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कक्षा 9 विज्ञान अध्याय 13 अपशिष्ट जल की कहानी MCQ उत्तर सहित – पूर्ण प्रश्न बैंक

कक्षा 9 विज्ञान अध्याय 13 'अपशिष्ट जल की कहानी' CBSE पाठ्यक्रम का एक महत्वपूर्ण अध्याय है जो जल प्रदूषण, अपशिष्ट जल प्रबंधन और स्वच्छता के बारे में सिखाता है। यह अध्याय छात्रों को समझने में मदद करता है कि कैसे घरेलू और औद्योगिक अपशिष्ट जल को शुद्ध किया जाता है और पर्यावरण को कैसे बचाया जाता है। CBSETUTOR.ai के साथ इस अध्याय के सभी महत्वपूर्ण MCQ प्रश्नों का अभ्यास करें और परीक्षा में उत्कृष्ट अंक प्राप्त करें। हमारे विस्तृत प्रश्न बैंक में सभी प्रश्नों के विस्तृत उत्तर दिए गए हैं।

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अपशिष्ट जल किसे कहते हैं

अपशिष्ट जल वह जल है जो घरों, स्कूलों, कारखानों और अस्पतालों से निकलता है। इसमें मानव मल, रसायन, तेल और अन्य हानिकारक पदार्थ होते हैं। NCERT अनुसार, इस जल में सूक्ष्मजीव और विषैले रसायन होते हैं जो सीधे नदियों और तालाबों में बहाए जाने से पर्यावरण को दूषित करते हैं। इसलिए अपशिष्ट जल को शुद्ध करना आवश्यक है।

अपशिष्ट जल उपचार की प्रक्रिया

अपशिष्ट जल उपचार में प्राथमिक, द्वितीयक और तृतीयक चरण होते हैं। प्राथमिक चरण में बड़े कणों को अलग किया जाता है। द्वितीयक चरण में जीवाणु जैविक अपशिष्ट को तोड़ते हैं। तृतीयक चरण में बाकी प्रदूषकों को रसायनिक विधि से हटाया जाता है। यह पूरी प्रक्रिया शुद्ध जल प्राप्त करने के लिए महत्वपूर्ण है।

सीवेज ट्रीटमेंट प्लांट कैसे काम करता है

सीवेज ट्रीटमेंट प्लांट में अपशिष्ट जल को विभिन्न टैंकों से गुजारा जाता है। पहले स्क्रीनिंग टैंक में बड़े कण अलग होते हैं, फिर गंदगी अलग होती है। इसके बाद बैक्टीरिया द्वारा जैविक पदार्थों का विघटन होता है। अंत में, क्लोरीन या UV प्रकाश से कीटाणुरहित किया जाता है और पुनः उपयोग के लिए तैयार किया जाता है।

प्राथमिक और द्वितीयक उपचार में अंतर

प्राथमिक उपचार में यांत्रिक विधि से ठोस और तरल अपशिष्ट को अलग किया जाता है। द्वितीयक उपचार में सूक्ष्मजीवों का उपयोग करके जैविक पदार्थों को तोड़ा जाता है। प्राथमिक उपचार 30 प्रतिशत प्रदूषकों को हटाता है, जबकि द्वितीयक उपचार 90 प्रतिशत तक प्रदूषकों को हटा सकता है।

जल संरक्षण और अपशिष्ट जल प्रबंधन का महत्व

भारत में जल की कमी एक गंभीर समस्या है। अपशिष्ट जल को शुद्ध करके हम इसे सिंचाई, उद्योग और अन्य उद्देश्यों के लिए दोबारा उपयोग कर सकते हैं। यह न केवल जल की बचत करता है बल्कि नदियों और भूजल को प्रदूषण से भी बचाता है। स्मार्ट जल प्रबंधन टिकाऊ विकास की कुंजी है।

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रोगजनक जीव और जल प्रदूषण

अपशिष्ट जल में बैक्टीरिया, वायरस और प्रोटोजोआ जैसे रोगजनक जीव होते हैं जो हैजा, टाइफाइड और अन्य संक्रामक रोग फैलाते हैं। इन्हें मारने के लिए क्लोरीन, ओजोन और UV प्रकाश का उपयोग किया जाता है। स्वच्छ जल आपूर्ति सार्वजनिक स्वास्थ्य के लिए अत्यंत महत्वपूर्ण है।

अपशिष्ट जल से ऊर्जा उत्पादन

आधुनिक सीवेज ट्रीटमेंट प्लांटों में अपशिष्ट जल से जैव गैस (मेथेन) उत्पन्न की जाती है जिससे विद्युत ऊर्जा प्राप्त होती है। यह प्रक्रिया पर्यावरण के लिए फायदेमंद है और ऊर्जा संकट को कम करने में मदद करती है। भारत के कई शहरों में यह तकनीक सफलतापूर्वक लागू की जा रही है।

स्पष्ट जल प्रवाह पद्धति

स्पष्ट जल प्रवाह पद्धति में अपशिष्ट जल को धीरे-धीरे बहाया जाता है ताकि प्राकृतिक शोधन हो सके। पौधे और मिट्टी के सूक्ष्मजीव प्रदूषकों को तोड़ते हैं। यह विधि ग्रामीण क्षेत्रों में अधिक प्रभावी है और पर्यावरण के अनुकूल है।

Frequently asked questions

अपशिष्ट जल से आप क्या समझते हैं?+
अपशिष्ट जल वह दूषित जल है जो घरों, स्कूलों, कारखानों और अस्पतालों से निकलता है। इसमें मानव मल, रसायन, तेल और सूक्ष्मजीव होते हैं जो स्वास्थ्य और पर्यावरण के लिए हानिकारक हैं।
CBSETUTOR.ai पर क्या हिंदी माध्यम में समर्थन उपलब्ध है?+
हाँ, CBSETUTOR.ai पूर्ण हिंदी माध्यम समर्थन प्रदान करता है। कक्षा 9 विज्ञान के सभी अध्याय हिंदी में विस्तारित व्याख्या, MCQ और वीडियो के साथ उपलब्ध हैं।
सीवेज ट्रीटमेंट के मुख्य चरण कौन से हैं?+
सीवेज ट्रीटमेंट के तीन मुख्य चरण हैं: प्राथमिक (यांत्रिक अलगाव), द्वितीयक (जैविक अपघटन) और तृतीयक (रसायनिक शोधन) चरण।
CBSETUTOR.ai पर कोई निःशुल्क परीक्षण उपलब्ध है?+
हाँ, नए उपयोगकर्ताओं के लिए एक निःशुल्क परीक्षण अवधि उपलब्ध है जिसमें आप सभी MCQ, वीडियो और इंटरएक्टिव क्विज़ का अभ्यास कर सकते हैं।
प्राथमिक उपचार द्वितीयक उपचार से कैसे अलग है?+
प्राथमिक उपचार में यांत्रिक विधि से ठोस कण अलग किए जाते हैं। द्वितीयक उपचार में जीवाणु द्वारा जैविक पदार्थों का विघटन होता है।
अपशिष्ट जल को कीटाणुरहित करने के लिए कौन सी विधियाँ उपयोग की जाती हैं?+
क्लोरीन, ओजोन और UV प्रकाश का उपयोग करके अपशिष्ट जल को कीटाणुरहित किया जाता है। ये विधियाँ हानिकारक रोगजनक जीवों को मारती हैं।
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शहरी क्षेत्रों में अपशिष्ट जल प्रबंधन क्यों महत्वपूर्ण है?+
शहरी क्षेत्रों में बड़ी मात्रा में अपशिष्ट जल उत्पन्न होता है जो नदियों को प्रदूषित करता है। सही प्रबंधन से जल संरक्षण, स्वास्थ्य सुरक्षा और पर्यावरण संरक्षण संभव है।

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