूप से किन देवताओं को दर्शाती हैं: (a) बुद्ध (b) जैन तीर्थंकर (c) शिव, गणेश, दुर्गा जैसे हिंदू देवता (d) जनजातीय देवता
- Q6. इस अध्याय में अशोक वाजपेयी की वर्णन शैली को सबसे अच्छे तरीके से कहा जा सकता है: (a) पूरी तरह तथ्यात्मक रिपोर्ट (b) यात्रा-वृत्तांत, लोककथा और व्यक्तिगत चिंतन का मिश्रण (c) एक ऐतिहासिक शोध पत्र (d) एक काल्पनिक लघु कथा
- Q7. लोककथा के अनुसार शिव के गण बदल गए: (a) पेड़ों में (b) नदियों में (c) पत्थर की मूर्तियों में (d) जानवरों में
Section B — Fill in the Blanks
- Q1. कल्लू कुम्हार की उनाकोटी के लेखक ___________ हैं।
- Q2. उनाकोटी आगरतला से लगभग ___________ किलोमीटर दूर है।
- Q3. उनाकोटी का नाम ___________ संख्या के अर्थ में है।
- Q4. कल्लू कुम्हार भगवान ___________ के भक्त थे।
- Q5. यह अध्याय ___________ साहित्यिक विधा से संबंधित है।
- Q6. उनाकोटी की मूर्तियां मुख्य रूप से ___________ से बनी हैं।
- Q7. लोककथा कहती है कि शिव के ___________ करोड़ घटा एक गण उनाकोटी में रहे।
Section C — True or False Statements
- Q1. उनाकोटी त्रिपुरा के दक्षिणी भाग में स्थित है। (सही/गलत)
- Q2. कल्लू कुम्हार एक पेशेवर मूर्तिकार थे जिन्हें राजकीय कार्यशालाओं में प्रशिक्षण दिया गया था। (सही/गलत)
- Q3. उनाकोटी की मूर्तियों में शिव, गणेश और दुर्गा की छवियां शामिल हैं। (सही/गलत)
- Q4. अशोक वाजपेयी ने इस अध्याय को एक पूरी तरह काल्पनिक कथा के रूप में लिखा है। (सही/गलत)
- Q5. 'उनाकोटी' शब्द बिल्कुल एक करोड़ मूर्तियों को संदर्भित करता है। (सही/गलत)
- Q6. यह अध्याय एक यात्रा-वृत्तांत या यात्रा-वृत्तांत का उदाहरण है। (सही/गलत)
- Q7. लोककथा के अनुसार, शिव के गण पत्थर में बदल गए क्योंकि वे सो गए थे। (सही/गलत)
Section D — Short Answer Questions (3 marks each)
- Q1. उनाकोटी का नाम कैसे पड़ा? लोककथा के आधार पर समझाइए।
- Q2. कल्लू कुम्हार कौन थे? उनकी मूर्तियों का क्या महत्व है?
- Q3. यात्रा-वृत्तांत क्या होता है? इस पाठ को यात्रा-वृत्तांत क्यों कहा जाता है?
- Q4. त्रिपुरा की सांस्कृतिक विविधता को इस पाठ में कैसे दर्शाया गया है?
- Q5. लेखक ने उनाकोटी की यात्रा से क्या सीख ली? संक्षेप में बताइए।
खंड ई — दीर्घ उत्तरीय और उच्च चिंतन कौशल प्रश्न (5 अंक प्रत्येक)
- Q1. कल्लू कुम्हार की लोककथा और पुरातात्त्विक तथ्यों के बीच क्या संबंध है? विस्तार से समझाइए।
- Q2. अशोक वाजपेयी ने इस यात्रा-वृत्तांत में किन-किन विषयों को समेटा है? उदाहरण सहित चर्चा कीजिए।
- Q3. उनाकोटी की मूर्तियों की विशेषताएँ बताते हुए इनके धार्मिक और सांस्कृतिक महत्व पर प्रकाश डालिए।
खंड एफ — केस स्टडी / परिस्थिति-आधारित प्रश्न
संपूर्ण उत्तर कुंजी और व्याख्याएँ
- खंड ए उत्तर: Q1(c) त्रिपुरा; Q2(c) एक करोड़ घटा एक; Q3(b) कल्लू कुम्हार; Q4(c) कुम्हार; Q5(c) हिंदू देवता; Q6(b) यात्रा-वृत्तांत, लोककथा, प्रतिबिंब का मिश्रण; Q7(c) पत्थर की मूर्तियाँ; Q8(b) वे सो गए।
- खंड बी उत्तर: Q1. अशोक वाजपेयी / अशोक वाजपेयी; Q2. 100 (लगभग); Q3. अड़तालीस लाख / एक करोड़ घटा एक; Q4. शिव / शिव; Q5. यात्रा-वृत्तांत / यात्रा-वृत्तांत; Q6. पत्थर / पत्थर; Q7. एक / एक।
- खंड सी उत्तर: Q1. असत्य (उत्तरी भाग); Q2. असत्य (वे कुम्हार, भक्त थे, औपचारिक रूप से प्रशिक्षित नहीं); Q3. सत्य; Q4. असत्य (यह गैर-काल्पनिक यात्रा-वृत्तांत है); Q5. असत्य (एक करोड़ घटा एक); Q6. सत्य; Q7. सत्य; Q8. सत्य।
- खंड डी Q2 के लिए नमूना उत्तर: कल्लू कुम्हार एक साधारण कुम्हार (मिट्टी के बर्तन बनाने वाले) थे जो भगवान शिव के अनन्य भक्त थे। लोककथा के अनुसार, उन्होंने अपनी भक्ति और समर्पण के प्रतीक स्वरूप पत्थरों पर हजारों मूर्तियाँ उकेरीं। उनकी मूर्तियाँ केवल कलात्मक उपलब्धि नहीं हैं, बल्कि आस्था, धैर्य और सृजनशीलता का अद्भुत उदाहरण हैं। ये मूर्तियाँ त्रिपुरा की सांस्कृतिक धरोहर का अमूल्य हिस्सा हैं और स्थानीय जनमानस की पहचान को बनाए रखती हैं।
- खंड ई Q2 के लिए नमूना उत्तर: अशोक वाजपेयी ने इस यात्रा-वृत्तांत में अनेक विषयों को समेटा है। प्रथम, भौगोलिक वर्णन — त्रिपुरा का स्थान, जंगल, पहाड़ी इलाका। द्वितीय, ऐतिहासिक और पुरातात्त्विक जानकारी — मूर्तियों की आयु, शैली, निर्माण तकनीक। तृतीय, लोककथा और धार्मिक परंपरा — कल्लू कुम्हार की कथा, शिव गणों का पत्थर बनना। चतुर्थ, सांस्कृतिक विविधता — हिंदू-बौद्ध परंपराओं का समन्वय। पंचम, व्यक्तिगत प्रतिक्रिया और चिंतन — लेखक के अनुभव, भावनाएँ, प्रश्न। उदाहरण: लेखक स्थानीय लोगों से बातचीत करते हैं और उनकी आस्थाओं को सम्मान देते हुए पुरातात्त्विक तथ्य भी प्रस्तुत करते हैं। यह बहुआयामी दृष्टिकोण पाठ को समृद्ध और रोचक बनाता है।
- खंड एफ केस स्टडी उत्तर: (a) भौतिक मूर्तियाँ और मौखिक लोककथा एक ही सांस्कृतिक सिक्के के दो पहलू हैं। मूर्तियाँ मूर्त धरोहर हैं — वे पुरातात्त्विक साक्ष्य, सौंदर्य सुंदरता और अतीत से सीधा संबंध प्रदान करती हैं। दूसरी ओर, लोककथा अमूर्त धरोहर है — यह कथाओं, विश्वासों और मूल्यों को संरक्षित करती है जो मूर्तियों को अर्थ देते हैं। कल्लू कुम्हार की कथा के बिना, उनाकोटी की नक्काशी केवल पत्थर होती; किंवदंती उन्हें भक्ति और पहचान से भर देती है। दोनों को संरक्षित करने से यह सुनिश्चित होता है कि भविष्य की पीढ़ियाँ न केवल समझें कि 'क्या' मौजूद है बल्कि 'क्यों' महत्वपूर्ण है। मौखिक परंपराएँ, विशेष रूप से उत्तरपूर्वी भारत में, नाजुक हैं; यदि बुजुर्ग उन्हें बताना बंद कर दें, तो वे लुप्त हो जाती हैं। अतः प्रलेखन, शिक्षा और सामुदायिक संलग्नता आवश्यक हैं। (b) दो व्यावहारिक कदम: (i) छात्र स्थानीय समुदाय के साथ सहयोग कर सकते हैं और कल्लू कुम्हार की किंवदंती को हिंदी और स्थानीय भाषाओं में फिर से कहने वाली सचित्र कहानी पुस्तकें या डिजिटल वीडियो बना सकते हैं, और उन्हें स्कूलों में वितरित कर सकते हैं। (ii) स्थानीय अधिकारियों को साइट पर बहुभाषी सूचना पट्टिकाएँ लगानी चाहिए जो प्रत्येक मूर्ति समूह का इतिहास, किंवदंती और महत्व समझाएँ, और उनाकोटी की विरासत का जश्न मनाने के लिए वार्षिक सांस्कृतिक महोत्सव आयोजित करें ताकि कथाएँ जीवंत रहें और जिम्मेदार पर्यटन को आकर्षित करें।
CBSETUTOR.ai आपकी हिंदी संचयन तैयारी को कैसे समर्थन देता है
- किसी भी प्रश्न की फोटो अपलोड करें; तुरंत हिंदी या अंग्रेजी में पाठ्यक्रम-संरेखित उत्तर प्राप्त करें।
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CBSE कक्षा 9 हिंदी साहित्य में उच्च अंक प्राप्त करने के सुझाव
- प्रत्येक अध्याय को कई बार पढ़ें; मुख्य बिंदुओं, विषयों और अपरिचित शब्दों को एनोटेट करें।
- निर्धारित शब्द सीमा के भीतर उत्तर लिखने का अभ्यास करें (लघु के लिए 50–80, दीर्घ के लिए 120–150)।
- अपने बिंदुओं का समर्थन करने के लिए पाठ से उद्धरण और उदाहरण का उपयोग करें।
- एक शब्दावली पत्रिका रखें; परीक्षाओं से पहले इसे संशोधित करें।
- परीक्षा पैटर्न को समझने के लिए पिछले वर्षों के प्रश्न पत्र और नमूना पत्रों को हल करें।
- अभ्यास के दौरान अपने आप को समय दें; पेपर को 10 मिनट पहले समाप्त करने का लक्ष्य रखें समीक्षा के लिए।
- साहित्य के लिए, विषयों और संदर्भ को समझने पर ध्यान दें, केवल उत्तर याद रखना नहीं।
Frequently asked questions
इस वर्कशीट की कठिनाई का स्तर और सुझाया गया समय क्या है?+
कल्लू कुम्हार कौन था और वह इस अध्याय में महत्वपूर्ण क्यों है?+
'उनाकोटी' का नाम क्या मायने रखता है और इस स्थान को यह नाम कैसे मिला?+
यह अध्याय संचयन के अन्य अध्यायों से कैसे अलग है?+
कल्लू कुम्हार की उनाकोटी के मुख्य विषय क्या हैं?+
परीक्षा की तैयारी के लिए मैं इस वर्कशीट का प्रभावी ढंग से उपयोग कैसे कर सकता हूं?+
क्या इस वर्कशीट के प्रश्न नवीनतम CBSE Class 9 पाठ्यक्रम के अनुरूप हैं?+
यात्रा-वृत्तांत क्या है और यह अध्याय इसका उदाहरण क्यों है?+
अध्याय त्रिपुरा की सांस्कृतिक विरासत को कैसे उजागर करता है?+
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