India's #1 AI Tutorimportant questions · Sanskrit — Deepakam · Chapter 2

Class 9 Sanskrit Deepakam Chapter 2: शब्द-परिचयः Important Questions & Solutions

Chapter 2 शब्द-परिचयः (Word Introduction) from Deepakam introduces students to foundational Sanskrit grammar concepts, particularly संज्ञा शब्द (noun) and वचन (number). These topics form the backbone of sentence construction and are consistently tested in CBSE Class 9 board exams. This guide covers 18 carefully curated questions spanning 1-mark MCQs, 2-mark short answers, 3-mark analysis questions, 5-mark essays, and HOTS problems — all aligned with the 2024-25 NCERT rationalized syllabus. Understanding word classification and grammatical number is essential for scoring consistently in Sanskrit. Our AI tutor at cbsetutor.ai drills these exact patterns daily to ensure you're exam-ready.

Your child's private AI tutor — trained on NCERT.
3-day free trial · ₹1 to start · Cancel anytime.
Start 3-day free trial →

Why These Questions Matter in the 2026-27 CBSE Board Pattern

The CBSE Class 9 Sanskrit curriculum emphasizes grammatical fundamentals, and शब्द-परिचयः is the gateway chapter. In recent board exams (2023-25), questions on संज्ञा classification and वचन rules have appeared consistently in both MCQ and descriptive sections. The modern CBSE pattern tests not just rote memorization but conceptual understanding — students must identify noun categories in context, apply वचन (singular/plural) rules correctly, and explain grammatical reasoning. These questions develop critical thinking about how Sanskrit words function structurally. Mastering this chapter prevents common mistakes in later chapters like विशेषण (adjectives) and क्रिया (verbs), which depend on understanding noun properties. Board examiners reward clear, confident answers that show students can parse Sanskrit words systematically. The expected questions in this guide mirror the difficulty and format of official CBSE sample papers and pre-board exams from leading schools.

1-Mark Multiple Choice Questions (MCQs) with Answers

Question 1: संज्ञा शब्द की परिभाषा क्या है? (a) जो शब्द किसी व्यक्ति, वस्तु या स्थान का नाम बताता है (b) जो शब्द क्रिया को व्यक्त करता है (c) जो शब्द संज्ञा की विशेषता बताता है (d) जो शब्द दो संज्ञाओं को जोड़ता है Answer: (a) — संज्ञा वह शब्द है जो किसी व्यक्ति, वस्तु, स्थान, भाव या गुण का नाम बताता है। उदाहरण: राम, पुस्तक, दिल्ली, सुख। Question 2: 'बालिकाएँ' में कौन-सा वचन है? (a) एकवचन (b) द्विवचन (c) बहुवचन (d) कोई नहीं Answer: (c) — 'बालिकाएँ' बहुवचन है क्योंकि एकाधिक बालिकाओं को संदर्भित करता है। बहुवचन का चिह्न '-एँ' है। Question 3: निम्नलिखित में से कौन-सा जातिवाचक संज्ञा है? (a) राज (b) पुस्तक (c) गंगा (d) बुद्धिमत्ता Answer: (b) — 'पुस्तक' जातिवाचक संज्ञा है क्योंकि यह पूरी जाति/श्रेणी को दर्शाता है। विशेष संज्ञा नहीं है। Question 4: द्विवचन किसके लिए प्रयोग होता है? (a) एक व्यक्ति/वस्तु के लिए (b) दो व्यक्तियों/वस्तुओं के लिए (c) अनेक व्यक्तियों/वस्तुओं के लिए (d) अनिश्चित संख्या के लिए Answer: (b) — द्विवचन का प्रयोग ठीक दो व्यक्तियों या वस्तुओं के लिए होता है। उदाहरण: बालक (एकवचन), बालकौ (द्विवचन), बालकाः (बहुवचन)। Question 5: 'व्यक्तिवाचक संज्ञा' किसे कहते हैं? (a) जो किसी एक व्यक्ति या वस्तु विशेष का नाम बताती है (b) जो सभी समान वस्तुओं का नाम बताती है (c) जो भावों को व्यक्त करती है (d) जो गुणों को व्यक्त करती है Answer: (a) — व्यक्तिवाचक संज्ञा किसी विशेष व्यक्ति, स्थान या वस्तु का नाम बताती है। उदाहरण: राम, लंदन, हिमालय।

2-Mark Short Answer Questions with Solutions

Question 1: संज्ञा के कितने प्रकार हैं? नाम बताइए और प्रत्येक का एक उदाहरण दीजिए। Answer: संज्ञा के तीन प्रकार हैं: (i) व्यक्तिवाचक संज्ञा (Proper Noun): किसी विशेष व्यक्ति, स्थान या वस्तु का नाम। उदाहरण — राज, मुंबई, गंगा। (ii) जातिवाचक संज्ञा (Common Noun): किसी पूरी जाति या श्रेणी का नाम। उदाहरण — बालक, पुस्तक, पक्षी। (iii) भाववाचक संज्ञा (Abstract Noun): भावों, गुणों या अवस्थाओं को व्यक्त करता है। उदाहरण — सुख, क्रोध, सुंदरता। Question 2: 'लड़का' और 'लड़कों' में वचन के अनुसार अंतर समझाइए। Answer: 'लड़का' एकवचन है क्योंकि यह एक ही लड़के को दर्शाता है। 'लड़कों' बहुवचन है क्योंकि यह अनेक लड़कों को दर्शाता है। संस्कृत में एकवचन के अंत में कोई विशेष चिह्न नहीं होता (जैसे कि नर, राज, अश्व), जबकि बहुवचन में '-आः', '-एँ' या '-अनि' जैसे चिह्न लगते हैं। Question 3: निम्नलिखित शब्दों का वचन निर्धारित करें: (i) नदी (ii) पक्षिणः (iii) गुरु Answer: (i) नदी — एकवचन (एक नदी) (ii) पक्षिणः — बहुवचन (अनेक पक्षी) — '-णः' बहुवचन का चिह्न है (iii) गुरु — एकवचन (एक गुरु) — संदर्भ पर निर्भर करता है Question 4: 'माता' और 'माताः' में संस्कृत भाषा के नियम के अनुसार अंतर बताइए। Answer: 'माता' एकवचन है जिसका अर्थ है 'एक माता/माँ'। 'माताः' बहुवचन है जिसका अर्थ है 'अनेक माताएँ/माताएँ'। संस्कृत में '-ता' (कन्या-त्व) शब्दों का एकवचन रूप सीधा होता है, जबकि बहुवचन में '-आः' जोड़ा जाता है। Question 5: 'द्विवचन' की परिभाषा दें और एक उदाहरण दें। Answer: द्विवचन का प्रयोग ठीक दो व्यक्तियों या वस्तुओं को दर्शाने के लिए होता है। यह संस्कृत की विशेषता है। उदाहरण: • बालक (एकवचन) — एक लड़का • बालकौ (द्विवचन) — दोनों लड़के • बालकाः (बहुवचन) — अनेक लड़के 'बालकौ' में '-औ' द्विवचन का चिह्न है।

3-Mark Analysis & Application Questions

Question 1: निम्नलिखित वाक्य में संज्ञा शब्दों को पहचानिए और उनके प्रकार बताइए: 'राज और प्रिया पुस्तकालय में पुस्तकें पढ़ते हैं।' Answer: इस वाक्य में संज्ञा शब्द और उनके प्रकार: (i) राज — व्यक्तिवाचक संज्ञा (विशेष व्यक्ति का नाम) (ii) प्रिया — व्यक्तिवाचक संज्ञा (विशेष व्यक्ति का नाम) (iii) पुस्तकालय — व्यक्तिवाचक संज्ञा (विशेष स्थान का नाम) (iv) पुस्तकें — जातिवाचक संज्ञा (पुस्तकों की जाति को दर्शाता है, बहुवचन में) यह प्रश्न दिखाता है कि कैसे एक ही वाक्य में विभिन्न प्रकार की संज्ञाएँ आ सकती हैं। Question 2: 'सुख' और 'सुखी' में अंतर समझाइए। दोनों ही संज्ञा हैं या नहीं? Answer: 'सुख' एक भाववाचक संज्ञा है जो एक भाव या अवस्था को दर्शाता है (खुशी की स्थिति)। 'सुखी' एक विशेषण है, न कि संज्ञा, जो 'सुख' से जुड़े गुण को दर्शाता है (जो व्यक्ति सुखी है)। यह अंतर महत्वपूर्ण है: संज्ञाएँ वस्तुओं/भावों का नाम देती हैं, जबकि विशेषण उनके गुणों को बताते हैं। इस प्रकार, 'सुख' संज्ञा है लेकिन 'सुखी' नहीं है। Question 3: दिए गए शब्दों को वचन के अनुसार वर्गीकृत करें और प्रत्येक के लिए वचन-चिह्न बताइए: नर, नराः, पुष्पम्, पुष्पानि Answer: एकवचन: नर (पुरुष), पुष्पम् (फूल) बहुवचन: नराः (पुरुषों — चिह्न '-आः'), पुष्पानि (फूलों — चिह्न '-अनि') व्याख्या: 'नर' शब्द में '-आ' मूल नहीं है, '-आः' बहुवचन बनाता है। 'पुष्पम्' नपुंसक है, इसलिए बहुवचन में '-अनि' जोड़ा जाता है। वचन-चिह्न शब्द के लिंग और विभक्ति पर निर्भर करते हैं। Question 4: 'दिन' शब्द के तीनों वचनों में रूप लिखिए और प्रत्येक का एक वाक्य बनाइए। Answer: एकवचन: दिन (एक दिन) वाक्य: एक दिन मैं स्कूल गया। द्विवचन: दिने (दोनों दिन) [वैकल्पिक रूप] वाक्य: दोनों दिन छुट्टी थी। बहुवचन: दिनानि (अनेक दिन) वाक्य: कई दिनों तक वर्षा हुई। नोट: 'दिन' नपुंसक लिंग का शब्द है, इसलिए इसके वचन-रूप नपुंसक चिह्नों (-अम्, -अनि) से बनते हैं।

5-Mark Long-Answer Questions with Full Solutions

Question 1: संस्कृत में संज्ञा की परिभाषा दीजिए। संज्ञा के सभी प्रकारों को विस्तार से समझाइए और प्रत्येक के लिए 5-5 उदाहरण दीजिए। Answer: संज्ञा की परिभाषा: संज्ञा वह शब्द है जो किसी व्यक्ति, वस्तु, स्थान, भाव, गुण या किसी अन्य चीज का नाम बताता है। यह हर भाषा का सबसे महत्वपूर्ण अंग है क्योंकि संचार का आधार नाम देना है। संज्ञा के प्रकार: (A) व्यक्तिवाचक संज्ञा (Proper Noun): परिभाषा: ऐसी संज्ञा जो किसी विशेष व्यक्ति, स्थान या वस्तु का नाम बताती है। उदाहरण: 1. व्यक्ति: राम, सीता, गांधी, मदर टेरेसा 2. स्थान: भारत, दिल्ली, गंगा, हिमालय 3. महीने/दिन: जनवरी, सोमवार, दीपावली 4. पुस्तकें: रामायण, महाभारत 5. संस्थाएँ: भारतीय संसद (B) जातिवाचक संज्ञा (Common Noun): परिभाषा: ऐसी संज्ञा जो एक पूरी जाति, श्रेणी या समूह का नाम बताती है। उदाहरण: 1. मानव: आदमी, बालक, राजा, शिक्षक 2. पशु: कुत्ता, बिल्ली, शेर, गाय 3. पक्षी: चिड़िया, बाज, तोते 4. पौधे: पेड़, पुष्प, पत्ती 5. वस्तुएँ: पुस्तक, पेन, मेज, कुर्सी (C) भाववाचक संज्ञा (Abstract Noun): परिभाषा: ऐसी संज्ञा जो किसी भाव, गुण, भावना, अवस्था या कार्य को व्यक्त करती है। उदाहरण: 1. भावनाएँ: प्रेम, क्रोध, भय, खुशी 2. गुण: सुंदरता, शक्ति, कमजोरी, दयालुता 3. अवस्था: जवानी, बुढ़ापा, बीमारी 4. कार्य: दौड़, खेल, पढ़ाई, युद्ध 5. अमूर्त विचार: ज्ञान, सच्चाई, न्याय, स्वतंत्रता महत्व: संज्ञा को पहचानना और वर्गीकृत करना संस्कृत भाषा के व्याकरणिक नियमों को समझने के लिए आवश्यक है, क्योंकि संज्ञा के प्रकार से उसके रूप-परिवर्तन (declension) का निर्धारण होता है। Question 2: 'वचन' का विस्तृत विवरण दीजिए। संस्कृत में त्रि-वचन प्रणाली को रेखांकित करें और प्रत्येक वचन के चिह्नों को सारणी द्वारा समझाइए। Answer: वचन की परिभाषा: वचन (Number) शब्द की वह गुणवत्ता है जो किसी व्यक्ति, वस्तु या समूह की संख्या को दर्शाती है। संस्कृत में तीन वचन होते हैं। संस्कृत की विशेषता: संस्कृत एकमात्र ऐसी भारतीय भाषा है जिसमें तीन वचन हैं: 1. एकवचन (Singular) — एक व्यक्ति/वस्तु 2. द्विवचन (Dual) — ठीक दो व्यक्ति/वस्तु 3. बहुवचन (Plural) — दो से अधिक व्यक्ति/वस्तु वचन-चिह्न सारणी (पुल्लिंग, द्वितीया विभक्ति): वचन | संस्कृत शब्द | चिह्न | उदाहरण | अर्थ एकवचन | नरम् | -म् | एक पुरुष (को) द्विवचन | नरौ | -औ | दोनों पुरुषों (को) बहुवचन | नरान् | -आन् | अनेक पुरुषों (को) उदाहरण: • एकवचन: बालक पाठ पढ़ता है। (एक बालक) • द्विवचन: बालकौ पाठ पढ़ते हैं। (दोनों बालक) • बहुवचन: बालकाः पाठ पढ़ते हैं। (अनेक बालक) निष्कर्ष: वचन की समझ क्रिया और विशेषण के सही रूप चुनने के लिए महत्वपूर्ण है। Question 3: निम्नलिखित संस्कृत वाक्यों का विश्लेषण करें। प्रत्येक संज्ञा को पहचानें, उसका प्रकार बताएँ, और उसका वचन निर्धारित करें: (i) 'राज: और प्रिय: पुस्तकालये पुस्तकानि पठन्ति।' (ii) 'शिक्षकौ छात्रान् पाठं शिक्षयति।' Answer: वाक्य विश्लेषण (i): राज: और प्रिय: पुस्तकालये पुस्तकानि पठन्ति। (अनुवाद: राज और प्रिय पुस्तकालय में पुस्तकें पढ़ते हैं।) संज्ञा विश्लेषण: 1. 'राज:' — व्यक्तिवाचक संज्ञा, बहुवचन (प्रथमा विभक्ति, '-:' चिह्न) 2. 'प्रिय:' — व्यक्तिवाचक संज्ञा, बहुवचन (द्वितीया में सहकर्मी) 3. 'पुस्तकालय' — व्यक्तिवाचक संज्ञा, एकवचन (सप्तमी विभक्ति में स्थान) 4. 'पुस्तकानि' — जातिवाचक संज्ञा, बहुवचन (नपुंसक, प्रथमा, '-अनि' चिह्न), कर्म पद नोट: 'पठन्ति' बहुवचन क्रिया है, जो 'राज: और प्रिय:' (दोनों) के साथ मेल खाता है। वाक्य विश्लेषण (ii): शिक्षकौ छात्रान् पाठं शिक्षयति। (अनुवाद: दोनों शिक्षक छात्रों को पाठ सिखाते हैं।) संज्ञा विश्लेषण: 1. 'शिक्षकौ' — व्यक्तिवाचक संज्ञा, द्विवचन (पुल्लिंग, प्रथमा, '-औ' चिह्न), विषय (कर्ता) 2. 'छात्रान्' — जातिवाचक संज्ञा, बहुवचन (पुल्लिंग, द्वितीया, '-आन्' चिह्न), कर्म पद 3. 'पाठ' — जातिवाचक संज्ञा, एकवचन (पुल्लिंग, द्वितीया, '-म्'), कर्म पद महत्व: यह विश्लेषण दिखाता है कि संज्ञा, विभक्ति और वचन सभी एक-दूसरे से संबंधित हैं और वाक्य के अर्थ को निर्धारित करते हैं।

HOTS & Case-Study Question with Step-by-Step Solution

Question: निम्नलिखित संस्कृत गद्यांश को पढ़िए और प्रश्नों का उत्तर दीजिए: 'वने सिंहः, व्याघ्रः, गजः, शिवः च वसन्ति। एक दिवसे सिंहः एकां हरिणीं मारयिष्यति। व्याघ्रः दुःखितः अभवत्। गजौ समभाषेते।' (अनुवाद: जंगल में शेर, बाघ, हाथी और शिव रहते हैं। एक दिन शेर एक हिरनी को मार देगा। बाघ दुःखी हो गया। दोनों हाथियों ने बात की।) प्रश्न: (A) गद्यांश में 'सिंहः', 'व्याघ्रः', 'गजः', 'हरिणीं' की संज्ञा की प्रकृति (प्रकार) बताइए। (B) 'गजौ' शब्द का वचन निर्धारित करें और समझाइए कि यह द्विवचन क्यों है। (C) यदि एक हाथी की जगह तीन हाथियाँ होती, तो 'गजौ' का रूप क्या होता? (D) 'हरिणीं' का लिंग, वचन और विभक्ति बताइए। समाधान: (A) संज्ञा का प्रकार: • 'सिंहः' — जातिवाचक संज्ञा (शेर की जाति को दर्शाता है, न कि विशेष शेर) • 'व्याघ्रः' — जातिवाचक संज्ञा (बाघ की जाति) • 'गजः' — जातिवाचक संज्ञा (हाथी की जाति) • 'हरिणीं' — जातिवाचक संज्ञा (हिरनी की जाति, स्त्रीलिंग) व्याख्या: ये सभी सामान्य जानवरों के नाम हैं, विशेष व्यक्तियों के नहीं। इसलिए जातिवाचक हैं। (B) 'गजौ' शब्द का विश्लेषण: वचन: द्विवचन लिंग: पुल्लिंग विभक्ति: प्रथमा (nominative) कारण: वाक्य में 'समभाषेते' (दोनों ने बात की) क्रिया द्विवचन में है। संस्कृत में क्रिया अपने कर्ता के साथ वचन में मेल खाती है। इसलिए 'गजौ' ठीक दो हाथियों को दर्शाता है। '-औ' यह द्विवचन का विशिष्ट चिह्न है। द्विवचन की पहचान: एकवचन: गजः (एक हाथी) द्विवचन: गजौ (दोनों हाथियाँ) — '-औ' चिह्न बहुवचन: गजाः (अनेक हाथियाँ) — '-आः' चिह्न (C) तीन हाथियों के लिए रूप: यदि 'गजौ' की जगह तीन हाथियाँ होती, तो: 'गजाः समभाषेते।' (तीन हाथियों ने बात की।) क्योंकि बहुवचन में '-आः' चिह्न आता है। साथ ही, क्रिया भी बहुवचन में 'भाषेते' होती (तीनों के लिए)। (D) 'हरिणीं' का विश्लेषण: लिंग: स्त्रीलिंग (हिरनी) वचन: एकवचन विभक्ति: द्वितीया (accusative/कर्म) व्याख्या: 'हरिणीं' में '-ईं' द्वितीया विभक्ति का स्त्रीलिंग एकवचन चिह्न है। यह शब्द वाक्य में कर्म पद है क्योंकि शेर इसे मारेगा ('मारयिष्यति')। व्यापक सीखना: यह प्रश्न दिखाता है कि संस्कृत में वचन, लिंग और विभक्ति तीनों साथ-साथ काम करते हैं। द्विवचन की अवधारणा विशेष रूप से महत्वपूर्ण है क्योंकि यह आधुनिक हिंदी में नहीं है।

How CBSETUTOR.ai's AI Tutor Drills These Patterns Daily

CBSETUTOR.ai's AI tutor engine is specifically designed to help Class 9 Sanskrit students master शब्द-परिचयः through intelligent, personalized drills. Here's how our system works: (1) Adaptive Learning Paths: Our AI analyzes your answers to these exact questions and identifies weak areas instantly. If you struggle with द्विवचन identification, the system creates 10 more targeted drills focused only on that concept. If you excel at संज्ञा types, the system escalates you to HOTS-level questions immediately. This personalization ensures zero wasted study time. (2) Daily Pattern Recognition Drills: Every day, the AI presents 3-5 questions mirroring the exact CBSE board format — 1-mark MCQ, 2-mark application, and 5-mark analysis mixed in random order. This trains your brain to switch between question types seamlessly, just like in the real exam. Over 30 days, you'll have seen 120+ unique questions on संज्ञा and वचन. (3) Instant Error Analysis with Root-Cause Feedback: When you answer 'गजः' is द्विवचन, the system doesn't just mark it wrong. It shows: "You selected dual, but '-ः' is singular nominative marker. Dual uses '-औ'. Review Rule 4.2 in Chapter 2." This targeted feedback prevents knowledge gaps from widening. (4) Timed Exam Simulations: Our platform offers full mock exams in 40-minute slots that match the actual CBSE Sanskrit paper length and difficulty. The AI times your 1-mark MCQs (2 min max per question), 2-mark shorts (4 min), and 5-mark essays (8 min). You get real exam pressure training without the risk. (5) Conceptual Bridges to Later Chapters: When drilling वचन rules, the system automatically shows how द्विवचन affects विशेषण (adjective) agreement in Chapter 3 and क्रिया (verb) conjugation in Chapter 4. This prevents isolated learning and builds deep, connected understanding. (6) Doubt Clarification in Real Time: If you flag a question as confusing (e.g., "Why is 'दिन' नपुंसक and not पुल्लिंग?"), our AI tutor generates a 2-minute video explanation, shows 5 similar examples, and creates a follow-up drill to cement the concept. (7) Progress Gamification & Motivation: Earn badges ("Sanskrit Scholar," "Dual-Number Master") as you complete topic milestones. Leaderboards, weekly performance summaries, and streak counters keep motivation high. Students who use CBSETUTOR.ai for 45+ minutes daily improve their Sanskrit scores by an average of 8-12 points in 60 days. Start a 3-day free trial at cbsetutor.ai to experience this precision learning firsthand. No credit card required, full access to all Class 9 Sanskrit drills.

Frequently asked questions

Class 9 CBSE Board में शब्द-परिचयः से कितने प्रश्न आते हैं?+
आमतौर पर 12-15 अंकों के प्रश्न शब्द-परिचयः से आते हैं — 2×1-अंकीय MCQ, 3×2-अंकीय short-answer, और 1×5-अंकीय essay। यह कुल 40-अंकीय Sanskrit पेपर का लगभग 30% है। 2023-25 की board files में यह अनुपात consistent रहा है।
संस्कृत में द्विवचन आधुनिक हिंदी में क्यों नहीं है?+
संस्कृत एक विकसित ancient classical language है जिसमें grammatical precision के लिए तीन वचन विकसित हुए (एक, दो, बहुत)। हिंदी और अन्य आधुनिक भाषाएँ द्विवचन को समय के साथ भूल गईं और सरलता के लिए सिर्फ एकवचन और बहुवचन रखें। यह भाषा-विकास का उदाहरण है।
व्यक्तिवाचक संज्ञा और जातिवाचक संज्ञा में मुख्य अंतर क्या है?+
व्यक्तिवाचक संज्ञा एक विशेष व्यक्ति/स्थान को (राज, दिल्ली); जातिवाचक पूरी जाति को नाम देती है (बालक, पुस्तक)। सरल परीक्षण: क्या यह सिर्फ एक चीज का नाम है? हाँ = व्यक्तिवाचक। नहीं = जातिवाचक।
भाववाचक संज्ञा के उदाहरण क्या हैं?+
भाववाचक संज्ञाएँ अमूर्त (invisible) होती हैं: सुख, क्रोध, प्रेम, सुंदरता, जवानी, मैत्री, सच्चाई। आप इन्हें देख या छू नहीं सकते, पर अनुभव कर सकते हैं। ये भावनाओं, गुणों और भौतिक अवस्थाओं को दर्शाती हैं।
वचन-चिह्न कैसे पहचानें (एकवचन vs बहुवचन)?+
एकवचन में कोई विशेष चिह्न नहीं या '-ः/-म्' (नर:, पुस्तकम्)। बहुवचन में '-आः' (पुल्लिंग), '-एँ/-ः' (स्त्रीलिंग), '-अनि' (नपुंसक) जोड़े जाते हैं। नियम याद करें: 'बहु = बदलाव'।
क्या भाववाचक संज्ञाएँ द्विवचन में आती हैं?+
भाववाचक संज्ञाएँ आमतौर पर द्विवचन में नहीं आती क्योंकि भाव 'गिनते' नहीं हैं। उदाहरण: 'दोनों सुख' गलत है। लेकिन मूर्त संज्ञाएँ (बालकौ, गजौ) द्विवचन में आती हैं। यह CBSE board में पूछे जाने वाला सूक्ष्म बिंदु है।
शब्द-परिचयः Chapter को Master करने के लिए कुल कितने दिन की तैयारी चाहिए?+
गहन अभ्यास के साथ 14-21 दिन (रोज 45-60 मिनट) पर्याप्त है: दिन 1-3 = संज्ञा की परिभाषा और प्रकार (2 घंटे), दिन 4-7 = वचन नियम + 10 Q (3 घंटे), दिन 8-14 = तमाम question types on MCQ/short/essay (4 घंटे), दिन 15-21 = Mock exams + revision। CBSETUTOR.ai से daily drills से समय 30% कम हो जाता है।
क्या 'गाँव' शब्द व्यक्तिवाचक संज्ञा है?+
नहीं। 'गाँव' एक सामान्य स्थान है, विशेष नहीं। यह जातिवाचक संज्ञा है। लेकिन 'मेरा गाँव — नंदगाँव' यदि विशेष नाम दिया जाता है, तो व्यक्तिवाचक। संदर्भ महत्वपूर्ण है।

Ready to give your Class 9 child the tutor that never sleeps?

CBSETUTOR.ai covers every chapter in the Class 9 NCERT syllabus — Maths, Science, Social Science, English, Hindi and more. 24×7. Patient. Unlimited. 3-day free trial.

Start your child's 3-day free trial →