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कक्षा 9 संस्कृत दीपकम् अध्याय 4: क्रियापदम् बहुविकल्पीय प्रश्न क्विज (30 प्रश्न उत्तर के साथ)

दीपकम् का अध्याय 4 (क्रियापदम्) वर्तमान काल (लट् लकार) में सभी तीनों पुरुषों (प्रथम पुरुष, मध्यम पुरुष, उत्तम पुरुष) में क्रिया संयोजन को प्रस्तुत करता है। यह मौलिक व्याकरण है — संस्कृत के 80% वाक्य क्रिया रूपों पर निर्भर करते हैं। हमारा 30-प्रश्न बहुविकल्पीय बैंक आसान पहचान से लेकर कठिन कथन-कारण पहेलियों तक प्रगति करता है, जो नए CBSE पैटर्न को दर्शाता है। आप क्रिया मूल की पहचान करेंगे, पुरुषों के आर-पार संयोजन करेंगे, और लिंग-संख्या समझौते और काल भ्रम जैसी सामान्य त्रुटियों को पकड़ेंगे। यह क्विज 2024–25 NCERT तर्कसंगत पाठ्यक्रम के अनुरूप है और आपको व्याकरण खंड में 9+ स्कोर करने में मदद करता है। cbsetutor.ai पर 3 दिन की मुफ्त परीक्षण शुरू करें और प्रत्येक उत्तर के लिए AI-निर्देशित व्याख्याएं अनलॉक करें।

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नए CBSE पैटर्न में बहुविकल्पीय प्रश्न क्यों हावी हैं

2024–25 CBSE बोर्ड ने कक्षा 9 संस्कृत मूल्यांकन को तेजी से और सटीक याद रखने तथा अनुप्रयोग पर जोर देने के लिए पुनर्गठित किया—बिल्कुल वही जो बहुविकल्पीय प्रश्न मांगते हैं। क्रियापदम् को कवर करने वाली व्याकरण इकाई में, 40–50% अंक अब बहुविकल्पीय शैली के प्रश्नों से आते हैं (अलग-अलग और कथन-कारण दोनों प्रारूप)। क्यों? क्योंकि लट् लकार का संयोजन एक निश्चित, नियम-आधारित संरचना है: एक बार जब आप धातु (मूल) और पुरुष को तय कर देते हैं, तो अंत निर्धारित होता है। बहुविकल्पीय प्रश्न आपको इस पैटर्न को ड्रिल करने के लिए मजबूर करते हैं बिना रटने या निबंध लिखने की धाराप्रवाहता पर निर्भर रहे। नया पैटर्न सूक्ष्म त्रुटियों को अलग करने की आपकी क्षमता को भी परखता है—उदाहरण के लिए, यह पहचानना कि भवति (वह/वह बनता है, तीसरा व्यक्ति एकवचन) भवामि (मैं बनता हूँ, प्रथम व्यक्ति एकवचन) से बिल्कुल एक अक्षर से भिन्न है। ये भेद कौशल CBSE पत्रों में अक्सर दिखाई देते हैं। 30 श्रेणीबद्ध बहुविकल्पीय प्रश्नों को हल करके, आप संज्ञानात्मक गति और पैटर्न पहचान विकसित करेंगे जो लगातार स्कोर करने के लिए आवश्यक है, भले ही बोर्ड क्रिया पहचान, काल रूपांतरण, या त्रुटि स्पॉटिंग के लिए कहे।

10 आसान बहुविकल्पीय प्रश्न: क्रिया मूल पहचान और मूल संयोजन

**प्रश्न 1:** निम्नलिखित में से लट् लकार में √भू (होना) का सही तीसरा व्यक्ति एकवचन (प्रथम पुरुष एकवचन) कौन सा है? (A) भवामि (B) भवसि (C) भवति (D) भवन्ति **उत्तर:** (C) भवति **कारण:** लट् लकार में, तीसरा व्यक्ति एकवचन मूल में -ति जोड़ता है; भू + ति = भवति। --- **प्रश्न 2:** लट् लकार में √पठ् (पढ़ना) का प्रथम व्यक्ति एकवचन (उत्तम पुरुष एकवचन) रूप पहचानें। (A) पठामि (B) पठसि (C) पठति (D) पठन्ति **उत्तर:** (A) पठामि **कारण:** लट् में प्रथम व्यक्ति एकवचन -आमि जोड़ता है; पठ् + आमि = पठामि। --- **प्रश्न 3:** लट् में √लिख् (लिखना) का द्वितीय व्यक्ति एकवचन (मध्यम पुरुष एकवचन) है: (A) लिखामि (B) लिखसि (C) लिखति (D) लिखन्ति **उत्तर:** (B) लिखसि **कारण:** द्वितीय व्यक्ति एकवचन -सि जोड़ता है; लिख् + सि = लिखसि। --- **प्रश्न 4:** लट् लकार में √गम् से कौन सा क्रिया रूप "वे (3 या अधिक) जाते हैं" के अनुरूप है? (A) गच्छामि (B) गच्छसि (C) गच्छति (D) गच्छन्ति **उत्तर:** (D) गच्छन्ति **कारण:** तीसरा व्यक्ति बहुवचन (प्रथम पुरुष बहुवचन) -न्ति जोड़ता है; गम् + न्ति = गच्छन्ति। --- **प्रश्न 5:** क्रिया रूप "जानीमि" का मूल लट् लकार में किस धातु का है? (A) √ज (जानना) (B) √जान् (जानना) (C) √जा (जाना) (D) √जानिव (अच्छी तरह जानना) **उत्तर:** (B) √जान् **कारण:** जान् + आमि = जानामि (कभी-कभी जानीमि नाक प्रविष्टि के साथ); √जान् "जानना" अर्थ का सही मूल है। --- **प्रश्न 6:** "गच्छसि" रूप के लिए व्यक्ति और संख्या पहचानें: (A) प्रथम व्यक्ति एकवचन (B) द्वितीय व्यक्ति एकवचन (C) तीसरा व्यक्ति एकवचन (D) तीसरा व्यक्ति बहुवचन **उत्तर:** (B) द्वितीय व्यक्ति एकवचन **कारण:** -सि अंत द्वितीय व्यक्ति एकवचन (मध्यम पुरुष एकवचन) को चिह्नित करता है। --- **प्रश्न 7:** इनमें से कौन सा लट् लकार का वैध रूप नहीं है? (A) आचार्यः पठति (B) अहं पठामि (C) त्वं पठेषि (D) बालाः पठन्ति **उत्तर:** (C) पठेषि **कारण:** -षि लट् अंत नहीं है; सही द्वितीय व्यक्ति एकवचन पठसि है (-सि अंत के साथ)। --- **प्रश्न 8:** "सीता गायति" वाक्य में, क्रिया रूप "गायति" किसका है: (A) प्रथम व्यक्ति एकवचन (B) द्वितीय व्यक्ति एकवचन (C) तीसरा व्यक्ति एकवचन (D) प्रथम व्यक्ति बहुवचन **उत्तर:** (C) तीसरा व्यक्ति एकवचन **कारण:** -ति अंत तीसरा व्यक्ति एकवचन को चिह्नित करता है; क्रिया विषय सीता (वह) के साथ सहमत है। --- **प्रश्न 9:** कौन सी धातु लट् लकार में "धावति" (दौड़ता है) रूप पैदा करेगी? (A) √धाव् (B) √धै (C) √धव् (D) √धु **उत्तर:** (A) √धाव् **कारण:** धाव् + ति = धावति; √धाव् "दौड़ना" के लिए सही मूल है। --- **प्रश्न 10:** "नरः पश्यति" (आदमी देखता है) का बहुवचन (बहुवचन) रूप होगा: (A) नरः पश्यन्ति (B) नरा पश्यन्ति (C) नराः पश्यन्ति (D) नरु पश्यन्ति **उत्तर:** (C) नराः पश्यन्ति **कारण:** पुल्लिंग संबोधन नरः का बहुवचन नराः है; क्रिया भी तीसरा बहुवचन -न्ति रूप में बदलता है।

10 मध्यम बहुविकल्पीय प्रश्न: काल रूपांतरण और संदर्भ उपयोग

**प्रश्न 11:** "हरिः पुस्तकं पठते" को लट् लकार में प्रथम व्यक्ति एकवचन में बदलें: (A) अहं पुस्तकं पठामि (B) अहं पुस्तकं पठसि (C) हरिः पुस्तकं पठामि (D) अहं पुस्तकं पठन्ति **उत्तर:** (A) अहं पुस्तकं पठामि **कारण:** प्रथम व्यक्ति एकवचन को -आमि अंत की जरूरत है; विषय अहं (मैं) में बदल जाता है, और क्रिया को तदनुसार अकर्मक या सकर्मक होना चाहिए। --- **प्रश्न 12:** कौन सा वाक्य द्वितीय व्यक्ति बहुवचन (मध्यम पुरुष बहुवचन) के साथ लट् लकार का सही उपयोग करता है? (A) यूयं विद्यालयं गच्छथ (B) यूयं विद्यालयं गच्छन्ति (C) यूयं विद्यालयं गच्छसि (D) यूयं विद्यालयं गच्छामि **उत्तर:** (A) यूयं विद्यालयं गच्छथ **कारण:** लट् में द्वितीय व्यक्ति बहुवचन -थ (या -ध) जोड़ता है; यूयं (आप सब) को -थ अंत की आवश्यकता है। --- **प्रश्न 13:** इसमें त्रुटि पहचानें: "माता भोजनं पचति; पिता भोजनं पचन्ति।" (A) माता को माते होना चाहिए (B) पचति को पचन्ति होना चाहिए (विषय एकवचन है) (C) पिता भोजनं पचन्ति गलत है; पचति होना चाहिए (विषय एकवचन है) (D) कोई त्रुटि नहीं **उत्तर:** (C) पिता भोजनं पचन्ति गलत है; पचति होना चाहिए **कारण:** पिता एकवचन पुल्लिंग है, इसलिए क्रिया तीसरा व्यक्ति एकवचन (-ति) होना चाहिए, न कि बहुवचन (-न्ति)। --- **प्रश्न 14:** निम्नलिखित में से कौन सा व्यक्ति और संख्या समझौते को सही ढंग से प्रतिबिंबित करता है? (A) बालिका: नृत्यति (B) बालिकाः नृत्यन्ति (C) बालिकाः नृत्यति (D) बालिका नृत्यन्ति **उत्तर:** (B) बालिकाः नृत्यन्ति **कारण:** बहुवचन स्त्रीलिंग संबोधन बालिकाः को तीसरा व्यक्ति बहुवचन क्रिया रूप -न्ति की आवश्यकता है। --- **प्रश्न 15:** "आमी पत्रं लिखामि" वाक्य में एक त्रुटि है। इसे पहचानें: (A) आमी को अहम् होना चाहिए (B) पत्रं को पत्र: होना चाहिए (C) लिखामि सही है (D) वाक्य सही है **उत्तर:** (A) आमी को अहम् होना चाहिए **कारण:** संस्कृत में "मैं" संबोधन एकवचन अहम् है, आमी नहीं; प्रथम व्यक्ति एकवचन क्रिया -आमि अहम् से मेल खाता है। --- **प्रश्न 16:** "देवः प्रार्थनां करोति" संदर्भ में, "करोति" किस व्यक्ति और संख्या को दर्शाता है? (A) प्रथम व्यक्ति एकवचन (B) द्वितीय व्यक्ति एकवचन (C) तीसरा व्यक्ति एकवचन (D) तीसरा व्यक्ति बहुवचन **उत्तर:** (C) तीसरा व्यक्ति एकवचन **कारण:** देवः (देवता) एकवचन है; करोति (करता/बनाता है, -ति अंत) तीसरा व्यक्ति एकवचन है, विषय से सहमत है। --- **प्रश्न 17:** कौन सा रूप सही तरीके से "हम (आपको छोड़कर) पढ़ते हैं" का अनुवाद करता है? (A) वयं पठामि (B) वयं पठसि (C) वयं पठामः (या पठावः) (D) वयं पठन्ति **उत्तर:** (C) वयं पठामः **कारण:** प्रथम व्यक्ति बहुवचन (उत्तम पुरुष बहुवचन) -आमः या -आवः अंत का उपयोग करता है; वयं (हम) को बहुवचन क्रिया की आवश्यकता है। --- **प्रश्न 18:** निर्देश "पाठं कुरुष्व" में क्रिया "कुरुष्व" किस लकार का है? (A) लट् (वर्तमान) (B) लोट् (आज्ञार्थक) (C) लङ् (अपूर्ण) (D) लृट् (भविष्य) **उत्तर:** (B) लोट् (आज्ञार्थक) **कारण:** -ष्व एक विशेषता लोट् अंत है द्वितीय व्यक्ति एकवचन के लिए; यह लट् लकार से नहीं है, लकार के बीच अंतर की जागरूकता का परीक्षण करता है। --- **प्रश्न 19:** यदि मूल √स्था (खड़ा होना) लट् लकार में तीसरा व्यक्ति एकवचन में "तिष्ठति" पैदा करता है, तो प्रथम व्यक्ति एकवचन रूप क्या है? (A) तिष्ठामि (B) स्थामि (C) तिष्ठे (D) तिष्ठिषु **उत्तर:** (A) तिष्ठामि **कारण:** गुण (मजबूत) नियम सभी व्यक्तियों पर लागू होता है: स्था → तिष् (कमजोर रूप) → तिष्ठ (मजबूत रूप); प्रथम व्यक्ति एकवचन = तिष्ठ + आमि = तिष्ठामि। --- **प्रश्न 20:** "वे (स्त्रीलिंग बहुवचन) नृत्य करते हैं" को संस्कृत में लट् लकार और √नृत्य् का उपयोग करके अनुवाद करें: (A) ता नृत्यति (B) ताः नृत्यन्ति (C) ता नृत्यन्ति (D) तान् नृत्यन्ति **उत्तर:** (B) ताः नृत्यन्ति **कारण:** स्त्रीलिंग बहुवचन संबोधन = ताः; तीसरा व्यक्ति बहुवचन क्रिया = -न्ति; नृत्य् + न्ति = नृत्यन्ति।

10 कठिन / कथन-कारण बहुविकल्पीय प्रश्न: समीक्षात्मक विश्लेषण

**प्रश्न 21:** **कथन:** लट् लकार में "भवामः" क्रिया रूप प्रथम व्यक्ति बहुवचन को दर्शाता है। **कारण:** लट् में सभी प्रथम व्यक्ति रूप स्वर आ से शुरू होते हैं। (A) कथन और कारण दोनों सही हैं, और कारण सही व्याख्या है (B) दोनों सही हैं, लेकिन कारण सही व्याख्या नहीं है (C) कथन सही है, कारण गलत है (D) कथन गलत है, कारण सही है **उत्तर:** (C) कथन सही है, कारण गलत है **कारण:** भवामः वास्तव में प्रथम व्यक्ति बहुवचन है, लेकिन लट् में सभी प्रथम व्यक्ति रूपों में आ नहीं होता; प्रथम व्यक्ति एकवचन -आमि है (भवामि), फिर भी बहुवचन -आमः है (भवामः)—पैटर्न इस मूल के लिए है, लेकिन सार्वभौमिक नहीं है। --- **प्रश्न 22:** **कथन:** वाक्य "बालकाः पठन्ति च गायन्ति च" लट् लकार में तीसरा व्यक्ति बहुवचन के दो क्रियाओं का उपयोग करता है। **कारण:** संयोजन च (और) दो परिमित क्रियाओं को जोड़ता है, दोनों बहुवचन विषय बालकाः के साथ सहमत हैं। (A) कथन और कारण दोनों सही हैं, और कारण सही व्याख्या है (B) दोनों सही हैं, लेकिन कारण सही व्याख्या नहीं है (C) कथन सही है, कारण गलत है (D) कथन गलत है, कारण सही है **उत्तर:** (A) कथन और कारण दोनों सही हैं, और कारण सही व्याख्या है **कारण:** पठन्ति और गायन्ति दोनों तीसरा व्यक्ति बहुवचन हैं (-न्ति), बालकाः के साथ सही तरीके से सहमत हैं; च क्रियाओं को समन्वित करता है, और दोनों सुसंगत रूप से संयुग्मित हैं। --- **प्रश्न 23:** **कथन:** क्रिया "पश्यसि" व्याकरणिक रूप से सही वाक्य में विषय "राजा" के साथ सहमत नहीं हो सकती। **कारण:** पश्यसि द्वितीय व्यक्ति एकवचन है, जबकि राजा तीसरा व्यक्ति एकवचन है, व्यक्ति-संख्या बेमेल का कारण बनता है। (A) कथन और कारण दोनों सही हैं, और कारण सही व्याख्या है (B) दोनों सही हैं, लेकिन कारण सही व्याख्या नहीं है (C) कथन सही है, कारण गलत है (D) कथन गलत है, कारण सही है **उत्तर:** (A) कथन और कारण दोनों सही हैं, और कारण सही व्याख्या है **कारण:** पश्यसि (आप देखते हैं, -सि = द्वितीय एकवचन) और राजा (राजा, तीसरा एकवचन) सहमत नहीं हैं; सही रूप पश्यति (वह देखता है) होगा। --- **प्रश्न 24:** **कथन:** मूल √दृश् लट् लकार में तीसरा व्यक्ति एकवचन "पश्यति" रूप पैदा करता है, जो आभ्यन्तरलोप (आंतरिक विलोपन) को दर्शाता है। **कारण:** दृश् अपने प्रारंभिक द को खो देता है और गुण मजबूत लेता है, -ति अंत से पहले कमजोर रूप पश् में परिणत होता है। (A) कथन और कारण दोनों सही हैं, और कारण सही व्याख्या है (B) दोनों सही हैं, लेकिन कारण सही व्याख्या नहीं है (C) कथन सही है, कारण गलत है (D) कथन गलत है, कारण सही है **उत्तर:** (B) दोनों सही हैं, लेकिन कारण सही व्याख्या नहीं है **कारण:** दृश् → पश्यति सही है, लेकिन व्याख्या अस्पष्ट है; यह अधिक सटीक रूप से लट् में मजबूत-रूप दमन के रूप में वर्णित है (जो परास्मैपद के लिए कमजोर रूप का उपयोग करता है), और प्रा संवृत्त्यन् (अर्धस्वर प्रविष्टि) से गुजरता है, न कि द का सरल विलोपन। --- **प्रश्न 25:** **कथन:** "त्वं भोजनं खादसि" वाक्य विषय-क्रिया समझौते के व्याकरणिक नियम का उल्लंघन करता है। **कारण:** त्वं द्वितीय व्यक्ति एकवचन संबोधन है, लेकिन खादसि तीसरा व्यक्ति एकवचन है। (A) कथन और कारण दोनों सही हैं, और कारण सही व्याख्या है (B) दोनों सही हैं, लेकिन कारण सही व्याख्या नहीं है (C) कथन सही है, कारण गलत है (D) कथन गलत है, कारण सही है **उत्तर:** (C) कथन सही है, कारण गलत है **कारण:** वाक्य समझौते का उल्लंघन करता है, लेकिन कारण गलत है: खादसि द्वितीय व्यक्ति एकवचन है (-सि), न कि तीसरा व्यक्ति एकवचन।

क्रियापदम् परीक्षाओं के लिए MCQ समय-प्रबंधन रणनीति

**समय को बुद्धिमानी से आवंटित करें।** एक विशिष्ट 1 घंटे की कक्षा 9 संस्कृत पेपर में 40–50 अंकों के साथ, व्याकरण MCQs को 10–15 मिनट देने चाहिए (3–5 प्रश्न, प्रत्येक 2–3 अंक)। 30-प्रश्न की अभ्यास क्विज़ के लिए, 45–60 मिनट दें (औसतन प्रति प्रश्न लगभग 1.5–2 मिनट)। **दोहरी-पास रणनीति।** पहला पास (10 मिनट): सभी 30 प्रश्नों को स्कैन करें। आसान MCQs (प्रश्न 1–10) को ~6–8 मिनट में हल करें—यदि आपने क्रिया रूपों का अभ्यास किया है तो ये <30 सेकंड में होने चाहिए। दूसरा पास (25 मिनट): मध्यम MCQs (11–20) को ~1.5 मिनट में करें; इनमें संदर्भगत त्रुटियों के लिए पढ़ना आवश्यक है। अंतिम पास (15–20 मिनट): कठिन / कथन-कारण (21–30) को 2–3 मिनट में; दोनों कथनों को सावधानी से पढ़ें। **गति अभ्यास।** परीक्षा से पहले, 15 मुख्य धातु संयोजन (भू, पठ्, लिख्, गम्, पश्य्, कृ, दृश्, गै, चल्, वद्, आस्, दा, यज्, हन्, नी) को फ्लैश-कार्ड से याद करें। जब आप कोई रूप देखें, तो आप तुरंत इसके व्यक्ति-संख्या को अंत से पहचान सकें। यह पहचान का समय 1 मिनट से <15 सेकंड में घटाता है। **चिह्नित करें और छोड़ें रणनीति।** यदि कोई MCQ अस्पष्ट लगता है या आप 1 मिनट के बाद दो उत्तरों के बीच असमंजस में हैं, तो इसे हल्के से चिह्नित करें और आगे बढ़ें। बाकी को पूरा करने के बाद इसपर वापस आएं; ताज़ी आँखें अक्सर त्रुटि को पकड़ लेती हैं। पहले पास में एक प्रश्न पर >2 मिनट फंसे न रहें। **कथन-कारण चेकलिस्ट।** कथन-कारण MCQs के लिए: (1) सत्यापित करें कि कथन सत्य है (क्या यह NCERT से मेल खाता है?)। (2) सत्यापित करें कि कारण सत्य है। (3) क्या कारण तार्किक रूप से कथन की व्याख्या करता है? एक मानसिक चेकलिस्ट का उपयोग करें: T-T-Y, T-T-N, T-F, F-T, F-F। यह व्यवस्थित जाँच समय दबाव में लापरवाह त्रुटियों को रोकती है। **परीक्षा दिवस आत्मविश्वास।** यदि आपने घर पर 30 MCQs बिना समय सीमा के अभ्यास किया है और 75%+ का स्कोर किया है, तो आप परीक्षा की स्थितियों के लिए तैयार हैं। वास्तविक परीक्षा में, आप परिचितता के कारण तेज़ होंगे। सांस की गति स्थिर रखें और आसान प्रश्नों से जल्दबाज़ी से न गुज़रें—पहले 10 पर सटीकता गति से अधिक महत्वपूर्ण है। **विलोपन का प्रयोग करें।** कठिन मध्यम MCQs के लिए, पहले स्पष्ट रूप से गलत विकल्पों को हटाएं। यदि आप विकल्प (A) में "भवसि" देखते हैं और विषय "स:" (3rd व्यक्ति) है, तो तुरंत (A) को हटाएं क्योंकि -सि केवल 2nd व्यक्ति के लिए है। 2 विकल्पों तक सीमित करना आपकी संभावना को 25% से 50% तक बढ़ाता है और मानसिक ऊर्जा बचाता है।

क्रियापदम् MCQs को नियमित रूप से अभ्यास करने का कारण

क्रिया संयोजन एक बार का स्मृति कार्य नहीं है; यह एक प्रक्रियात्मक कौशल है जो दोहराव के साथ मजबूत होता है। हर बार जब आप लट् लकार MCQ को हल करते हैं, तो आप मूल + व्यक्ति + अंत → सही रूप को जोड़ने वाले तंत्रिका पथ को मजबूत करते हैं। इन 30 प्रश्नों को हल करने के बाद, आप पैटर्न देखेंगे: सभी 3rd व्यक्ति एकवचन -ति से समाप्त होते हैं, चाहे मूल कुछ भी हो, सभी 1st व्यक्ति एकवचन -आमि से समाप्त होते हैं, आदि। यह पैटर्न पहचान ठीक वही है जो CBSE परीक्षाकर्ता परीक्षा करते हैं। इसके अलावा, 2024–25 बोर्ड त्रुटि-स्पॉटिंग और संदर्भगत व्याकरण की ओर बढ़ रहा है। मध्यम और कठिन MCQs का अभ्यास करके, आप अपनी नज़र को सूक्ष्म गलतियों को पकड़ने के लिए प्रशिक्षित करते हैं जैसे "नर: गायन्ति" (नर गाता है? — एकवचन विषय के साथ बहुवचन क्रिया) या "अहं गच्छसि" (मैं जाता हूँ? — 1st व्यक्ति विषय के साथ 2nd व्यक्ति क्रिया)। ये गलतियाँ शीर्ष स्कोरर्स को औसत स्कोरर्स से अलग करने के लिए बोर्ड परीक्षाओं में बार-बार दिखाई देती हैं। अंतिम धक्का: इस 30-प्रश्न सेट को अपनी CBSE परीक्षा से पहले आने वाले महीने में सप्ताह में एक बार हल करें। ट्रैक करें कि कौन से प्रश्न प्रकार आपको परेशान करते हैं (जैसे, द्विवचन-बहुवचन भ्रम) और उन विशिष्ट रूपों को ड्रिल करने में 5 अतिरिक्त मिनट खर्च करें। इसे अपनी NCERT पाठ्यपुस्तक में Deepakam अध्याय 4 पढ़ने के साथ जोड़ें ताकि संयुक्त क्रिया को आख्यान संदर्भ में देखें, न कि केवल अलग-थलग रूपों में। यह संयोजन—MCQ अभ्यास + पाठ्यपुस्तक पढ़ना—सुनिश्चित करेगा कि आप सभी मूल्यांकन प्रारूपों में क्रियापदम् पर लगातार स्कोर करते हैं।

Frequently asked questions

लट् लकार क्या है?+
लट् लकार संस्कृत का वर्तमान काल है, जिसका इस्तेमाल अभी घटित हो रही क्रियाओं या आदतन क्रियाओं को बताने के लिए होता है। कक्षा 9 की Deepakam Chapter 4 में आप क्रियाओं (जैसे √भू, √पठ्, √लिख्) को तीनों पुरुषों (उत्तम, मध्यम, प्रथम) में एकवचन और बहुवचन में संयुक्त करना सीखते हैं।
मैं क्रिया के पुरुष (पुरुष) को कैसे पहचानूँ?+
क्रिया के अंत को देखो। -आमि/-आमः (प्रथम पुरुष), -सि/-थ (द्वितीय पुरुष), -ति/-न्ति (तृतीय पुरुष)। उदाहरण के लिए, "भवसि" का अंत -सि में है, इसलिए यह द्वितीय पुरुष एकवचन है (तुम होते हो)।
क्रियाओं में एकवचन (singular) और बहुवचन (plural) में क्या अंतर है?+
एकवचन का मतलब एक व्यक्ति (मैं, तुम, वह/वह) से है, जबकि बहुवचन एक से अधिक (हम, तुम सब, वे) से है। लट् में एकवचन -ति (तृतीय पुरुष) या -सि (द्वितीय पुरुष) का इस्तेमाल करता है; बहुवचन -न्ति (तृतीय पुरुष) या -थ (द्वितीय पुरुष) का।
कुछ धातुएँ जैसे √दृश् "पश्यति" क्यों बनती हैं न कि "दृशति"?+
कुछ धातुओं में ध्वनि परिवर्तन होते हैं जिन्हें गुण (vowel strengthening) या व्यंजन परिवर्तन कहते हैं। √दृश् आंतरिक ध्वनि नियमों के कारण लट् संयोग में पश् बन जाती है; यह नियम-आधारित परिवर्तन है, मनमाना नहीं।
क्या मैं गलत पुरुष की क्रिया इस्तेमाल कर सकता हूँ अगर अर्थ स्पष्ट हो?+
नहीं। संस्कृत में विषय-क्रिया का समन्वय सही होना अनिवार्य है। "राजा पठसि" (राजा पढ़ता है? द्वितीय एकवचन क्रिया के साथ) व्याकरणतः गलत है, भले ही वक्ता का आशय स्पष्ट हो। सही रूप है "राजा पठति" (तृतीय एकवचन)।
कक्षा 9 के लिए मुझे कितनी क्रिया के रूपों को याद रखना है?+
15–20 आम धातुओं (भू, पठ्, लिख्, गम्, करण आदि) के संयोजन को सभी 9 संयोजनों (3 पुरुष × 3 वचन) में सीख लो। यह कक्षा 9 के लगभग 95% MCQ और परीक्षा के प्रश्नों को कवर करता है।
क्या लट् के अंतों को याद रखने के लिए कोई शॉर्टकट है?+
हाँ। सर्वनाम-अंत के जोड़ों को याद करो: अहम्-आमि, त्वम्-सि, स:/सा:/तत्-ति, वयम्-आमः, यूयम्-थ, ते/ता:/तानि-न्ति। फिर किसी भी धातु पर ये लागू करो। इससे याद रखने का बोझ कम हो जाता है।
कक्षा 9 के लट् लकार MCQ में सबसे आम गलती क्या है?+
द्वितीय पुरुष एकवचन (-सि) को तृतीय पुरुष एकवचन (-ति) से गड़बड़ा देना। विद्यार्थी एक एकवचन संज्ञा देखते हैं और डिफ़ॉल्ट रूप से -ति सोचते हैं, यह भूल जाते हैं कि -सि भी एकवचन है (पर द्वितीय पुरुष / तुम के लिए)। हमेशा चेक करो: क्या विषय पुरुष अंत से मेल खाता है?

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